{"_id":"582b65334f1c1b56368ff2e2","slug":"refused-to-patience-lines-scuffle","type":"story","status":"publish","title_hn":"जवाब देने लगा धैर्य, लाइनों में धक्का मुक्की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जवाब देने लगा धैर्य, लाइनों में धक्का मुक्की
अमर उजाला ब्यूूराे, अलीगढ़
Updated Wed, 16 Nov 2016 01:39 AM IST
विज्ञापन
जवाब देने लगा धैर्य, लाइनों में धक्का मुक्की
- फोटो : Dig Vishal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोट बंदी के एक सप्ताह बाद भी हालात सुधर नहीं रहे। हालात बद बदतर हो रहे हैं और करेंसी एक्सचेंज के लिए परेशान जनता का धैर्य अब जवाब देने लगा है। दरअसल बैंक शाखाओं में लगी लंबी लाइनों के चलते एक उपभोक्ता का सुबह से लाइन में लगने के बाद आठ से दस घंटे में नंबर आ रहा है।
इसी कवायद में मंगलवार को निरंतर धक्का-मुक्की और आगे निकलने की कोशिश में बैंकों में जमकर फजीहत हुई। कई बार तू-तू मैं-मैं के साथ मारपीट तक की नौबत आ गई। हालांकि नंबर निकलने के भय से मारपीट की घटनाएं तो नहीं हुईं, लेकिन झड़पों के दौर दिनभर जारी रहा।
इस दौरान बैंकों में मौजूद पुलिसकर्मी भी लोगों के गुस्से का शिकार बने और धक्का-मुक्की से बचने को चुपचाप मूकदर्शक बने रहे। यह नजारा मंगलवार को अमर उजाला ने शहर की आधा दर्जन से अधिक बैंकों में देखा।
विज्ञापन
प्रधान डाकघर में मंगलवार को हंगामा और शोरशराबे के बीच तीन घंटे में कर्मचारियों ने 30 लाख रुपये बांट दिए। मगर रुपये खत्म होते ही नगदी न मिलने पर गुस्साए लोगों ने प्रधान डाकघर के बाहर जाम लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
हालांकि खबर मिलते ही सीओ तृतीय मौके पर पहुंच गए और हंगामा कर रही भीड़ को शांत करने की कोशिश की। कुछ युवक तो सड़क पर लेट तक गए। इस दौरान सीओ की पब्लिक से नोकझोंक भी हुई। बाद में सख्ती से समझाने और मुकदमे की चेतावनी पर पब्लिक ने जाम खोला। साथ ही उन्होंने डाकघर प्रबंधन से कहा कि जितनी रकम का इंतजाम रखें, उसी हिसाब से लाइन लगवाएं। पैसा खत्म होने पर लोगों को एनाउंस करके इसकी जानकारी दें।
प्रधान डाकघर के बाहर सुबह से ही नोट बदलने के लिए लोगाें की लाइन लगना शुरू हो गईं। इस बीच डाक विभाग के अफसर स्टेट बैंक कैश लेने के लिए पहुंच गए। उन्होंने ढाई करोड़ रुपये की डिमांड की, लेकिन उन्हें मंगलवार को भी 50 लाख रुपये कैश मिला।
डाकघर के कर्मचारियाें ने 20 लाख रुपया उप डाकघर को भेजा, इसके बाद 5 लाख रुपये खाताधारक काउंटर पर भेज दिया। इसके बाद से तीन काउंटरों से नोट बदलने की प्रक्रिया दोपहर 12 बजे से शुरू हुई। कोल विधायक जमीरउल्लाह ने भी डाकघर से 4 हजार रुपये बदले। तीन घंटे में हंगामा और शोरशराबा के बीच डाक कर्मचारियों ने 30 लाख रुपये बांट दिया। कर्मचारियाें ने लोगाें से पैसा खत्म होने की भी बात कही, लेकिन पब्लिक समझी कि पैसा काउंटर पर खत्म हुआ है।
