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अब तो बीस दिनों में हो जाता है पूरा चुनाव

Mon, 23 Jan 2017 01:38 AM IST
मनोज माहेश्वरी
मनोज माहेश्वरी Updated Mon, 23 Jan 2017 01:38 AM IST
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Twenty days is now complete election
अब तो बीस दिनों में हो जाता है पूरा चुनाव - फोटो : Dig Vishal
खैर क्षेत्र से तीन बार विधानसभा में पहुंच चुके पूर्व विधायक चौ. जगवीर सिंह कहते हैं कि अब राजनीति में इमानदारी नहीं है  पहले जनता नेताओं के पास इस आशा के साथ आती थी कि उसके काम होंगे और नेता भी जनता के काम कराते थे, लेकिन अब तो काफी नेता चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र में नजर ही नहीं आते। पहले चुनाव में महीनों पहले तैयारी शुरू हो जाती थी, लेकिन अब तो 20 दिन में पूरा चुनाव हो जाता है। 
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76 वर्षीय चौ. जगवीर सिंह वर्ष 1980 में  जब पहला चुनाव लड़े थे तब टिकट की बोली नहीं लगती थी। अच्छी छवि के नेताओं को टिकट मिलती थी। उन्होंने बताया कि पहले महीनों पहले ही चुनाव की तैयारी शुरू होे जाती थी।  खुद उनके घेर में काफी समर्थक रोजाना जमा होते थे और फिर वह गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क कर वोट मांगते थे। कार्यकर्ताओं में बेहद उत्साह होता था। चुनाव पर उत्सव का माहौल होता था। जगवीर सिंह को खैर क्षेत्र के हर गांव की जानकारी है। उनका दावा है कि उन्हें हर गांव के ज्यादातर लोग जानते भी हैं।
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वह गांव-गांव घूमते थे और लोगोें की समस्याएं सुनते थे। अब तो 20 दिन में ही चुनाव हो जाता है। ज्यादातर उम्मीदवारों को चुनाव से 20-25 दिन पहले टिकट मिलती है। टिकट मिलने के बाद ज्यादातर उम्मीदवार मोटा चंदा करते हैं और  वह कुछ इलाकों में ही संपर्क करते हैं और फिर चुनाव जीतकर दिखाई भी नहीं देते। उनका कहना है कि पहले हर दल में ईमानदारी से काम होता था। नेताओं को अपनी जान की चिंता नहीं रहती थी। वह गनर नहीं रखते थे। जनता खुद उनके साथ चलती थी। चुनाव जीतने के बाद नेता जनता का काम भी कराते थे।
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खुद उनके पास रोजाना काफी लोग अपनी समस्याओं कोे लेकर आते थे और वह अधिकारियों के दफ्तरों पर जाकर उनका समाधान कराते थे। खुद नेताओं ने पब्लिक के काम ज्यादा से ज्यादा कराने की होड़ रहती थी, लेकिन अब लेकिन अब तो सारा खेल पैसे का है। उन्होंने बताया कि उन्हें विधायक के रूप में केवल पांच हजार रुपये मानदेय मिलता था, लेकिन अब तो यह कई गुना बढ़ गया है। राजनीति व्यवसाय होे गई है। उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने टिकट से लेकर वोट पाने तक के लिए एक रुपया दिया और न ही अपने राजनीति कैरियर में किसी से एक रुपया लिया। 
 
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