एएमयू शिक्षक हत्याकांड: दिल्ली में शूटरों की तलाश तेज, दानिश के भाई को मिली सुरक्षा, तीनों की यहीं मिली लोकेशन
पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना का खुलासा होने तक शूटर भाइयों की इंस्टा आईडी पर गतिविधियां थीं। खुलासा होने के बाद उनकी देवराज नाम की आईडी तो प्राइवेट कर दी गई है। उस पर कोई गतिविधि नहीं है। दूसरी आईडी पर आठ दिसंबर के बाद से कोई अपडेट नहीं है।
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एएमयू शिक्षक राव दानिश अली हत्याकांड में अब पुलिस हिस्ट्रीशीटर शूटर भाइयों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने अब तक की लोकेशन के आधार पर दिल्ली के जामिया व बटला हाउस इलाके में नेटवर्क बढ़ाना शुरू कर दिया है। इधर, दानिश के भाई फराज को दो सुरक्षा गनर दिए गए हैं। अमीर निशा सिविल लाइंस के राव दानिश अली की 24 दिसंबर की देर शाम एएमयू लाइब्रेरी कैंटीन परिसर में गोली मारकर हत्या की गई थी।
इस हत्या के खुलासे में दिल्ली के ओखला इलाके में रह रहे मूल रूप से बरला नौशा के हिस्ट्रीशीटर शूटर भाइयों यासिर, फहद व जुबैर की भूमिका सामने आई है। जांच में उजागर हुआ कि 2018 में शाहबेज नाम के युवक की हत्या के बाद जुबैर को दानिश पर मुखबिरी का शक था। इसी खुन्नस में उसने साजिश रचकर अपने भाइयों यासिर व फहद से ये हत्या कराई।
पुलिस ने उन दोनों के मददगार दानिश के पड़ोसी मित्र सलमान कुर्ते वाला को जेल भेजा है। एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक के अनुसार टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। तीनों भाइयों के विषय में जानकारी जुटाई जा रही है। जरूरत पर दिल्ली से भी मदद ली जाएगी।
इंटरनेट कॉलिंग से अलीगढ़ में संपर्क के इनपुट
पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना का खुलासा होने तक शूटर भाइयों की इंस्टा आईडी पर गतिविधियां थीं। खुलासा होने के बाद उनकी देवराज नाम की आईडी तो प्राइवेट कर दी गई है। उस पर कोई गतिविधि नहीं है। दूसरी आईडी पर आठ दिसंबर के बाद से कोई अपडेट नहीं है। हालांकि, इतना जरूर पता चला है कि तीनों भाई इंटरनेट कॉलिंग के जरिये अलीगढ़ में अपने कुछ लोगों से संपर्क करते हैं।
इस जानकारी के आधार पर लोकेशन दिल्ली के जामिया व बटला हाउस इलाके में मिलती है। इसी आधार पर पुलिस की एक टीम ने वहां नेटवर्क बनाना शुरू कर दिया है। वहीं अलीगढ़ में उनके गिरोह के पुराने सदस्यों, साथियों, परिचितों से भी पुलिस एक एक कर पूछताछ कर रही है। इसी क्रम में अब तक यहां रह रहे पिता रफत व अन्य परिजनों के विषय में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पता चला है कि कुछ समय पहले तक वह जीवनगढ़ में रहता था। अब उसकी सही लोकेशन नहीं मिल पा रही है।
पत्नी अब साथ नहीं, गर्लफ्रेंड से किया संपर्क
इंस्टा आईडी से जांच में उजागर हुआ है कि जुबैर की पत्नी हुदा का कोई अता पता नहीं है। जानकारों से उजागर हुआ है कि दिल्ली में वह जुबैर के साथ जेल गई थी। कुछ समय बाद ही जमानत हो गई। इसी बीच उसके जुबैर के किसी अन्य दोस्त से संपर्क हो गए। वह अब उसके साथ कहीं रह रही है। पुलिस उससे भी संपर्क करने को प्रयासरत है। वहीं, इंस्टा से शहर की एक नाबालिग गर्लफ्रेंड के जुबैर से संपर्क होना उजागर हुआ। उससे बस इतना पता चला कि वह ऑनलाइन उसके संपर्क में आई थी। वह सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती है। इस घटना का खुलासा होने पर उसने भी खुद से ही दूरी बना ली। सोशल मीडिया पर भी सक्रियता कम कर दी है।
अलीगढ़ से कौन-कौन संपर्क में
पुलिस इस दिशा में भी जानकारी कर रही है कि इन तीनों के अलीगढ़ से कौन-कौन संपर्क में थे, या अब हैं। इसमें कितने अपराधी प्रवृत्ति के हैं। साथ में मुनीर के जेल जाने के बाद उसके ग्रुप से जुड़े सभी अपराधियों का भी विवरण जुटाया जा रहा है।