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नाराज तीर्थपुरोहितों ने जलाया अभिषेक, ऐश्वर्या का पुतला
Updated Sat, 05 Aug 2017 10:04 PM IST
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नाराज तीर्थपुरोहितों ने जलाया अभिषेक, ऐश्वर्या का पुतला
- प्रयाग धर्म संघ ने कहा, प्रयाग के तीर्थपुरोहितों का अपमान
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में शामिल न किए पर शनिवार को संगम क्षेत्र में स्थानीय तीर्थ पुरोहितों ने ऐश्वर्या और अभिषेक बच्चन के खिलाफ नारे लगाए और पुतला भी जलाया।
वहीं प्रयाग धर्मसंघ के आह्वान पर जुटे तीर्थपुरोहितों ने दो टूक कहा, किसी भी सनातन धर्मी को संगम में अस्थि विसर्जन का अधिकार है, लेकिन इसकी अपनी मान्यता और विधान है जिसका बच्चन परिवार ने खंडन किया है। यह परंपरा दुखद और प्रयाग के तीर्थपुरोहितों का अपमान है। अस्थि विसर्जन में बाहरी पुरोहित का होना धार्मिक व्यवस्था के विपरीत है जिसका तीर्थपुरोहित समाज विरोध करता है।
बैठक और विरोध करने वालों में सुभाष पांडेय, अजय पांडेय, राजेंद्र पालीवाल, विष्णु प्रसाद प्रोहा, गोपाल मिश्र, प्रभाकर पांडेय, राजेश तिवारी, संतोष भारद्वाज, अमित, बृजेश, आशुतोष, रवि, उपेंद्र, रीतेश, सचिन, चंकी, राजेश आदि शामिल थे।
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- फिर दोहराई गलती
तीर्थपुरोहितों ने कहा पिता की अस्थियां विसर्जित करने अभिताभ जब काशी के पुरोहित लेकर आए तो उसका विरोध किया गया था। ऐसे में अगली बार जब अमिताभ मां तेजी बच्चन की अस्थियां विसर्जित करने आए तो उन्होंने संगम नगरी के तीर्थपुरोहितों से ही अस्थिविसर्जन की पूजा कराई। दोनों स्थितियों से परिचित अभिषेक ने फिर पहली वाली गलती दोहराई और बाहर से पुरोहित लेकर आए।
- इक्यावन सौ रुपये दक्षिणा
पिता की अस्थियां विसर्जित करने के बाद ऐश्वर्या के भाई आदित्य राज ने स्थानीय तीर्थपुरोहित प्रभाकर पांडेय को दक्षिणा के तौर पर इक्यावन सौ रुपये दिए, लेकिन अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में स्थानीय पुरोहितों को शामिल न किए जाने के विरोधस्वरूप उन्होंने वह राशि घाट पर मौजूद संगम नागरिक समाज में बांट दिया।
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- प्रयाग धर्म संघ ने कहा, प्रयाग के तीर्थपुरोहितों का अपमान
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में शामिल न किए पर शनिवार को संगम क्षेत्र में स्थानीय तीर्थ पुरोहितों ने ऐश्वर्या और अभिषेक बच्चन के खिलाफ नारे लगाए और पुतला भी जलाया।
वहीं प्रयाग धर्मसंघ के आह्वान पर जुटे तीर्थपुरोहितों ने दो टूक कहा, किसी भी सनातन धर्मी को संगम में अस्थि विसर्जन का अधिकार है, लेकिन इसकी अपनी मान्यता और विधान है जिसका बच्चन परिवार ने खंडन किया है। यह परंपरा दुखद और प्रयाग के तीर्थपुरोहितों का अपमान है। अस्थि विसर्जन में बाहरी पुरोहित का होना धार्मिक व्यवस्था के विपरीत है जिसका तीर्थपुरोहित समाज विरोध करता है।
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बैठक और विरोध करने वालों में सुभाष पांडेय, अजय पांडेय, राजेंद्र पालीवाल, विष्णु प्रसाद प्रोहा, गोपाल मिश्र, प्रभाकर पांडेय, राजेश तिवारी, संतोष भारद्वाज, अमित, बृजेश, आशुतोष, रवि, उपेंद्र, रीतेश, सचिन, चंकी, राजेश आदि शामिल थे।
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- फिर दोहराई गलती
तीर्थपुरोहितों ने कहा पिता की अस्थियां विसर्जित करने अभिताभ जब काशी के पुरोहित लेकर आए तो उसका विरोध किया गया था। ऐसे में अगली बार जब अमिताभ मां तेजी बच्चन की अस्थियां विसर्जित करने आए तो उन्होंने संगम नगरी के तीर्थपुरोहितों से ही अस्थिविसर्जन की पूजा कराई। दोनों स्थितियों से परिचित अभिषेक ने फिर पहली वाली गलती दोहराई और बाहर से पुरोहित लेकर आए।
- इक्यावन सौ रुपये दक्षिणा
पिता की अस्थियां विसर्जित करने के बाद ऐश्वर्या के भाई आदित्य राज ने स्थानीय तीर्थपुरोहित प्रभाकर पांडेय को दक्षिणा के तौर पर इक्यावन सौ रुपये दिए, लेकिन अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में स्थानीय पुरोहितों को शामिल न किए जाने के विरोधस्वरूप उन्होंने वह राशि घाट पर मौजूद संगम नागरिक समाज में बांट दिया।