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यमुना एक्सप्रेस वे: सिरदर्द बना वीआईपी प्रोटोकॉल

Mon, 19 Nov 2012 12:54 PM IST
अलीगढ़/ब्यूरो
अलीगढ़/ब्यूरो Updated Mon, 19 Nov 2012 12:54 PM IST
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yamuna expressway: vip protocol created problem

यमुना एक्सप्रेस वे पर वाहन तेजी से फर्राटा भर रहे हैं। मगर यूपी पुलिस के लिए इस एक्सप्रेस वे पर प्रोटोकॉल और सुरक्षा बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। हर दिन वीआईपी को फ्लीट देने के नाम पर पुलिस के बीच झिकझिक होती है और कई मर्तबा वीआईपी की नाराजगी तक झेलनी पड़ जाती है।

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दूसरी बड़ी समस्या यह भी है कि एक्सप्रेस वे पर लग्जरी गाड़ियों में सवार वीआईपी तो फर्राटा भर जाते हैं। मगर फ्लीट देने वाला यूपी पुलिस का वाहन उनका पीछा करता रह जाता है। इसे लेकर हर जिले से सुझाव भेजे गए हैं, जिन पर पुलिस महानिदेशालय में विचार चल रहा है।
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आमतौर पर होता यह है कि नोएडा की फ्लीट जेवर बार्डर पर छोड़कर चली जाती है। ऐसे में अगर अलीगढ़ की फ्लीट को पहुंचने में मिनट-दो मिनट की देरी हो जाए तो ज्यादा फजीहत। या तो वीआईपी रुककर इंतजार करे। या फिर वे इंतजार न करें तो फ्लीट पीछे-पीछे वीआईपी को तलाशती रह जाती है। इसी के चलते एक बार सपा महासचिव प्रो. रामगोपाल को मथुरा जनपद में एक्सीडेंट के बाद लगे जाम से दो चार होना पड़ा और मुख्यमंत्री तक बात पहुंची। इसी तरह पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल सिंह यादव को टोल प्लाजा पर टोल भरना पड़ गया। दोनों ही लग्जरी गाड़ियों में थे और उनके फ्लीट वाहन उनसे कई किमी. पीछे थे।
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ये हैं प्रमुख समस्या
सबसे पहली समस्या तो यह है कि अभी तक यूपी पुलिस के पास न तो तेज रफ्तार वाहन हैं, जिनकी मदद से तेज रफ्तार दौड़ते वाहनों को रोका जा सकेगा। दूसरा इन वाहनों की स्पीड मांपने के लिए लेजर स्पीड रडार नहीं है। हालांकि इन्हें खरीदने पर विचार चल रहा है। तीसरी समस्या यह है कि अगर यहां स्टाफ और गाड़ी तैनात की जाएगी तो उसका खर्च किस जिले के जिम्मे कितना-कितना आएगा। क्योंकि कुछ जिलों ने इस पर आपत्ति जता दी है।


एक्सप्रेस वे के सभी टोल पर थानों के भवन का निर्माण चल रहा है। भवन बनते ही वहां स्टाफ तैनाती के प्रयास होंगे। फिलहाल टोल प्वाइंट पर ही पुलिस चेकिंग होती है। वहीं स्पीड व चालान आदि की प्रक्रिया पूरी होती है। हर जिले के पुलिस प्रभारी स्तर से फ्लीट का इंतजाम कराया जाता है।
- महाप्रबंधक यमुना एक्सप्रेस वे

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