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यूपी के चुनाव में चुका लो हिसाब : आजाद
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Wed, 08 Feb 2017 02:28 AM IST
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जमालपुर में विवेक बंसल के साथ लोगों से वोट मांगते कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद।
- फोटो : Amar Ujala
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कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया कि मोदी ने इंसान को जानवर बना दिया है। हालत ये हो गई कि आदमी अब आदमी से डरने लगा है। ढाई साल में देश की हालत बिगड़ गई। उत्तर प्रदेश के चुनाव में हिसाब चुका लो, 2019 का हिसाब चुक जाएगा। मंगलवार को वे कांग्रेस प्रत्याशी विवेक बंसल के समर्थन में कोल विधानसभा क्षेत्र के जमालपुर में आयोजित जनसभा में बोल रहे थे।
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद अपने 39 मिनट के भाषण में ज्यादातर समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर रहे। आरोप लगाया कि मोदी ने इंसान को जानवर बना दिया है। हालत ये हो गई कि आदमी अब आदमी से डरने लगा है। ढाई साल में देश की हालत बिगड़ गई। उत्तर प्रदेश के चुनाव में हिसाब चुका लो, 2019 का हिसाब चुक जाएगा।
मंगलवार को वे कांग्रेस प्रत्याशी विवेक बंसल के समर्थन में कोल विधानसभा क्षेत्र के जमालपुर में आयोजित जनसभा में बोल रहे थे। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेई की सराहना करते हुए कहा कि मोदी इसके उलट हैं। वाजपेई इफ्तार पार्टी में टोपी पहनते थे, मगर मोदी जी सिर पर टोपी पहनने से परहेज करते हैं। कहा, भला हो उन सेक्युलर हिंदुओं का, जो मोदी की नीति और उनकी विचारधारा से लड़ते हैं।
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हालांकि, भाजपा में उनके बहुत सारे मित्र हैं। इतिहास में पहली दफा है, जब एक हुक्मरां के हुक्म से 120 लोगों की मौतें हो गईं, वह हुक्म था नोटबंदी। कहा, अपने पति से छिपाकर रखा पैसा कालाधन नहीं था, जिसे निकलवा लिया गया। महिलाएं अपनी बेटी व बहू के लिए धन जोड़ती थीं। मोदी क्या जानें बहू-बेटी के बारे में। नोटबंदी के चलते मजदूरों की रोजी-रोटी छिन गई। देश सौ साल पीछे चला गया। आजाद ने मुस्लिमों से अपील कर ही दी कि एकजुट होकर विवेक बंसल को वोट दें। दूसरी ओर एनसीपी के जमाल अहमद ने विवेक बंसल को मंच से समर्थन देने की घोषणा की है।
वादा पूरा न करने का अफसोस
आजाद ने कहा कि बुद्धिजीवियों की मंशा थी कि प्रदेश में गठबंधन हो। अगर बसपा व रालोद साथ होते तो अच्छा होता। कोशिशें तमाम हुईं, लेकिन स्वार्थ के चलते नाकाम हो गईं। सपा से गठबंधन हो गया पर मुख्यमंत्री ने अपना वादा पूरा नहीं किया। उन्होंने कोल विस क्षेत्र में प्रत्याशी न उतारने को कहा था। बहरहाल, अब आपको ही वोट के जरिए तय करना होगा कि असली प्रत्याशी को वोट दें या नकली को। उन्होंने अपनी बात को इस शेर पर खत्म किया ‘वो वादा क्या, जो वफा न हो’।
सियासी सेहत को रखें दुरुस्त
