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सपा ने मांगी बागियों और दागियों की रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Wed, 15 Mar 2017 02:10 AM IST
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राजनीति
- फोटो : demo
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विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली रिकार्ड तोड़ जीत के बाद विरोधी दल आत्मचिंतन की मुद्रा में डूब गए हैं। सपा ने सभी जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों से भीतराघाती, बागी और पार्टी विरोधी गतिविधियों वाले सदस्यों की रिपोर्ट मांगी है।
साथ ही बूथवार पोस्टल वैलेट और ईवीएम के वोटों का विवरण मांगा है। दूसरी ओर बसपा ने बुधवार को कांशीराम जयंती के अवसर पर सभी कोआर्डिनेटर, प्रत्याशी और जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई है। इस प्रकार विरोधी पार्टियों की नजर अब स्थानीय निकाय चुनावों पर लग गई है। समीक्षा के बाद वह अगले चुनाव की रणनीति बदली हुई स्थिति में बना सकें।
सपा की आला कमान में जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष से रिपोर्ट मांगी है कि वह पार्टी के भीतराघाती, बागी और विरोधियों की सूची उनकी गतिविधियों के ब्यौरे सहित दें। सपा यह कारण जानना चाहती है कि जो शहर उसके मजबूत गढ़ जैसे थे और जहां पर उसने आधी से ज्यादा सीटें जीती थीं, वहां पर उसका पत्ता साफ क्यों हो गया? इसके अलावा मुसलिम वोटर सपा की ओर रुझान वाला माना जाता रहा है।
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बूथ वार विवरण मांगने का एक मकसद यह भी है कि आखिर मुसलिम बहुल बूथों पर ही सपा को पूरा मुसलिम वोट क्यों नहीं मिला। या मिला है तो कितना मिला। इसके अलावा सपा आलाकमान की एक बड़ी प्राथमिकता पार्टी विरोधी और बागियों पर शिकंजा कसने की है।
अलीगढ़ में भी ऐसे पार्टी सदस्य रहे जिन्होंने पार्टी विरोधी लाइन पर काम किया। आला कमान की बात को नकारा। सपा के जिलाध्यक्ष अशोक यादव कहते हैं कि सपा आला कमान ने बागियों, भीतराघातियों, विरोधियों के साथ ही बूथवार वोटों का विवरण मांगा है। जल्द ही रिपोर्ट लेकर लखनऊ भेजी जाएगी। पार्टी की प्राथमिकता आगामी स्थानीय निकाय चुनाव में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की है।
बसपा के महत्वपूर्ण बैठक लखनऊ में आज
सपा के साथ बसपा भी हार के कारणों की समीक्षा की प्रक्रिया में जुट गई है। बुधवार को काशीराम की जयंती है। इस अवसर पर लखनऊ में कार्यक्रम होना है। लखनऊ में बसपा के सभी कोआर्डिनेटर, प्रत्याशी और जिलाध्यक्ष बुलवाए हैं। कार्यक्रम के बाद इन सभी की बैठक होगी, जिसमें चुनाव परिणामों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में ही ईवीएम के संबंध में कही जा रही खराबी और गड़बड़ी की बात पर भी विचार किया जाएगा। गुुरुवार को पार्टी के सभी कोआर्डिनेटरों की बैठक होगी।
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साथ ही बूथवार पोस्टल वैलेट और ईवीएम के वोटों का विवरण मांगा है। दूसरी ओर बसपा ने बुधवार को कांशीराम जयंती के अवसर पर सभी कोआर्डिनेटर, प्रत्याशी और जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई है। इस प्रकार विरोधी पार्टियों की नजर अब स्थानीय निकाय चुनावों पर लग गई है। समीक्षा के बाद वह अगले चुनाव की रणनीति बदली हुई स्थिति में बना सकें।
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सपा की आला कमान में जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष से रिपोर्ट मांगी है कि वह पार्टी के भीतराघाती, बागी और विरोधियों की सूची उनकी गतिविधियों के ब्यौरे सहित दें। सपा यह कारण जानना चाहती है कि जो शहर उसके मजबूत गढ़ जैसे थे और जहां पर उसने आधी से ज्यादा सीटें जीती थीं, वहां पर उसका पत्ता साफ क्यों हो गया? इसके अलावा मुसलिम वोटर सपा की ओर रुझान वाला माना जाता रहा है।
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बूथ वार विवरण मांगने का एक मकसद यह भी है कि आखिर मुसलिम बहुल बूथों पर ही सपा को पूरा मुसलिम वोट क्यों नहीं मिला। या मिला है तो कितना मिला। इसके अलावा सपा आलाकमान की एक बड़ी प्राथमिकता पार्टी विरोधी और बागियों पर शिकंजा कसने की है।
अलीगढ़ में भी ऐसे पार्टी सदस्य रहे जिन्होंने पार्टी विरोधी लाइन पर काम किया। आला कमान की बात को नकारा। सपा के जिलाध्यक्ष अशोक यादव कहते हैं कि सपा आला कमान ने बागियों, भीतराघातियों, विरोधियों के साथ ही बूथवार वोटों का विवरण मांगा है। जल्द ही रिपोर्ट लेकर लखनऊ भेजी जाएगी। पार्टी की प्राथमिकता आगामी स्थानीय निकाय चुनाव में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की है।
बसपा के महत्वपूर्ण बैठक लखनऊ में आज
सपा के साथ बसपा भी हार के कारणों की समीक्षा की प्रक्रिया में जुट गई है। बुधवार को काशीराम की जयंती है। इस अवसर पर लखनऊ में कार्यक्रम होना है। लखनऊ में बसपा के सभी कोआर्डिनेटर, प्रत्याशी और जिलाध्यक्ष बुलवाए हैं। कार्यक्रम के बाद इन सभी की बैठक होगी, जिसमें चुनाव परिणामों की समीक्षा की जाएगी। बैठक में ही ईवीएम के संबंध में कही जा रही खराबी और गड़बड़ी की बात पर भी विचार किया जाएगा। गुुरुवार को पार्टी के सभी कोआर्डिनेटरों की बैठक होगी।