पब्लिक काउंटरों पर जमी रही, धीरे-धीरे कर्मचारी काउंटरों से पैसा खत्म होने के बाद उठ गए। पैसा न मिलने से गुस्साए लोगों ने डाकघर के बाहर जाम लगा दिया, कुछ युवक तो सड़क पर लेट गए। जाम की जानकारी मिलते ही सीओ तृतीय राजीव सिंह मय फोर्स के वहां आ गए और समझाकर व सख्ती दिखाकर जाम खुलवाया।
विज्ञापन
इसी कवायद में मंगलवार को निरंतर धक्का-मुक्की और आगे निकलने की कोशिश में बैंकों में जमकर फजीहत हुई। कई बार तू-तू मैं-मैं के साथ मारपीट तक की नौबत आ गई। हालांकि नंबर निकलने के भय से मारपीट की घटनाएं तो नहीं हुईं, लेकिन झड़पों के दौर दिनभर जारी रहा।
विज्ञापन
इस दौरान बैंकों में मौजूद पुलिसकर्मी भी लोगों के गुस्से का शिकार बने और धक्का-मुक्की से बचने को चुपचाप मूकदर्शक बने रहे। यह नजारा मंगलवार को अमर उजाला ने शहर की आधा दर्जन से अधिक बैंकों में देखा।
विज्ञापन
प्रधान डाकघर में मंगलवार को हंगामा और शोरशराबे के बीच तीन घंटे में कर्मचारियों ने 30 लाख रुपये बांट दिए। मगर रुपये खत्म होते ही नगदी न मिलने पर गुस्साए लोगों ने प्रधान डाकघर के बाहर जाम लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
हालांकि खबर मिलते ही सीओ तृतीय मौके पर पहुंच गए और हंगामा कर रही भीड़ को शांत करने की कोशिश की। कुछ युवक तो सड़क पर लेट तक गए। इस दौरान सीओ की पब्लिक से नोकझोंक भी हुई। बाद में सख्ती से समझाने और मुकदमे की चेतावनी पर पब्लिक ने जाम खोला। साथ ही उन्होंने डाकघर प्रबंधन से कहा कि जितनी रकम का इंतजाम रखें, उसी हिसाब से लाइन लगवाएं। पैसा खत्म होने पर लोगों को एनाउंस करके इसकी जानकारी दें।
प्रधान डाकघर के बाहर सुबह से ही नोट बदलने के लिए लोगाें की लाइन लगना शुरू हो गईं। इस बीच डाक विभाग के अफसर स्टेट बैंक कैश लेने के लिए पहुंच गए। उन्होंने ढाई करोड़ रुपये की डिमांड की, लेकिन उन्हें मंगलवार को भी 50 लाख रुपये कैश मिला।
डाकघर के कर्मचारियाें ने 20 लाख रुपया उप डाकघर को भेजा, इसके बाद 5 लाख रुपये खाताधारक काउंटर पर भेज दिया। इसके बाद से तीन काउंटरों से नोट बदलने की प्रक्रिया दोपहर 12 बजे से शुरू हुई। कोल विधायक जमीरउल्लाह ने भी डाकघर से 4 हजार रुपये बदले। तीन घंटे में हंगामा और शोरशराबा के बीच डाक कर्मचारियों ने 30 लाख रुपये बांट दिया। कर्मचारियाें ने लोगाें से पैसा खत्म होने की भी बात कही, लेकिन पब्लिक समझी कि पैसा काउंटर पर खत्म हुआ है।
पब्लिक काउंटरों पर जमी रही, धीरे-धीरे कर्मचारी काउंटरों से पैसा खत्म होने के बाद उठ गए। पैसा न मिलने से गुस्साए लोगों ने डाकघर के बाहर जाम लगा दिया, कुछ युवक तो सड़क पर लेट गए। जाम की जानकारी मिलते ही सीओ तृतीय राजीव सिंह मय फोर्स के वहां आ गए और समझाकर व सख्ती दिखाकर जाम खुलवाया।