Aligarh: ओगर नगला राजू गोशाला में बायो गैस प्लांट का पीएम करेंगे लोकार्पण, किसानों की आमदनी बढ़ाना लक्ष्य
जिले की गभाना तहसील के गांव ओगर नगला राजू स्थित बृहद गो संरक्षण केंद्र में बायो गैस प्लांट तैयार किया गया है। इसका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त को ऑनलाइन लोकार्पण करेंगे।
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता में शामिल गोबर-धन योजना का एकीकृत पोर्टल पिछले महीने ही लांच हुआ था, अब इस इस योजना को अमलीजामा पहनाने का काम भी शुरू हो गया है। सूबे में इस अभियान की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हो चुकी है।
प्रत्येक मंडल में एक मॉडल कम्प्रेस्ड बायो गैस संयंत्र (सीबीजी) स्थापित किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले की गभाना तहसील के गांव ओगर नगला राजू स्थित बृहद गो संरक्षण केंद्र में बायो गैस प्लांट तैयार किया गया है। इसका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त को ऑनलाइन लोकार्पण करेंगे। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में गोबर धन योजना में 15वें वित्त आयोग के अनुदान के साथ नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की वित्तीय व्यवस्था से सीबीजी का निर्माण किया गया है।
किसानों की आमदनी बढ़ाना लक्ष्य
गोबर धन योजना में केंद्र एवं प्रदेश सरकार किसानों से पशुओं के गोबर, खेत में बचे अवशेष खरीदकर उसे बायोगैस, सीएनजी और कम्पोस्ट खाद में बदलने का काम करेगी। योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों को स्वच्छ बनाना और किसानों की आमदनी बढ़ाना है। ‘वेस्ट टू वेल्थ’ एवं ‘क्लीन एनर्जी’ की संकल्पना पर आधारित यह प्लांट पांच से दस किलोमीटर के दायरे को कलस्टर बनाकर निर्मित किया गया है। इसमें सभी सरकारी और निजी गोशाला के साथ पशुपालकों को जोड़ा गया है। फसल अवशेष और जैविक कचरे के बदले किसानों को निर्धारित धनराशि का भुगतान किया जाएगा।
उन्नत तकनीक का सामुदायिक बायोगैस प्लांट
गो संरक्षण केंद्र में उन्नत तकनीक का उपयोग कर सामुदायिक मॉडल बायो गैस प्लांट लगाया गया है। यह प्लांट जैविक कचरे के साथ गोबर को भी निष्पादित करने में सहायक होगा। यहां उत्पन्न बायोगैस को कंप्रेस्ड बायोगैस में बदला जाएगा। इससे किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी। निर्वासित पशुओं से उत्पन्न होने वाली समस्याओं का भी कुछ हद तक समाधान होगा। फसल अवशेष जलाने पर भी अंकुश लगेगा।
ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार
गांव ओगर नगला राजू की गोशाला में करीब 750 गोवंश हैं। इनकी देखभाल के लिए संरक्षकों की नियुक्ति की गई है। गोवंश के गोबर से बायोगैस प्लांट चलाया जाएगा। प्लांट के चालू होने से गोशाला को बाहर से बिजली लेने की जरूरत नहीं रहेगी। इसी प्लांट से गोशाला को बिजली मिलती रहेगी। जरूरत पड़ी तो स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार किसानों से दो रुपये किलो गोबर खरीदकर बायोगैस प्लांट चलाकर बिजली का उत्पादन करेगी। इससे किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ ग्रामीणों को रोजगार भी मिलेगा।
बायोगैस प्लांट में गोवंश के गोबर और कृषि के अपशिष्टों से बायोगैस बनेगी। इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी । सरकार इसे मॉडल के रूप में बना रही है। बायोगैस प्लांट का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त को ऑनलाइन वर्चुअल लोकार्पण करेंगे। - धनंजय जायसवाल, जिला पंचायत राज अधिकारी