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शहर में दिखा बंद का मिलाजुला असर
ब्यूराे/अमर उजाला,अलीगढ़
Updated Tue, 05 Apr 2016 01:34 AM IST
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सोमवार को अलीगढ़ बंद के दौरान बंद सराफा बाजार।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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सराफा व्यवसाय पर लगाई गई एक्साइज ड्यूटी के विरोध में शहर बंद का मिला-जुला असर रहा। कई बाजारों में बंद काफी प्रभावी दिखा तो कई बाजारों में यह आंशिक रहा। बंद के समर्थन में काफी व्यापारियोें ने सुबह से ही शहर में टोेलियों में बंटकर भ्रमण किया और दुकानें बंद कराई।
कई स्थानों पर नोक-झोंक की स्थिति भी रही। व्यापारियों ने सराफा बाजार में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और बाद में वाहन रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां एडीएम सिटी को एक ज्ञापन सौंपा। वहीं व्यापारी नेताओं ने इस बंद को पूरी तरह सफल बताते हुए इसे सफल बनाने पर शहर के व्यापारियों को आभार व्यक्त किया है।
सराफा व्यवसाय पर एक्साइज ड्यूटी लगाई गई है। इसके विरोध में सराफा व्यापारी एक माह से आंदोलित हैं और अपने प्रतिष्ठान बंद कर धरना आदि दे रहे हैं। इन सराफा व्यवसाइयोें के समर्थन में अन्य व्यापारी संगठन भी आ गए । इसी के चलते इन सराफा व्यवसाइयों के समर्थन में सोेमवार को बंद का आह्वान किया गया।
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ज्यादातर व्यापारी संगठन इस बंद को सफल बनाने में लगे थे। इसकी तैयारी भी की गई थी। जबकि भाजपा की मंशा थी कि यह बंद कारगर न हो पाए। सोेमवार को सुबह ही बंद का समर्थन कर रहे व्यापारी यहां सराफा बाजार में एकत्रित होे गए और उनकी टोलियां शहर के अलग-अलग इलाकों में बाजारों कोे बंद करने के लिए निकल पड़ी। बंद का समर्थन कर रहे व्यापारियोें कोे कई दुकानों को बंद कराने के लिए नोक-झोंक भी करनी पड़ी।
इसके चलते शहर के कई मुख्य बाजार दोपहर 12 बजे तक बंद रहे तो कई बाजारों में सुबह से ही बंद का असर दिखाई नहीं दिया। शहर के रेलवे रोड, सराफा बाजार, सेंटर पाइंट, दालमंडी, छपैटी, बारहद्वारी, मदार गेट, महावीरगंज, मैरिस रोड, पत्थर बाजार आदि बाजारों में दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। वहीं, शहर के ही मामू भांजा मार्केट, रामघाट रोड, रसलगंज, सराय हकीम, देहली गेट, दोदपुर, जयगंज, ऊपरकोट आदि में बंद का असर देखने को नहीं मिला।
हालांकि शाम के समय उन बाजारोें में ज्यादातर दुकानें खुल गई, जहां दिन में बंद प्रभावी था। व्यापारी वाहन रैली निकाल कर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और वहां प्रदर्शन करते हुए एडीएम सिटी को ज्ञापन दिया। वित्त मंज्ञी को प्रेषित इस ज्ञापन में सराफा व रेडीमेड व्यवसाय पर उत्पादन कर समाप्त करने की मांग की गई है।
