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रिटायर इंजीनियर के उत्पीड़न पर जवाब तलब
Updated Tue, 14 Nov 2017 08:34 PM IST
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वाराणसी के ध्यानार्थ
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रिटायर इंजीनियर के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर जवाब तलब
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने रिटायर्ड पीडब्ल्यूडी इंजीनियर के खिलाफ दस वर्ष पूर्व दर्ज प्राथमिकी पर की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर प्रमुख सचिव गृह से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है। रिटायर सहायक अभियंता आरके राम गुप्ता की याचिका पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति वीके सिंह की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
कोर्ट ने पूछा है कि अक्तूबर 2007 में दर्ज प्राथमिकी पर दस वर्ष बाद अचानक किस कारण से कार्रवाई की जा रही है। याची के खिलाफ आईपीसी सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में 11 अक्तूबर 2007 में मुकदमा दर्ज किया गया था। वह चंदौली जिले में सहायक अभियंता के पद पर 2000 से 2003 तक तैनात था। प्राथमिकी चंदौली के कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई। याची 30 नवंबर 2014 को रिटायर हो गया। उस पर सड़क और पुलिस निर्माण में अनियमितता के आरोप थे। विभागीय जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई गई। उसने अभियोजन स्वीकृति और प्राथमिकी को चुनौती दी है। याचिका पर 21 नवंबर को सुनवाई होगी।
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रिटायर इंजीनियर के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर जवाब तलब
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने रिटायर्ड पीडब्ल्यूडी इंजीनियर के खिलाफ दस वर्ष पूर्व दर्ज प्राथमिकी पर की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर प्रमुख सचिव गृह से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है। रिटायर सहायक अभियंता आरके राम गुप्ता की याचिका पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति वीके सिंह की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
कोर्ट ने पूछा है कि अक्तूबर 2007 में दर्ज प्राथमिकी पर दस वर्ष बाद अचानक किस कारण से कार्रवाई की जा रही है। याची के खिलाफ आईपीसी सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में 11 अक्तूबर 2007 में मुकदमा दर्ज किया गया था। वह चंदौली जिले में सहायक अभियंता के पद पर 2000 से 2003 तक तैनात था। प्राथमिकी चंदौली के कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई। याची 30 नवंबर 2014 को रिटायर हो गया। उस पर सड़क और पुलिस निर्माण में अनियमितता के आरोप थे। विभागीय जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई गई। उसने अभियोजन स्वीकृति और प्राथमिकी को चुनौती दी है। याचिका पर 21 नवंबर को सुनवाई होगी।
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