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AMU: यूनिवर्सिटी में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को मिला जेएनयू छात्र संघ का समर्थन, महासचिव-उपाध्यक्ष
Sat, 09 Aug 2025 02:59 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sat, 09 Aug 2025 02:59 AM IST
सार
जेएनयू छात्र संघ की महासचिव मुंतिहा फातिमा ने कहा कि एएमयू प्रशासन फीस वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को दबाने की कोशिश कर रहा है। उपाध्यक्ष मनीषा ने भी फीस वृद्धि को वापस लेने की मांग की। उन्होंने एएमयू प्रशासन की इस बात के लिए आलोचना की कि उसने पुलिस को कैंपस के अंदर आने की अनुमति दी।
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एएमयू में में कोर्सों में फीस बढ़ोतरी के विरोध में प्रदर्शन के दौरान बंद किया गेट
- फोटो : संवाद
विस्तार
एएमयू में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन को अब जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के छात्र संघ का समर्थन मिल गया है। जेएनयू छात्र संघ की महासचिव मुंतिहा और उपाध्यक्ष मनीषा शुक्रवार को धरना स्थल बाब-ए- सैयद गेट पर पहुंचीं। विश्वविद्यालय प्रशासन इस स्थिति पर सतर्कता बनाए हुए है।
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जेएनयू छात्र संघ की महासचिव मुंतिहा फातिमा ने कहा कि एएमयू प्रशासन फीस वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को दबाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने पुलिस को कैंपस में बुलाने और छात्रों के साथ मारपीट की घटनाओं पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्राओं के हिजाब खींचे गए हैं, जो कि एक बेहद खराब स्थिति है। उन्होंने कहा कि एएमयू में छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है और उन्हें छात्र संघ बनाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
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जेएनयू छात्र संघ की उपाध्यक्ष मनीषा ने भी फीस वृद्धि को वापस लेने की मांग की। उन्होंने एएमयू प्रशासन की इस बात के लिए आलोचना की कि उसने पुलिस को कैंपस के अंदर आने की अनुमति दी। उन्होंने कहा कि पुलिस छात्रों को गुंडा मानती है। मनीषा ने एएमयू वीसी के इस फैसले को गलत बताया और छात्राओं के साथ हुई अभद्रता के लिए माफी की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा नमाज पढ़ने का नहीं, बल्कि फीस वृद्धि का है, जिसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
एएमयू छात्रों के धरने पर आने वाले बाहरी लोगों पर नजर रखी जा रही है। हम पहले ही कह चुके हैं कि कुछ बाहर से आकर लोग मासूम छात्रों को गुमराह करते हैं, जिससे स्थितियां खराब होती हैं। हम पूरे हालात पर नजर रख रहे हैं। - प्रोफेसर वसीम अली, प्रॉक्टर, एएमयू