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हृदय रोग की चपेट में आ रहे युवा
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Fri, 30 Sep 2016 01:46 AM IST
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हृदय रोग की चपेट में आ रहे युवा
- फोटो : अमर उजाला
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जेएन मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग केंद्र में पिछले एक वर्ष में लगभग 14 हजार मरीज आए हैं, जिसमें लगभग 2864 मरीजों को सीसीयू में भर्ती किया है। आंकड़ों की बात करें तो इस संख्या में से करीब 30 से 40 प्रतिशत युवाओं की संख्या थी।
पिछले दो दशक में युवाओं के अंदर हृदय रोग की बीमारी ने सबसे तेज घर बनाया है। इसका प्रमुख कारण धुम्रपान है। यह बातें जेएन मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी सेंटर के निदेशक एवं प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञ प्रो. एमयू रब्बानी ने कहीं। उन्होंने विश्व हृदय रोग दिवस पर बताया कि बीड़ी, सिगरेट, हुक्का व तंबाकू आदि का सेवन करने पर हार्ट अटैक की आशंका पांच गुना बढ़ जाती है।
उन्होंने बताया कि हार्ट अटैक के मुख्य लक्षणों में छाती में दर्द होना, दर्द के साथ अत्यधिक पसीना आना, असामान्य रूप से सांस फूलना आदि है। इन लक्षणों में तुरंत किसी डाक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
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उन्होंने बताया कि विश्व के आंकड़ों के अनुसार हर वर्ष जहां 82 लाख लोग कैंसर व 1.5 करोड़ डायबिटीज से मौत का शिकार होते हैं। वहीं हृदय रोग से मरने वालों की संख्या 1.7 करोड़ हैं, जो बेहद चिंता का विषय है।
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पिछले दो दशक में युवाओं के अंदर हृदय रोग की बीमारी ने सबसे तेज घर बनाया है। इसका प्रमुख कारण धुम्रपान है। यह बातें जेएन मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी सेंटर के निदेशक एवं प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञ प्रो. एमयू रब्बानी ने कहीं। उन्होंने विश्व हृदय रोग दिवस पर बताया कि बीड़ी, सिगरेट, हुक्का व तंबाकू आदि का सेवन करने पर हार्ट अटैक की आशंका पांच गुना बढ़ जाती है।
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उन्होंने बताया कि हार्ट अटैक के मुख्य लक्षणों में छाती में दर्द होना, दर्द के साथ अत्यधिक पसीना आना, असामान्य रूप से सांस फूलना आदि है। इन लक्षणों में तुरंत किसी डाक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
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उन्होंने बताया कि विश्व के आंकड़ों के अनुसार हर वर्ष जहां 82 लाख लोग कैंसर व 1.5 करोड़ डायबिटीज से मौत का शिकार होते हैं। वहीं हृदय रोग से मरने वालों की संख्या 1.7 करोड़ हैं, जो बेहद चिंता का विषय है।