हत्या के आरोपी पुलिस कर्मियों के हाथ में कानून की कमान
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अलीगढ़। प्रदेश को अपराधमुक्त बनाने के दावे पर अभी तक तो राजनीतिक दल पुलिस पर उंगली उठाते थे, लेकिन अब एक कांस्टेबल ने ही पुलिस महकमे को कठघरे में खड़ा कर दिया है। पुलिस कर्मी का कहना है कि महकमे में संज्ञेय धाराओं के आरोपी चार पुलिस कर्मियों को प्रमोशन दे दिया गया, जबकि उसको इस प्रक्रिया से वंचित कर दिया गया।
हालांकि प्रमोशन की मांग करने वाला पुलिसकर्मी भी हत्या के मामले में आरोपी है लेकिन उसने दागी पुलिस कर्मियों को प्रमोशन दिए जाने का हवाला देकर खुद का भी प्रमोशन मांगा है।पुलिस महकमे में काफी संख्या में ऐसे पुलिसकर्मी हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस नियमावली के अनुसार जिनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल है उनको प्रमोशन नहीं दिया जा सकता। लेकिन सारे नियमों को ताक पर रखकर दागी पुलिस कर्मी प्रोन्नत कर दिए गए।
अलीगढ़ निवासी एटा जनपद के वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी कार्यालय में तैनात कांस्टेबल सतीश चंद्र ने इस संबंध में गत 24 दिसंबर को डीजीपी, अध्यक्ष प्रोन्नत भर्ती बोर्ड और एसपी कार्मिक को पत्र भेजा है।
पत्र में उसने कहा है कि कांस्टेबल श्याम सिंह यादव, उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह यादव, उप निरीक्षक मनोहर सिंह यादव और उप निरीक्षक जमील मोहम्मद रावत को प्रमोशन दिया गया है, जबकि इनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने के साथ चार्जशीट दाखिल हैं।
प्रमोशन की मांग करने वाले सतीश भी हत्या का आरोपी है और उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। सतीश का कहना है कि इस तरह के और भी मामले हैं। दागी पुलिस कर्मी प्रोन्नत हो सकते हंै तो मुझे क्यों नहीं।
किस पर कितने मुकदमे 1- मनोहर सिंह यादव, उप निरीक्षक से निरीक्षक पद पर प्रोन्नत- अलीगढ़ के थाना जवां में अपराध संख्या 434/99 धारा 147, 195, 211, 218, 220, 230, 343, 120बी आईपीसी (वर्तमान में मैनपुरी की कोतवाली में इंस्पेक्टर) 2- जमील मोहम्मद रावत, उप निरीक्षक से निरीक्षक पद पर प्रोन्नत- मथुरा के थाना सदर बाजार में अपराध संख्या 110/2000 धारा 302, 342, 343, 118, 119, 201, 217, 218, 120बी आईपीसी (वर्तमान में एटा एसएसपी के पीआरओ) 3- नरेंद्र सिंह यादव, उप निरीक्षक से निरीक्षक पद पर प्रोन्नत- अलीगढ़ में अपराध संख्या 8307/13 धारा 148, 330, 147, 149, 364, 307, 342 आईपीसी ( वर्तमान में मथुरा के सुरीर थाने में इंस्पेक्टर) 4- श्याम सिंह यादव, कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल पद पर प्रोन्नत-हाथरस के चंदपा थाने में अपराध संख्या 02/87 धारा 147, 148, 149, 344, 357, 364, 302, 201, 218, 120बी आईपीसी ( वर्तमान में एटा के जलेसर थाने में एसआई)
मेरा प्रमोशन क्यों नहीं:सतीश एटा जनपद के वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी कार्यालय में तैनात कांस्टेबल सतीश चंद्र का कहना है कि पुलिसकर्मियों को प्रमोशन देने में मनमानी की गई है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद जब अन्य पुलिसकर्मियों को प्रमोशन दिया गया है तो मेरा क्यों नहीं, जबकि वरिष्ठताक्रम में मेरा नाम सबसे ऊपर है। क्या उन्हें यादव और मुस्लिम होने का लाभ दिया गया है। मैंने अपनी बात उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई है, उम्मीद है इस पर सुनवाई होगी।
- केवल एफआईआर में नाम आ आने से किसी का प्रमोशन नहीं रुक सकता। लेकिन चार्जशीट दाखिल हो जाने के बाद प्रमोशन आसान नहीं है। - जफरयाब जिलानी, एडिशनल एडवोकेट जनरल, उप्र सरकार