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वोट के लिए दंगा कराती है भाजपा : चौ. अजित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jun 2016 01:40 AM IST
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वोट के लिए दंगा कराती है भाजपा : चौ. अजित सिंह
- फोटो : महीपाल सिंह
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रालोद मुखिया चौ. अजित सिंह ने भाजपा और पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा दंगा करा लोगों की भावनाएं भड़काकर वोट बटोरने के चक्कर में रहती है। इसे विकास से कोई मतलब नहीं। केंद्र सरकार के सारे वादे हवाई निकले। उन्होंने भाजपा को भारतीय जुमला पार्टी करार देते हुए कहा कि जनता के नहीं, मोदी के अच्छे दिन आए हैं। वह यहां कृष्णांजलि नाट्यशाला में रालोद के अतिपिछड़ा, किसान, मजदूर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव से पहले मीडिया के माध्यम से ऐसी स्थिति बना दी थी कि किसान, मजदूर, महिलाएं और बच्चे सभी कहने लगे थे कि अबकी बार मोदी सरकार। किसान भी धर्म और जाति के नाम पर बंट गए थे। युवाओं को भी लगा जैसे उन्हें15 दिनों में ही नौकरी मिलने वाली है। छोटे चौैधरी ने कहा कि दो साल में लोगों की आंखोें से पर्दा हट गया है। सबको समझ में आ गया है कि भाजपा किसानों , मजदूरों, गरीबों की नहीं, पूंजीपतियों की पार्टी है। इसे गांव और गरीबी से कोई मतलब नहीं।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि किसान की आय छह साल में दोगुनी कर देंगे, वहीं कृषि मंत्री समर्थन मूल्य न बढ़ाने की बात करते हैं
। इस सरकार की गलत नीतियों की वजह से सारा निर्माण कार्य ठप है। इससे लाखों मिस्त्री व मजदूर खाली बैठे हैं। छोटे उद्योग धंधे बंद हैं। सरकार बनने से पहले भाजपा ने हल्ला मचाया था कि विदेशों से काला धन वापस आएगा। किसानोें, मजदूरों के खातों में 15-15 लाख रुपये पहुंचेंगें। संबोधन के दौरान छोटे चौधरी ने लोगोें से पूछा कि ऐसा हुआ क्या। भीड़ ने एक सुर में जवाब दिया-- नहीं।
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उन्होंने मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि अच्छे दिन जनता के नहीं, उनके आए हैं। मोदी नई ड्रेस पहनकर विदेशों में यात्रा करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का एक ही मकसद है, किसी तरह दंगा हो और वह सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ कर वोट प्राप्त करे। इस मकसद से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इलाहाबाद में अपनी पार्टी की बैठक में कैराना का मसला उठाया।
छोटे चौधरी इस दौरान अपनी पार्टी की उपलब्धियां बताना भी नहीं भूले। उन्होंने कहा कि रालोद ऐसी पार्टी है, जिसने हमेशा किसानों, गरीबों, मजदूरों की लड़ाई लड़ी है। सम्मेलन में उन्होंने अतिपिछड़ों से अपील की कि वह एकजुट होकर एक बार किसानों की पार्टी को वोट दें। सत्ता में आने पर उनके लिए 27 फीसदी अलग से आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा। छोटे चौधरी ने कहा कि रालोद में टिकट का सौदा नहीं होता। पार्टी अपने निष्ठावान नेताओं और कार्यकर्ताओं को ही टिकट देती है। सम्मेलन को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, विधानमंडल दल के नेता ठा. दलवीर सिंह, विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी, विधायक त्रिलोकीराम दिवाकर, मुंशीराम पाल, पूर्व विधायक व पश्चिमी उप्र. प्रभारी डॉ. अनिल चौधरी, नवाब सिंह छोंकर आदि ने संबोधित किया।
इस मौके पर मंडल अध्यक्ष सीपी धनगर, महानगर अध्यक्ष मधुलिका राघव, राकेश सिंह, पूर्व विधायक रमेश करन, ताराचंद शास्त्री, मोहनलाल, महीपाल सिंह, हरेंद्र सिंह, सुलेखा चौधरी, संतोष धनगर, ओमपाल सूर्यवंशी, प्रेम सिंह जाटव, मुकेश धनगर, रामवीर सिंह सहित काफी लोग मौजूद थे।