गुलाम नबी ने कहा कि अलीगढ़ की सियासी सेहत के लिए यही दुरुस्त होगा कि कोल क्षेत्र में विवेक बंसल को और शहर सीट से सपा प्रत्याशी को जिताएं। अगर ऐसा नहीं करते तो विवेक के साथ नहीं, बल्कि मेरे साथ नाइंसाफी होगी। विवेक की जीत के जश्न में आऊंगा।
इस मौके पर राजस्थान की प्रभारी सायरा खान, कांग्रेस पर्यवेक्षक रामेश्वर नीखरा, कर्नाटक के पूर्व मंत्री सलीम अहमद, नसीम अख्तर, रूही जुबैरी, अमुटा के सचिव आफताब आलम आदि।
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कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद अपने 39 मिनट के भाषण में ज्यादातर समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर रहे। आरोप लगाया कि मोदी ने इंसान को जानवर बना दिया है। हालत ये हो गई कि आदमी अब आदमी से डरने लगा है। ढाई साल में देश की हालत बिगड़ गई। उत्तर प्रदेश के चुनाव में हिसाब चुका लो, 2019 का हिसाब चुक जाएगा।
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मंगलवार को वे कांग्रेस प्रत्याशी विवेक बंसल के समर्थन में कोल विधानसभा क्षेत्र के जमालपुर में आयोजित जनसभा में बोल रहे थे। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेई की सराहना करते हुए कहा कि मोदी इसके उलट हैं। वाजपेई इफ्तार पार्टी में टोपी पहनते थे, मगर मोदी जी सिर पर टोपी पहनने से परहेज करते हैं। कहा, भला हो उन सेक्युलर हिंदुओं का, जो मोदी की नीति और उनकी विचारधारा से लड़ते हैं।
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हालांकि, भाजपा में उनके बहुत सारे मित्र हैं। इतिहास में पहली दफा है, जब एक हुक्मरां के हुक्म से 120 लोगों की मौतें हो गईं, वह हुक्म था नोटबंदी। कहा, अपने पति से छिपाकर रखा पैसा कालाधन नहीं था, जिसे निकलवा लिया गया। महिलाएं अपनी बेटी व बहू के लिए धन जोड़ती थीं। मोदी क्या जानें बहू-बेटी के बारे में। नोटबंदी के चलते मजदूरों की रोजी-रोटी छिन गई। देश सौ साल पीछे चला गया। आजाद ने मुस्लिमों से अपील कर ही दी कि एकजुट होकर विवेक बंसल को वोट दें। दूसरी ओर एनसीपी के जमाल अहमद ने विवेक बंसल को मंच से समर्थन देने की घोषणा की है।
वादा पूरा न करने का अफसोस
आजाद ने कहा कि बुद्धिजीवियों की मंशा थी कि प्रदेश में गठबंधन हो। अगर बसपा व रालोद साथ होते तो अच्छा होता। कोशिशें तमाम हुईं, लेकिन स्वार्थ के चलते नाकाम हो गईं। सपा से गठबंधन हो गया पर मुख्यमंत्री ने अपना वादा पूरा नहीं किया। उन्होंने कोल विस क्षेत्र में प्रत्याशी न उतारने को कहा था। बहरहाल, अब आपको ही वोट के जरिए तय करना होगा कि असली प्रत्याशी को वोट दें या नकली को। उन्होंने अपनी बात को इस शेर पर खत्म किया ‘वो वादा क्या, जो वफा न हो’।
सियासी सेहत को रखें दुरुस्त
गुलाम नबी ने कहा कि अलीगढ़ की सियासी सेहत के लिए यही दुरुस्त होगा कि कोल क्षेत्र में विवेक बंसल को और शहर सीट से सपा प्रत्याशी को जिताएं। अगर ऐसा नहीं करते तो विवेक के साथ नहीं, बल्कि मेरे साथ नाइंसाफी होगी। विवेक की जीत के जश्न में आऊंगा।
इस मौके पर राजस्थान की प्रभारी सायरा खान, कांग्रेस पर्यवेक्षक रामेश्वर नीखरा, कर्नाटक के पूर्व मंत्री सलीम अहमद, नसीम अख्तर, रूही जुबैरी, अमुटा के सचिव आफताब आलम आदि।