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अपने शहर में भी है मौत का फाटक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Fri, 27 Apr 2018 01:14 AM IST
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सीमा फाटक रेलवे क्रासिंग के बंद होने के बाद भी नीचे से होकर निकलकर जाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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कुशीनगर में रेलवे क्रासिंग पर हुए हादसे के बाद शहर के व्यस्ततम इलाके के बीच से होकर गुजर रही रेलवे लाइन पर सीमा रेलवे क्रासिंग की ओर एक बार फिर से लोगों का ध्यान है। यहां पर भी ट्रेनों की चपेट में आकर दर्जनों हादसे हुए हैं। अभी भ्ाी लोग फाटक बंद होने के बावजूद जान जोखिम में डालकर लाइन पार करते देखे जा सकते हैं।
मशहूर शायर जमुना प्रसाद राही को भ्ाी इसी क्रासिंग पर हुए हादसे में अपनी जान गंवानी पड़ी थी। रघुवीर पुरी निवासी शायर जमुना प्रसाद राही अक्सर लोगों के बीच गुरुदत्त की फिल्म प्यासा के उस प्रसंग का जिक्र किया करते थे, जिसमें शायर विजय एक भिखारी को अपना कोट दे देता है और बाद में उसी भिखारी की रेलवे लाइन की क्रासिंग पर मौत हो जाती है। इसे इत्तेफाक कहें या कुछ और जमुना प्रसाद राही भी सीमा रेलवे क्रासिंग पर हादसे का शिकार हो गए थे।
इसी रेलवे क्रासिंग पर ही कुछ दिनों पहले एक महिला ट्रेन की चपेट में आकर जख्मी हो गई थी, जिसे बाद में सलमानी एकता मंच के पदाधिकारियों ने अस्पताल पहुंचाया था।
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खूनी फाटक ही नाम हो गया था मीनाक्षी क्रासिंग का
एक वक्त था कि जब रामघाट रोड और दुबे के पड़ाव वाले रोड को जोड़ने वाली मीनाक्षी क्रासिंग को आए दिन हादसों के चलते खूनी फाटक का नाम दे दिया गया था। यहां पर प्रतिदिन एक व्यक्ति ट्रेन की चपेट में आकर मौत का शिकार होता था। यहां पर ओवर ब्रिज बनने के बाद समस्या का समाधान हुआ। इसके बाद यह नाम जेल रोड रेलवे क्रासिंग के खाते में आया। यहां पर 2007 में एक ट्रेन की चपेट में छह लोग आए। तीन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। तीन जो घायल थे उन्हें मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। रेलवे पुलिस ने इन्हीं घायलों के खिलाफ लाइन क्रासिंग का मुकदमा भी दर्ज कर लिया था।
सीमा क्रासिंग पर है ओवर ब्रिज प्रस्तावित
जिस समय जेल रोड क्रासिंग पर ओवर ब्रिज का काम चल रहा था उसी समय सेतु निगम के अधिकारियों ने बताया था कि सीमा क्रासिंग पर भी ओवर ब्रिज बनेगा। जब प्रशासन हमें यहां पर जमीन साफ करके दे देगा। हम उसके बाद काम शुरू कर देंगे।
रेलवे लाइन क्रास करना कानूनन अपराध है। लोगों से भी अपील है कि जब फाटक बंद हो तो रेलवे लाइन को क्रास नहीं करें। थोड़ा धैर्य रखें जीवन अनमोल है।
- नवल किशोर, इंस्पेक्टर आरपीएफ
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मशहूर शायर जमुना प्रसाद राही को भ्ाी इसी क्रासिंग पर हुए हादसे में अपनी जान गंवानी पड़ी थी। रघुवीर पुरी निवासी शायर जमुना प्रसाद राही अक्सर लोगों के बीच गुरुदत्त की फिल्म प्यासा के उस प्रसंग का जिक्र किया करते थे, जिसमें शायर विजय एक भिखारी को अपना कोट दे देता है और बाद में उसी भिखारी की रेलवे लाइन की क्रासिंग पर मौत हो जाती है। इसे इत्तेफाक कहें या कुछ और जमुना प्रसाद राही भी सीमा रेलवे क्रासिंग पर हादसे का शिकार हो गए थे।
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इसी रेलवे क्रासिंग पर ही कुछ दिनों पहले एक महिला ट्रेन की चपेट में आकर जख्मी हो गई थी, जिसे बाद में सलमानी एकता मंच के पदाधिकारियों ने अस्पताल पहुंचाया था।
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खूनी फाटक ही नाम हो गया था मीनाक्षी क्रासिंग का
एक वक्त था कि जब रामघाट रोड और दुबे के पड़ाव वाले रोड को जोड़ने वाली मीनाक्षी क्रासिंग को आए दिन हादसों के चलते खूनी फाटक का नाम दे दिया गया था। यहां पर प्रतिदिन एक व्यक्ति ट्रेन की चपेट में आकर मौत का शिकार होता था। यहां पर ओवर ब्रिज बनने के बाद समस्या का समाधान हुआ। इसके बाद यह नाम जेल रोड रेलवे क्रासिंग के खाते में आया। यहां पर 2007 में एक ट्रेन की चपेट में छह लोग आए। तीन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। तीन जो घायल थे उन्हें मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। रेलवे पुलिस ने इन्हीं घायलों के खिलाफ लाइन क्रासिंग का मुकदमा भी दर्ज कर लिया था।
सीमा क्रासिंग पर है ओवर ब्रिज प्रस्तावित
जिस समय जेल रोड क्रासिंग पर ओवर ब्रिज का काम चल रहा था उसी समय सेतु निगम के अधिकारियों ने बताया था कि सीमा क्रासिंग पर भी ओवर ब्रिज बनेगा। जब प्रशासन हमें यहां पर जमीन साफ करके दे देगा। हम उसके बाद काम शुरू कर देंगे।
रेलवे लाइन क्रास करना कानूनन अपराध है। लोगों से भी अपील है कि जब फाटक बंद हो तो रेलवे लाइन को क्रास नहीं करें। थोड़ा धैर्य रखें जीवन अनमोल है।
- नवल किशोर, इंस्पेक्टर आरपीएफ