फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   The resolution that the country can not make Gandhi's country Godse

संकल्प लें कि गांधी के देश को गोडसे का देश नहीं बनने देंगे

Fri, 22 Apr 2016 01:52 AM IST
अलीगढ़/ब्यूरो
अलीगढ़/ब्यूरो Updated Fri, 22 Apr 2016 01:52 AM IST
विज्ञापन
The resolution that the country can not make Gandhi's country Godse
एएमयू
 हिंदू धर्मगुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि सहिष्णुता एवं दरियादिली का नाम इस्लाम है। सर सैयद की इस साधना स्थली पर हमें संकल्प लेना होगा कि महात्मा गांधी के देश को गोडसे का देश नहीं बनने देंगे।
विज्ञापन

आचार्य कृष्णम बुधवार रात एएमयू के एथलेटिक्स ग्राउंड में आयोजित अली डे समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोई भी धर्म और धार्मिक ग्रंथ नफरत और घृणा की शिक्षा नहीं देता। हजरत अली ने दो हजार साल पहले शासन चलाने के लिए जो विजन दिया, वह आज भी प्रासंगिक है। उन्हाेंने कहा कि सच्चा मुसलमान कभी आतंकवादी नहीं हो सकता।
विज्ञापन

 आचार्य कृष्णम ने कहा कि आज समाज के कुछ वर्ग मुहब्बत की बात तो करते हैं, परंतु मुहब्बत नहीं करते। उन्होंने कहा कि जो सच्चा मुसलमान है वह आतंकवादी नहीं हो सकता। हमें दिलों में दीवारों को खड़ा करने से पहले गिराना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

कट्टरता पृथकवाद को जन्म देता है जो बाद में आतंकवाद का कारण बनता है। हमें दोनों तरह की कट्टरता से लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि आज इस्लाम को बदनाम करने का षडयंत्र रचा जा रहा है। हम सब का दायित्व है कि इस के विरुद्ध में आवाज उठाएं और हजरत अली के विचारों को जन-जन तक पहुंचाएं, यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। 
मुस्लिम धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि वह स्वयं एएमयू के छात्र रह चुके हैं। दुनियां का यह पहला विवि है, जिसने एक ही समय में दो देशों के राष्ट्राध्यक्ष दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही योग्यता और दक्षता पैदा होती है। इससे नफरत की दीवार को तोड़ा जा सकता है। जम्मू कश्मीर के कारगिल के विधायक अली असगर करबलाई ने सुझाव दिए कि एएमयू में हजरत अली डे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाए ताकि हजरत अली की शिक्षा और उनके विजन को दुनियां भर में फैलाया जा सके। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने की।

अली सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो. परवेज कमर रिजवी ने अतिथियों का स्वागत किया। मौलाना यूसुफ रजा कादरी और मौलाना गुलाम मुुहम्मद मंहदी खान ने भी अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. सिराज अजमली, नौशा अमरोहवी और इंजीनियर मैराज हुसैन निशात ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed