{"_id":"5db9effe8ebc3e93c52f1acc","slug":"student-leader-raise-question-that-how-vc-bought-car-aligarh-news-ali217507285","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुलपति के कार खरीदने पर छात्र नेता ने उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुलपति के कार खरीदने पर छात्र नेता ने उठाए सवाल
विज्ञापन
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष मोहम्मद नदीम अंसारी ने कुलपति के कार खरीदने पर सवाल उठाए हैं। इस संबंध में एएमयू इंतजामिया का कहना है कि कुलपति को क्या कार खरीदने का हक नहीं है। पूर्व में भी सभी कुलपति कार खरीद चुके हैं।
नदीम अंसारी ने कुलपति पर प्रोफेशन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा, जब उनके पास दो कारें हैं तो कौन से मद से 24 लाख रुपये से होंडा स्विस कार खरीद ली। इसकी जांच होनी चाहिए। छात्र नेता ने कहा कि कुलपति के नाक के नीचे से 50 नंबर का प्रश्न पत्र का लिफाफा गायब हो गया। इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इससे पूरी पीएचडी प्रवेश परीक्षा शक के घेरे में आ गई है। कहा, शुक्र है कि प्रो. वीजापुर ने चोरी पकड़ ली। हो सकता है कि और भी प्रोफेसर के प्रश्न पत्र गायब हों। उन्होंने कंट्रोलर ऑफिस में प्रॉक्टोरियल टीम के सदस्य के होने पर भी सवाल उठाए हैं। उधर, एएमयू के जनसंपर्क विभाग के एसोसिएट मेंबर इंचार्ज डॉ. राहत अबरार ने कहा कि क्या कुलपति को कार खरीदने का हक नहीं है। वह यूनिवर्सिटी के सिंबल हैं। कार से मेहमानों आना-जाना होता है। पूर्व में भी सभी कुलपति के जमाने में कारें खरीदी गईं हैं।
विश्वविद्यालय की छवि धूमिल करने का प्रयास
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि पीएचडी में प्रवेश परीक्षा के एक उम्मीदवार (छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष मोहम्मद नदीम अंसारी) द्वारा लगाया गया आरोप कि राजनीति विज्ञान विभाग में पीएचडी प्रवेश परीक्षा का प्रश्न पत्र गायब हो गया है, पूर्णतया: निराधार और वास्तविकता से परे है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल करना है।
विज्ञापन
परीक्षा कंट्रोलर मुजीबउल्लाह जुबैरी ने स्पष्ट किया है कि उम्मीवार ने मनगढ़ंत आरोप लगाया है कि प्रोफेसर अब्दुररहीम पी वीजापुर द्वारा तैयार 50 प्रश्नों का खंड-बी गुम हो गया है, जबकि वास्तविकता यह है कि खंड-बी में केवल 40 प्रश्न होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रो. वीजापुर से राजनीति शास्त्र पीएचडी प्रश्न पत्र के लिए प्रश्न बैंक में योगदान नहीं लिया गया था और न ही उक्त प्रश्न बैंक में योगदान के लिए प्रो. वीजापुर को मॉडरेटर नियुक्त किया गया था। प्रो. वीजापुर ने मानवाधिकार विषय में पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए प्रश्नों का योगदान दिया था, लेकिन मानवाधिकार विषय के प्रश्न पत्र को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के अलावा बाहर के अलग-अलग शिक्षकों द्वारा प्रश्न बैंक तैयार किया जाता है, जिस पर आधारित 3 सेट मॉडरेटर द्वारा तैयार किए जाते हैं, जो अंतिम निर्णय के लिए कुलपति को भेज दिए जाते हैं, जिनमें से किसी एक सेट पर कुलपति द्वारा दी गई मंजूरी के बाद प्रवेश परीक्षा का प्रश्न पत्र तैयार किया जाता है।
विज्ञापन
नदीम अंसारी ने कुलपति पर प्रोफेशन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा, जब उनके पास दो कारें हैं तो कौन से मद से 24 लाख रुपये से होंडा स्विस कार खरीद ली। इसकी जांच होनी चाहिए। छात्र नेता ने कहा कि कुलपति के नाक के नीचे से 50 नंबर का प्रश्न पत्र का लिफाफा गायब हो गया। इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इससे पूरी पीएचडी प्रवेश परीक्षा शक के घेरे में आ गई है। कहा, शुक्र है कि प्रो. वीजापुर ने चोरी पकड़ ली। हो सकता है कि और भी प्रोफेसर के प्रश्न पत्र गायब हों। उन्होंने कंट्रोलर ऑफिस में प्रॉक्टोरियल टीम के सदस्य के होने पर भी सवाल उठाए हैं। उधर, एएमयू के जनसंपर्क विभाग के एसोसिएट मेंबर इंचार्ज डॉ. राहत अबरार ने कहा कि क्या कुलपति को कार खरीदने का हक नहीं है। वह यूनिवर्सिटी के सिंबल हैं। कार से मेहमानों आना-जाना होता है। पूर्व में भी सभी कुलपति के जमाने में कारें खरीदी गईं हैं।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय की छवि धूमिल करने का प्रयास
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि पीएचडी में प्रवेश परीक्षा के एक उम्मीदवार (छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष मोहम्मद नदीम अंसारी) द्वारा लगाया गया आरोप कि राजनीति विज्ञान विभाग में पीएचडी प्रवेश परीक्षा का प्रश्न पत्र गायब हो गया है, पूर्णतया: निराधार और वास्तविकता से परे है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल करना है।
विज्ञापन
परीक्षा कंट्रोलर मुजीबउल्लाह जुबैरी ने स्पष्ट किया है कि उम्मीवार ने मनगढ़ंत आरोप लगाया है कि प्रोफेसर अब्दुररहीम पी वीजापुर द्वारा तैयार 50 प्रश्नों का खंड-बी गुम हो गया है, जबकि वास्तविकता यह है कि खंड-बी में केवल 40 प्रश्न होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रो. वीजापुर से राजनीति शास्त्र पीएचडी प्रश्न पत्र के लिए प्रश्न बैंक में योगदान नहीं लिया गया था और न ही उक्त प्रश्न बैंक में योगदान के लिए प्रो. वीजापुर को मॉडरेटर नियुक्त किया गया था। प्रो. वीजापुर ने मानवाधिकार विषय में पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए प्रश्नों का योगदान दिया था, लेकिन मानवाधिकार विषय के प्रश्न पत्र को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के अलावा बाहर के अलग-अलग शिक्षकों द्वारा प्रश्न बैंक तैयार किया जाता है, जिस पर आधारित 3 सेट मॉडरेटर द्वारा तैयार किए जाते हैं, जो अंतिम निर्णय के लिए कुलपति को भेज दिए जाते हैं, जिनमें से किसी एक सेट पर कुलपति द्वारा दी गई मंजूरी के बाद प्रवेश परीक्षा का प्रश्न पत्र तैयार किया जाता है।