AMU: 20 साल में दोगुना महंगी हुई डॉक्टरी की पढ़ाई... फिर भी है विदेशों से सस्ती, बस इतने होते हैं खर्च
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 150 सीटें हैं। प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों के मुकाबले फीस बहुत कम है। इसलिए जेएन मेडिकल कॉलेज में पढ़ना हर एक विद्यार्थी का सपना होता है
विस्तार
मेडिकल की पढ़ाई अभी भी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज में सस्ती बनी हुई है। पिछले 20 साल में मेडिकल की फीस 98 हजार से बढ़कर अब 2.19 लाख रुपये हो गई है। इसके बाद भी यह देश में मेडिकल पढ़ाई के सस्ते विकल्पों में से एक है। जबकि मेडिकल की पढ़ाई के लिए सस्ते माने जाने वाले देश रूस (32 लाख रुपये) , फिलीपींस (8 लाख रुपये), कजाकिस्तान (12 से 20 लाख) और चीन (5 से 28 लाख रुपये) में भी मेडिकल की पढ़ाई का खर्च एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के मुकाबले अधिक है।
डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए अमेरिका में 4.40 करोड़ रुपये, इंग्लैंड में 80 लाख रुपये से 2 करोड़ रुपये, ऑस्ट्रेलिया में 1 करोड़ से 1.60 करोड़ रुपये और कनाडा में 40 लाख से 1 करोड़ रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।1962 में स्थापित जेएन मेडिकल कॉलेज ने देश को पद्मश्री अशोक सेठ और प्रख्यात कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मंसूर हसन जैसे चिकित्सक दिए हैं। यहां 150 एमबीबीएस की सीटें हैं। इसमें हर साल तकरीबन 40-45 हजार रुपये खर्च होते हैं।
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 150 सीटें हैं। प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों के मुकाबले फीस बहुत कम है। इसलिए जेएन मेडिकल कॉलेज में पढ़ना हर एक विद्यार्थी का सपना होता है।-प्राे. सैयद अमजद अली रिजवी, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, जेएन मेडिकल कॉलेज
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देश - एमबीबीएस पाठ्यक्रम (रकम भारतीय रुपयों में)
- अमेरिका- 4.40 करोड़
- यूके- 80 लाख से 2 करोड़ रुपये
- ऑस्ट्रेलिया- 1 करोड़ से 1.60 करोड़ रुपये
- कनाडा - 40 लाख से 1 करोड़ रुपये
- रूस- 8 से 32 लाख रुपये
- फिलीपींस- 8 लाख रुपये
- कजाकिस्तान- 12 से 20 लाख रुपये
- चीन - 5 लाख से 28 लाख रुपये
कम भी हो जाती है फीस
मेडिकल के छात्रों को छात्रवृत्ति भी मिलती है, जिससे उनकी फीस और कम हो जाती है। इसके अलावा अन्य प्रकार के शैक्षिक प्रोत्साहन भी मिल जाते हैं जिससे आर्थिक मदद हो जाती है।
देश में अन्य सरकारी कॉलेज में भी हैं सस्ते विकल्प
एम्स दिल्ली, बीएचयू वाराणसी, किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ में भी एमबीबीएस की पढ़ाई में 1.90 से 2.10 लाख रुपये खर्च होते हैं।
हर साल 100 से ज्यादा छात्र डॉक्टरी की पढ़ाई करने विदेश जाते
अलीगढ़ जिले में हर साल 100 से ज्यादा छात्र डॉक्टरी की पढ़ाई करने विदेश जाते हैं। नीट में अच्छे अंकों से पीछे रह जाने वाले विद्यार्थियों का रुख किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, अजरबैजान, रूस, नेपाल, चीन, बांग्लादेश सहित अन्य दक्षिण एशियाई और दक्षिण अफ्रीका देशों की ओर हो जाता है।