संचालन पूर्व विधायक चौ. सत्यपाल सिंह व अध्यक्षता जिलाध्यक्ष कल्यान सिंह ने की। इससे पहले छोटे चौधरी का जोशीला स्वागत किया गया। उन्हें फूलमालाओं से लाद दिया गया और चुनाव चिन्ह नल भी दिया गया।
चुनावी समझौते पर छोटे चौधरी ने नहीं खोले पत्ते
अलीगढ़ (ब्यूरो)। रालोद मुखिया व पूर्व केंद्रीय मंत्री चौ.अजित सिंह ने विस चुनाव में उनकी पार्टी किससे गठबंधन करेगी, इसे लेकर पत्ते नहीं खोले हैं। नुमाइश के गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता में उन्होेंने कहा कि उनकी पार्टी विस चुनाव में किससे समझौता करेगी या अकेले चुनाव लडे़ेगी। इसका फैसला पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी व अन्य वरिष्ठ नेता बैठक में तय करेंगे। उन्हाेंने अखिलेश सरकार के खिलाफ बोलने से भी परहेज किया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी किसी बीजेपी नेता से मुलाकात तो दूर फोन पर भी बात नहीं हुई है। मगर उन्हाेंने माना कि मुलायम सिंह से उनकी विधान परिषद और राज्यसभा चुनाव के दौरान एक बार मुलाकात हुई थी। सोेनिया गांधी से भी वह मिलते रहे हैं, पर इन मुलाकातों का मतलब चुनावी गठबंधन और समझौता नहीं है।
यह पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी तय करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले विधान परिषद चुनाव में उनकी पार्टी ने भाजपा को हराने के लिए बीएसपी का समर्थन किया था। इस बार भी भाजपा के खिलाफ सपा और कांग्रेस का समर्थन किया। प्रदेश में खराब कानून व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होेंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की समस्या है, पर अन्य राज्यों की स्थिति भी कुछ बेहतर नहीं है। मथुरा के जवाहर बाग कांड को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होेंने कहा कि इसकी न्यायिक जांच हो रही है। रिपोर्ट आने से पहले कुछ भी कहना ठीक नहीं। उन्होेंने कहा कि प्रदेश और देश का माहौल भाजपा खराब कर रही है।
पहले मुज्जफरनगर में दंगे कराए। अब कैराना में पलायन का हल्ला मचाया। उन्होेंने कहा कि हरित प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच का मुद्दा रालोद के एजेंडे में है। हरित प्रदेश के लिए यहां तेलंगाना जैसे आंदोलन की जरुरत है।
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उन्होंने कहा कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव से पहले मीडिया के माध्यम से ऐसी स्थिति बना दी थी कि किसान, मजदूर, महिलाएं और बच्चे सभी कहने लगे थे कि अबकी बार मोदी सरकार। किसान भी धर्म और जाति के नाम पर बंट गए थे। युवाओं को भी लगा जैसे उन्हें15 दिनों में ही नौकरी मिलने वाली है। छोटे चौैधरी ने कहा कि दो साल में लोगों की आंखोें से पर्दा हट गया है। सबको समझ में आ गया है कि भाजपा किसानों , मजदूरों, गरीबों की नहीं, पूंजीपतियों की पार्टी है। इसे गांव और गरीबी से कोई मतलब नहीं।
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उन्होंने कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि किसान की आय छह साल में दोगुनी कर देंगे, वहीं कृषि मंत्री समर्थन मूल्य न बढ़ाने की बात करते हैं
। इस सरकार की गलत नीतियों की वजह से सारा निर्माण कार्य ठप है। इससे लाखों मिस्त्री व मजदूर खाली बैठे हैं। छोटे उद्योग धंधे बंद हैं। सरकार बनने से पहले भाजपा ने हल्ला मचाया था कि विदेशों से काला धन वापस आएगा। किसानोें, मजदूरों के खातों में 15-15 लाख रुपये पहुंचेंगें। संबोधन के दौरान छोटे चौधरी ने लोगोें से पूछा कि ऐसा हुआ क्या। भीड़ ने एक सुर में जवाब दिया-- नहीं।
