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परिणाम ाषित होने के बाद रद्द नहीं हो सकता परिणाम
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परिणाम घोषित होने के बाद फर्जी मतदान पर रद्द नहीं हो सकता चुनाव
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने कहा कि मतदान के बाद परिणाम घोषित होने के बाद चुनाव इस आधार पर नहीं रद्द किया जा सकता है कि मतदान के बाद बवाल हुआ और मतदान फर्जी किया गया। परिणाम घोषित होने के बाद फर्जी मतदान की शिकायत पर जिलाधिकारी कौशांबी द्वारा परिणाम रद्द करने के आदेश को हाईकोर्ट ने गलत मानते हुए रद्द कर दिया है। जिलाधिकारी ने बख्शीपार गांव में सस्ते गल्ले की दुकान के आवंटन हेतु हुए मतदान का परिणाम घोषित होने के बाद हुए बवाल के मद्देनजर परिणाम रद्द कर दिया था।
आवंटी धर्मराज ने इसके खिलाफ याचिका दाखिल की थी। याचिका पर न्यायमूर्ति बी अमित स्थालकर और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता बीएन सिंह का कहना था कि तीन बजे ग्र्राम प्रधान ने सभी सहमति और हस्ताक्षर लेने के बाद चुनाव परिणाम घोषित किया। इसके डेढ़ घंटे बाद लोगों ने फर्जी मतदान का आरोप लगाते हुए बवाल कर दिया।
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परिणाम घोषित होने के बाद फर्जी मतदान पर रद्द नहीं हो सकता चुनाव
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने कहा कि मतदान के बाद परिणाम घोषित होने के बाद चुनाव इस आधार पर नहीं रद्द किया जा सकता है कि मतदान के बाद बवाल हुआ और मतदान फर्जी किया गया। परिणाम घोषित होने के बाद फर्जी मतदान की शिकायत पर जिलाधिकारी कौशांबी द्वारा परिणाम रद्द करने के आदेश को हाईकोर्ट ने गलत मानते हुए रद्द कर दिया है। जिलाधिकारी ने बख्शीपार गांव में सस्ते गल्ले की दुकान के आवंटन हेतु हुए मतदान का परिणाम घोषित होने के बाद हुए बवाल के मद्देनजर परिणाम रद्द कर दिया था।
आवंटी धर्मराज ने इसके खिलाफ याचिका दाखिल की थी। याचिका पर न्यायमूर्ति बी अमित स्थालकर और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता बीएन सिंह का कहना था कि तीन बजे ग्र्राम प्रधान ने सभी सहमति और हस्ताक्षर लेने के बाद चुनाव परिणाम घोषित किया। इसके डेढ़ घंटे बाद लोगों ने फर्जी मतदान का आरोप लगाते हुए बवाल कर दिया।
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