ज्ञापन देने वालोें में उ.प्र.उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल (कंछल गुट)के प्रदेश संयुक्त महामंत्री चंद्रकिशोर जलाली वाले, जिलाध्यक्ष कमल गुप्ता, महानगर अध्यक्ष प्रदीप गंगा, राजेन्द्र कोल, मनीष अग्रवाल बूल, रत्नाकर आर्य, संतोष यादव, जफर सईद सिद्दकी, राजीव माहेश्वरी आमिर आबिद, हरपाल कश्यप, मोनू अग्रवाल, लक्ष्मीनारायण बॉबी, महेशचंद निर्दोष, देवेंद्र, अश्वनी मित्तल, अरुण भैया, विजय सोेनी, विनोेद सराफ, अमित सराफ, प्रदीप अग्रवाल, पंकज, मनोज, वेदप्रकाश गुप्ता, नीशू अग्रवाल आदि थे।
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कई स्थानों पर नोक-झोंक की स्थिति भी रही। व्यापारियों ने सराफा बाजार में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और बाद में वाहन रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां एडीएम सिटी को एक ज्ञापन सौंपा। वहीं व्यापारी नेताओं ने इस बंद को पूरी तरह सफल बताते हुए इसे सफल बनाने पर शहर के व्यापारियों को आभार व्यक्त किया है।
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सराफा व्यवसाय पर एक्साइज ड्यूटी लगाई गई है। इसके विरोध में सराफा व्यापारी एक माह से आंदोलित हैं और अपने प्रतिष्ठान बंद कर धरना आदि दे रहे हैं। इन सराफा व्यवसाइयोें के समर्थन में अन्य व्यापारी संगठन भी आ गए । इसी के चलते इन सराफा व्यवसाइयों के समर्थन में सोेमवार को बंद का आह्वान किया गया।
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ज्यादातर व्यापारी संगठन इस बंद को सफल बनाने में लगे थे। इसकी तैयारी भी की गई थी। जबकि भाजपा की मंशा थी कि यह बंद कारगर न हो पाए। सोेमवार को सुबह ही बंद का समर्थन कर रहे व्यापारी यहां सराफा बाजार में एकत्रित होे गए और उनकी टोलियां शहर के अलग-अलग इलाकों में बाजारों कोे बंद करने के लिए निकल पड़ी। बंद का समर्थन कर रहे व्यापारियोें कोे कई दुकानों को बंद कराने के लिए नोक-झोंक भी करनी पड़ी।
इसके चलते शहर के कई मुख्य बाजार दोपहर 12 बजे तक बंद रहे तो कई बाजारों में सुबह से ही बंद का असर दिखाई नहीं दिया। शहर के रेलवे रोड, सराफा बाजार, सेंटर पाइंट, दालमंडी, छपैटी, बारहद्वारी, मदार गेट, महावीरगंज, मैरिस रोड, पत्थर बाजार आदि बाजारों में दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। वहीं, शहर के ही मामू भांजा मार्केट, रामघाट रोड, रसलगंज, सराय हकीम, देहली गेट, दोदपुर, जयगंज, ऊपरकोट आदि में बंद का असर देखने को नहीं मिला।
हालांकि शाम के समय उन बाजारोें में ज्यादातर दुकानें खुल गई, जहां दिन में बंद प्रभावी था। व्यापारी वाहन रैली निकाल कर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और वहां प्रदर्शन करते हुए एडीएम सिटी को ज्ञापन दिया। वित्त मंज्ञी को प्रेषित इस ज्ञापन में सराफा व रेडीमेड व्यवसाय पर उत्पादन कर समाप्त करने की मांग की गई है।
ज्ञापन देने वालोें में उ.प्र.उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल (कंछल गुट)के प्रदेश संयुक्त महामंत्री चंद्रकिशोर जलाली वाले, जिलाध्यक्ष कमल गुप्ता, महानगर अध्यक्ष प्रदीप गंगा, राजेन्द्र कोल, मनीष अग्रवाल बूल, रत्नाकर आर्य, संतोष यादव, जफर सईद सिद्दकी, राजीव माहेश्वरी आमिर आबिद, हरपाल कश्यप, मोनू अग्रवाल, लक्ष्मीनारायण बॉबी, महेशचंद निर्दोष, देवेंद्र, अश्वनी मित्तल, अरुण भैया, विजय सोेनी, विनोेद सराफ, अमित सराफ, प्रदीप अग्रवाल, पंकज, मनोज, वेदप्रकाश गुप्ता, नीशू अग्रवाल आदि थे।