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उन्होंने मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि अच्छे दिन जनता के नहीं, उनके आए हैं। मोदी नई ड्रेस पहनकर विदेशों में यात्रा करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का एक ही मकसद है, किसी तरह दंगा हो और वह सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ कर वोट प्राप्त करे। इस मकसद से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इलाहाबाद में अपनी पार्टी की बैठक में कैराना का मसला उठाया।
छोटे चौधरी इस दौरान अपनी पार्टी की उपलब्धियां बताना भी नहीं भूले। उन्होंने कहा कि रालोद ऐसी पार्टी है, जिसने हमेशा किसानों, गरीबों, मजदूरों की लड़ाई लड़ी है। सम्मेलन में उन्होंने अतिपिछड़ों से अपील की कि वह एकजुट होकर एक बार किसानों की पार्टी को वोट दें। सत्ता में आने पर उनके लिए 27 फीसदी अलग से आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा। छोटे चौधरी ने कहा कि रालोद में टिकट का सौदा नहीं होता। पार्टी अपने निष्ठावान नेताओं और कार्यकर्ताओं को ही टिकट देती है। सम्मेलन को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, विधानमंडल दल के नेता ठा. दलवीर सिंह, विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी, विधायक त्रिलोकीराम दिवाकर, मुंशीराम पाल, पूर्व विधायक व पश्चिमी उप्र. प्रभारी डॉ. अनिल चौधरी, नवाब सिंह छोंकर आदि ने संबोधित किया।
इस मौके पर मंडल अध्यक्ष सीपी धनगर, महानगर अध्यक्ष मधुलिका राघव, राकेश सिंह, पूर्व विधायक रमेश करन, ताराचंद शास्त्री, मोहनलाल, महीपाल सिंह, हरेंद्र सिंह, सुलेखा चौधरी, संतोष धनगर, ओमपाल सूर्यवंशी, प्रेम सिंह जाटव, मुकेश धनगर, रामवीर सिंह सहित काफी लोग मौजूद थे।
संचालन पूर्व विधायक चौ. सत्यपाल सिंह व अध्यक्षता जिलाध्यक्ष कल्यान सिंह ने की। इससे पहले छोटे चौधरी का जोशीला स्वागत किया गया। उन्हें फूलमालाओं से लाद दिया गया और चुनाव चिन्ह नल भी दिया गया।
चुनावी समझौते पर छोटे चौधरी ने नहीं खोले पत्ते
अलीगढ़ (ब्यूरो)। रालोद मुखिया व पूर्व केंद्रीय मंत्री चौ.अजित सिंह ने विस चुनाव में उनकी पार्टी किससे गठबंधन करेगी, इसे लेकर पत्ते नहीं खोले हैं। नुमाइश के गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता में उन्होेंने कहा कि उनकी पार्टी विस चुनाव में किससे समझौता करेगी या अकेले चुनाव लडे़ेगी। इसका फैसला पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी व अन्य वरिष्ठ नेता बैठक में तय करेंगे। उन्हाेंने अखिलेश सरकार के खिलाफ बोलने से भी परहेज किया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी किसी बीजेपी नेता से मुलाकात तो दूर फोन पर भी बात नहीं हुई है। मगर उन्हाेंने माना कि मुलायम सिंह से उनकी विधान परिषद और राज्यसभा चुनाव के दौरान एक बार मुलाकात हुई थी। सोेनिया गांधी से भी वह मिलते रहे हैं, पर इन मुलाकातों का मतलब चुनावी गठबंधन और समझौता नहीं है।
यह पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी तय करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले विधान परिषद चुनाव में उनकी पार्टी ने भाजपा को हराने के लिए बीएसपी का समर्थन किया था। इस बार भी भाजपा के खिलाफ सपा और कांग्रेस का समर्थन किया। प्रदेश में खराब कानून व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होेंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की समस्या है, पर अन्य राज्यों की स्थिति भी कुछ बेहतर नहीं है। मथुरा के जवाहर बाग कांड को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होेंने कहा कि इसकी न्यायिक जांच हो रही है। रिपोर्ट आने से पहले कुछ भी कहना ठीक नहीं। उन्होेंने कहा कि प्रदेश और देश का माहौल भाजपा खराब कर रही है।
पहले मुज्जफरनगर में दंगे कराए। अब कैराना में पलायन का हल्ला मचाया। उन्होेंने कहा कि हरित प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच का मुद्दा रालोद के एजेंडे में है। हरित प्रदेश के लिए यहां तेलंगाना जैसे आंदोलन की जरुरत है।