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एसओजी सिपाही की गोली लगने से मौत: परिवार को मिलेगी सवा दो करोड़ की मदद, मजिस्ट्रेटी जांच हुई शुरू

Sat, 20 Jul 2024 03:21 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sat, 20 Jul 2024 03:21 PM IST
सार

मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश भर में सभी पुलिसकर्मियों के खाते बैंक ऑफ बड़ौदा में खुलवाए गए थे। जिसमें दुर्घटना में दो करोड़ पांच लाख रुपये दो अलग-अलग तरह से बतौर सहयोग राशि बैंक की ओर से दिए जाने का प्रावधान है।

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SOG constable dies after being shot
मृतक एसओजी सिपाही याकूब - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

अलीगढ़ के गभाना में गोकशों की तलाश में जुटी पुलिस टीम के साथ हुई घटना में गोली लगने से जख्मी दरोगा की हालत स्थिर बनी हुई है। होश में आने के बाद दरोगा ने परिवार व डॉक्टरों से बातचीत की है। वहीं इस मामले में मजिस्ट्रेटी जांच का जिम्मा एडीएम प्रशासन को दिया गया है और पुलिस ने थाने में इत्तेफाकिया दर्ज किया है। जिसके आधार पर एसपी सिटी ने भी विभागीय जांच शुरू कर दी है। इधर, मृतक सिपाही परिवार को अब तक जिला पुलिस के एक दिन के वेतन के साथ अन्य तरह की मदद से सवा दो करोड़ रुपये से अधिक की मदद मिलना तय हुआ है।

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इस मामले में गभाना थाने में इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह की ओर से जीडी में पूरी घटना का उल्लेख दर्ज करते हुए इत्तेफाकिया तस्करा दर्ज किया गया है। दो पेज में पूरी घटना का उल्लेख किया गया है। इसी तस्करे के आधार पर एसपी सिटी स्तर से विभागीय जांच शुरू की गई है। वहीं एसएसपी की संस्तुति के आधार पर डीएम के निर्देश पर मामले में एडीएम प्रशासन को मजिस्ट्रेटी जांच सौंपी गई है।
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जिनके द्वारा पुलिस से प्रकरण से संबंधित जानकारियां मांगी जा रही है। साथ में लोगों को साक्ष्य व बयानों के लिए भी बुलाया जाएगा। इधर, मेडिकल कॉलेज में भरती दरोगा राजीव की हालत स्थिर बनी हुई है। वहीं जिला पुलिस के एक-एक कर्मचारी व अधिकारी का एक दिन का वेतन मृतक सिपाही के परिवार को सहयोग बतौर दिया जाएगा। 

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ये है बैंक खाते की मुआवजा योजना

मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश भर में सभी पुलिसकर्मियों के खाते बैंक ऑफ बड़ौदा में खुलवाए गए थे। जिसमें दुर्घटना में दो करोड़ पांच लाख रुपये दो अलग-अलग तरह से बतौर सहयोग राशि बैंक की ओर से दिए जाने का प्रावधान है।

सिपाही की मां की तबीयत बिगड़ी, परिवार को संदेह
इस घटना में मृत सिपाही याकूब का परिवार अभी संदेह दूर नहीं कर पा रहा है। सवाल है कि जब कई लोगों की टीम थी और एक दरोगा की पिस्टल अगर खराब हो गई तो उसे वहीं क्यों सही किया गया। उसे रख दिया जाता। दूसरा ये समझ में नहीं आ रहा कि पिस्टल की गोली दरोगा के पेट से निकलकर उसके नाक में कैसे लगी। हालांकि परिवार किसी पर आरोप नहीं लगा रहा। मगर इसका सच जानने के लिए जांच जरूरी कह रहा है। इधर, परिवार में मातम छाया है। इस दौरान मां की तबीयत बिगड़ी जिन्हें उपचार के लिए ले जाया गया। वहीं शुक्रवार को कोल विधायक अनिल पाराशर, बसपा नेता सलमान शाहिद, सपा के तमाम पार्षद आदि लोग सिपाही के घर संवेदना जताने पहुंचे।

दरोगा की पत्नी भी हुई बीमार
इस हादसे की खबर पर मेरठ से दरोगा का परिवार यहां बृहस्पतिवार को ही पहुंच गया था। शुक्रवार को उसकी पत्नी दीप्ति की तबीयत बिगड़ने पर उसे डॉक्टरों की सलाह पर घर भेज दिया गया।

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