Vikramshila Express: पत्नी को सीट नहीं मिली तो दे दी ट्रेन में आतंकी और बम होने की सूचना, फैलाई दहशत
मोनू अपनी पत्नी के साथ अपनी ससुराल भागलपुर से दिल्ली जा रहा था। उन दोनों को स्लीपर कोच में सीट नहीं मिल रही थी। वह टॉयलेट के पास बैठे थे। मोनू ने सीट पाने के लिए ट्रेन में बंम और आतंकी होने की झूठी सूचना दे दी।
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विक्रमशिला एक्सप्रेस में आतंकी और बम होने की झूठी सूचना देने वाले दिल्ली निवासी मोनू से जांच एजेंसियों और जीआरपी के अफसरों ने 3 नवंबर को घंटों पूछताछ की। उसने बताया कि पत्नी को सीट नहीं मिलने पर ट्रेन में आतंकी होने की सूचना दी थी।
पूछताछ में उसने बताया कि वह पत्नी के साथ अपनी ससुराल भागलपुर से दिल्ली जा रहा था। उन दोनों को स्लीपर कोच में सीट नहीं मिल रही थी। वह टॉयलेट के पास बैठे थे। इटावा में जसवंत नगर में सिग्नल न मिलने पर ट्रेन धीमी हो गई तो वह वहां उतर गया और मजे लेने के लिए इधर-उधर फोन घुमाना शुरू कर दिया। सबसे पहले पुलिस को 112 नंबर पर ट्रेन में बम होने की सूचना दी और फिर रेलवे के 139 नंबर पर। इसी दौरान ट्रेन ने रफ्तार पकड़ ली और वह नीचे ही रह गया। जिसे जीआरपी ने गिरफ्तार कर लिया। मोनू ने बताया कि पत्नी को सीट नहीं मिल रही थी इस पर भी उसे गुस्सा आ रहा था।
जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक संदीप तोमर ने बताया कि विक्रमशिला एक्सप्रेस ट्रेन में आतंकी और बम होने की सूचना देने वाले मोनू सक्सेना, निवासी एच- 22 जेजे काॅलोनी सवादा, घेबरा,पश्चिम दिल्ली को रविवार देर रात भरथना- इटावा के पास से गिरफ्तार किया गया था। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकारा कि वह अपनी पत्नी के साथ इस ट्रेन से दिल्ली जा रहा था।स्लीपर कोच में वह दोनों थे। इस कोच में दोनों को बैठने की जगह नहीं मिली। इससे दोनों टॉयलेट के पास ही बैठ गए। वह दोनों भागलपुर से आ रहे थे। भागलपुर में मोनू की ससुराल है। लंबा सफर था जिससे वह परेशान हो गए। जब इटावा के पास ट्रेन आई तो मोनू को शरारत सूझी।
इटावा से ट्रेन निकलने के बाद जसवंत नगर में सिग्नल न मिलने पर ट्रेन की रफ्तार धीमी हो गई तो मोनू नीचे उतर गया और उसने पहले रेलवे के कंट्रोल रूम 139 व पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर जीआरपी को अलग- अलग दो नंबर से ट्रेन में बम और बंदूकधारी चार-पांच आतंकवादियों के होने की सूचना दी। इस बीच ट्रेन ने रफ्तार पकड़ ली और वह सवार नहीं हो सका। जीआरपी अफसरों का कहना है कि उसका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। उसने वैसे ही मजाक में फोन कर दिया था। वह सोचा था कि ट्रेन की चेकिंग होगी तो लोगों में डर फैलेगा और कोच खाली हो जाएगा।
रेलवे स्टेशन से लिए थे दोनों नंबर
मोनू ने बताया कि रेलवे का 139 नंबर उसे रेलवे स्टेशन पर लिखा मिला था। वहां से उसने अपने मोबाइल में दर्ज कर लिया था। यूपी पुलिस का 112 नंबर उसे पहले से पता था। लिहाजा उन दोनों नंबरों पर उसने फोन किया था। वह नहीं जानता था कि पुलिस उसे पकड़ लेगी। उसने बताया कि वह मजदूरी करता है। कभी किसी दुकान पर तो कभी राजमिस्त्री के साथ।