नैनी जेल के 100 कैदियों से पूछताछ, बयान दर्ज
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वायरल फोटो में शराब और मुर्गे की दावत उड़ा रहे अपराधियों की यह फोटो कहां की हैं, अधिकारी दिन भर इस सवाल का जवाब खोजने में जुटे रहे। डीआईजी जेल बीआर वर्मा ने सर्किल एक में 100 कैदियों से पूछताछ के बाद उनके बयान दर्ज किए। इसके अलावा फोटो में दिख रहे कैदियों के सामान की भी तलाशी ली गई। उनके साथ अन्य कैदियों की भी तलाशी ली गई। दीवारों, फर्श तथा अन्य चीजों के फोटोग्राफ लिए गए। इसके अलावा डीआईजी ने सर्किल के वार्डेन, हेड वार्डेन और सर्किल अफसर से भी पूछताछ की। पिछले कुछ दिनों के दौरान कैदियों की गतिविधियों की रिपोर्ट मांगी गई है। कैदियों से कहा गया है कि अगर वे चाहें तो अलग से गोपनीय ढंग से बयान दर्ज करा सकते हैं।
डीआईजी जेल बीआर वर्मा की दिन भर की जांच के बाद पता चला है कि नैनी जेल की बताई जा रही वायरल फोटो में दिख रही दीवार और फर्श के रंग मैच नहीं हुए हैं। दोनों के रंग अलग-अलग हैं। डीआईजी ने कहा है कि फोटो में कुछ कैदी पार्टी मनाते हुए दिख रहे हैं। वायरल फोटो कहां की है, गुरुवार तक पता चल जाएगा। फिलहाल उन्होंने सर्किल एक के बैरक तीन समेत अन्य स्थानों की भी जांच की है। उन्होंने डिप्टी जेलर के आफिस के कलर को भी देखा है, फोटो वहां की भी नहीं है।
डीआईजी जेल ने बताया कि बैरक की दीवारें गेरुआ रंग की हैं, जबकि फोटो में दिख रही दीवार में गहरे लाल रंग का पेंट है। जेल की सर्किल और बैरक की जमीन सीमेंटेड है, जबकि वायरल फोटो में फर्श पर संगमरमर लगा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इतना कहा जा सकता है कि वायरल फोटो में दीवार का जो कलर और फर्श दिख रही है, वैसी जेल में नहीं है। अब फोटो कहां की है, इसकी जांच जारी है। गुरुवार तक साफ हो जाएगा कि फोटो कहां की है। जिन अपराधियों की फोटो दिख रही है, उनसे भी पूछताछ की जा रही है। तमाम कैदियों ने भी बयान में यही कहा है कि जेल में कोई पार्टी नहीं हुई है। अगर फोटो जेल की नहीं तो कहां की है, इस पर भी जेल में तरह तरह की चर्चाएं रहीं। जेल अधिकारियों का मानना है कि किसी ने शरारतन पुरानी फोटो को जेल की फोटो बताया है।
0 बैरक को गेरूआ रंग से पोता गया है जबकि फोटो में दिख रहा है कि दीवार पर गहरे लाल रंग का पेंट किया गया है।
0 बैरक की फर्श सीमेंटेड है जबकि फोटो में नक्काशीदार संगमरमर दिख रहा है जो जेल में कहीं नहीं लगा है।
0 100 से अधिक कैदियों से पूछताछ में किसी ने भी नहीं बताया कि वहां हाल में कोई पार्टी हुई थी। सभी बोले यहां कोई पार्टी नहीं हुई।
बुधवार को डीआईजी जेल वीआर वर्मा ने पूर्वाह्न 11 बजे ही जांच पड़ताल करने पहुंच गए। जांच में यह पता चला कि फोटो में जो अपराधी दिख रहे हैं, उनमें हत्यारोपी पार्षद पति रामकुमार 04 अप्रैल 2015 से जेल में बंद है। दूसरा उदय सिंह यादव हत्या के ही आरोप में जनवरी 2015 से जेल में है। तीसरा रानू हत्या के आरोप में ही जनवरी 2019 से और चौथा संजय यादव हत्या के ही जुर्म में आठ महीने पहले से जेल में है, लेकिन इसमें गदऊ पासी कहीं नहीं नजर आ रहा है।
जेल प्रशासन ने वायरल फोटो में दिख रहे अपराधियों से पूछताछ की तो पता चला कि यह फोटो वर्ष 2014 की है। सूत्रों के मुताबिक वायरल फोटो में दिख रहे अपराधियों ने अपने बयान में बताया है कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद यह शराब पार्टी हत्यारोपी पार्षद रामकुमार के फाफामऊ के शास्त्री नगर स्थित आवास की है। जहां पर उक्त चारों कैदी इकट्ठा हुए थे। इस फोटो के वायरल करने के पीछे एक यह भी तर्क दिया जा रहा है कि इन कैदियों की जेल बदलवाने की यह साजिश रची जा रही है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक एचबी सिंह का भी कहना है कि वायरल फोटो उनके जेल के अंदर की नहीं है।
बुधवार को ईद की छुट्टी होने की वजह से मिलाई करने वाले लोग नहीं आए। हां, डीआईजी जेल की ओर से जांच शुरू किए जाने से जेल के अंदर कर्मचारियों और कैदियों में खलबली जरूर मची रही। आपस में लोग कानाफूसी करते नजर आए लेकिन, कोई खुलकर कुछ नहीं बोला।
पूर्व सांसद अतीक अहमद के नैनी सेंट्रल जेल में ट्रांसफर को लेकर दो शीर्ष अधिकारियों के बीच शुरू हुई खींचतान और फिर सचिव के दरबार तक हुई पंचायत से भी इस प्रकरण को जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो लखनऊ के एक बड़े अधिकारी और जेल के एक अधिकारी सत्ता में अपनी-अपनी पहुंच दिखाकर एक दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हुए हैं। इस वायरल फोटो को भी उसी बिंदु से जोड़कर देखा जा रहा है।
एचबी सिंह, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
केंद्रीय कारागार, नैनी