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Aligarh News: भाजपा महानगर अध्यक्ष के सवालों पर खड़े हुए सवाल, ओजोन सिटी को लेकर एडीए को भेजा था पत्र

Sun, 04 Jun 2023 05:39 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sun, 04 Jun 2023 05:39 AM IST
सार

विवाद में कोई जनप्रतिनिधि अगर पत्र भेजकर जानकारी मांगे तो उचित है। बाकी अन्य कोई भी आरटीआई के तहत सवाल पूछ सकता है।

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Questions raised on the questions of BJP metropolitan president
ओजोन सिटी जाने वाली रिंग रोड के बदतर हालात - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अलीगढ़ भाजपा महानगर अध्यक्ष द्वारा जिस तरह से ओजोन सिटी को लेकर एडीए उपाध्यक्ष व उपायुक्त उद्योग को पत्र भेजकर सवाल किए गए हैं, उस पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। एक तरफ राजनीतिक पहलू पर ही सवाल खड़े किए जा रहे हैं। वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी इसके संवैधानिक पहलू को देखे जाने की बात कही जा रही है। हालांकि इस संबंध में महानगर अध्यक्ष से बातचीत करने के लिए काफी प्रयास किया गया। मगर उनसे संपर्क नहीं हो सका।

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इस तरह के विवाद में कोई जनप्रतिनिधि अगर पत्र भेजकर जानकारी मांगे तो उचित है। बाकी अन्य कोई भी आरटीआई के तहत सवाल पूछ सकता है। हां, शहर में फैल रही भ्रामक स्थिति पर इसे साफ करने के लिए कोई राजनैतिक व्यक्ति तथ्यों को सामने लाने के लिए सवाल कर रहा है तो यह नियमानुसार तो नहीं, मगर व्यवहारिक जरूर हो सकता है। फिर भी इस मामले में गरिमा को ध्यान में रखा जाए। एक तरफ सरकार पूंजी निवेश की बात कर रही है और दूसरी ओर इस तरह के विवाद सार्वजनिक हो रहे हैं। जो गलत है।-विवेक बंसल, पूर्व विधायक, वरिष्ठ नेता कांग्रेस
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जब इस मामले में भूमि आवंटन और बैनामों में खुद भाजपा नेता व अधिकारी ही मिले हुए हैं तो किसी भाजपा नेता द्वारा सवाल जवाब किया जाना उचित नहीं है। इस मामले में उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।  इस प्रकरण में भाजपा के बड़े नेताओं के नाम आने से भाजपा का असली चाल और चरित्र उजागर हो गया है। जिले के भाजपा नेता भूमाफिया से मिले हुए हैं। भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। मामला बेहद गंभीर है।-लक्ष्मी धनगर, सपा जिलाध्यक्ष
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यह मामला बेहद गंभीर है। खुद भाजपाई इसमें घिरे हुए हैं। अब उनके द्वारा अनैतिक या असंवैधानिक रूप से सवाल प्रशासन से पूछे जा रहे हैं। जबकि वे इसके लिए इस तरह अधिकृत नहीं हैं। मामले में हम कल से ही उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।-संतोष सिंह, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
भाजपा महानगर अध्यक्ष द्वारा पत्र भेजकर जिन सूचनाओं को मांगा गया है उनका अवलोकन किया जा रहा है जितनी सूचनाएं दिया जाना संभव है उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। जिन सूचनाओं को संवैधानिक रूप से नहीं दिया जा सकता है उसके बारे में भी अवगत कराया जाएगा।-अतुल वत्स,एडीए वीसी

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आखिर कौन तय करेगा इन जांच रिपोर्टों की सच्चाई

आखिर जिला प्रशासन क्यों चुप्पी साधे बैठा है? ओजोन-सांसद विवाद में आखिर कौन सही है? इसका फैसला कौन करेगा और कब? हर दिन एक नई रिपोर्ट जमीन की खरीद फरोख्त के संबंध में सामने लाई जा रही हैं। अब सच कौन सी रिपोर्ट में है ये कैसे तय मान लिया जाए। कल तक एसीएम और एसडीएम की जांच रिपोर्ट सामने आईं और अब एडीएम प्रशासन की एक रिपोर्ट सामने आई है। इसमें फिर से ओजोन पक्ष को गलत माना गया है। जब पहली दो रिपोर्ट की सत्यता पर सवाल है तो इसे भी कैसे सत्य मान लिया जाए। इसलिए अब जरूरत है प्रशासन के स्तर से सच सामने लाने की। ताकि सभी के दावों पर विराम लग सके।

ये है एडीएम प्रशासन की रिपोर्ट में
एडीएम प्रशासन डीपी पाल की ओर से सबसे आखिर में 24 अगस्त 2022 को एक जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी गई है। जिसमें कहा गया है कि जांच में महेंद्र नगर की राजवती को सही माना गया है, जो पूर्व में असदपुर कयाम की रहने वाली है। उसी महिला ने मनोज गौतम को बैनामा किया है। वहीं केला नगर की राजवती के विषय में कहा गया है कि उसका केला नगर में मायका था। ससुराल बुलंदशहर में थी। उसके पति सरकारी सेवा में थे और उनकी पैतृक संपत्ति भी थी। इसलिए उस महिला को पट्टा नहीं हो सकता। केला नगर की महिला के विषय में बुलंदशहर के गांव रतनपुर के प्रधान, वहां के भू अभिलेख आदि भी इस रिपोर्ट में लगे हैं। जिसके आधार पर कहा गया है कि यहां इसे पट्टा नहीं हो सकता। साथ में केला नगर की इस राजवती नाम की महिला के द्वारा हाथरस के पते पर भी एक मुख्तारनामा दर्शाया गया है। बाद में वह भी कूटरचित करार दिया गया है। अंत में महेंद्र नगर की राजवती को सही कहते हुए मनोज गौतम के बैनामे को सही करार दिया है। 

सडक़ मामले में एडीए वीसी का बयान
ओजोन सिटी की सडक़ एडीए द्वारा निर्मित कराए जाने के छह माह बाद उखडऩे के मामले में एडीए हरकत में आया है। उखडऩे के बाद जिस सडक़ निर्माण की गुणवत्ता की जांच कमिश्रर स्तर से कराई गई। उस जांच के आधार पर तत्कालीन एडीए वीसी ने ठेकेदार व अभियंताओं से जवाब तलब किए गए। उनकी ओर से एक वर्ष बाद भी कोई गतिविधि नहीं हुई। इस मामले में एडीए वीसी अतुल वत्स का कहना है कि ओजोन सिटी की सडक़ के निर्माण के बाद उसके जल्द खराब हो जाने का प्रकरण संज्ञान में आया है। क्योंकि प्रकरण काफी पुराना है। सोमवार को प्रकरण की संपूर्ण जानकारी कर समुचित जांचोपरांत संबंधित पर प्रस्तावित करवाई की जाएगी। 

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