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जमालपुर में भाजपाइयों के प्रचार का विरोध, मारपीट-हंगामा
Mon, 08 Apr 2019 01:33 AM IST
अभिषेक त्यागी
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: अभिषेक त्यागी
Updated Mon, 08 Apr 2019 01:33 AM IST
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जमालपुर में प्रचार करने पहुंचे भाजपाइयों को काले झंडे दिखाते सपा व बसपा कार्यकर्ता।
- फोटो : Dig Vishal
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महानगर के मुस्लिम बाहुल्य जमालपुर में प्रचार करने गए भाजपाइयों और गठबंधन के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों का विरोध करते हुए गठबंधन कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए। सांसद व भाजपा मुर्दाबाद, पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए। साथ गए सांसद सतीश गौतम के पुत्र शिवा को बचने के लिए भाजपा कार्यकर्ता के घर में शरण लेनी पड़ी। आरोप है कि विरोध करने वाले लाठी डंडों से लैस थे। इस मारपीट में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ता जख्मी हो गए। बाद में दोनों पक्षों के नेताओं ने थाने में जाकर अपने पक्ष में दबाव बनाने की कोशिश की।
हंगामे की खबर पर पहुंची पुलिस हमलावर खेमे से एक बसपा पार्षद, एक सपा पार्षद पति सहित चार लोगों को उठा लाई और 151 में पाबंद कर जेल भेज दिया। हालांकि उनके खिलाफ भाजपाइयों की ओर से मुकदमे के लिए तहरीर भी दी गई है, जिस पर देर शाम तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। इधर, चारों के रिहा न किए जाने के विरोध में सपाइयाें ने जेल पर धरना दिया। बाद में सीओ के समझाने पर धरना हटाया। इधर, खास बात यह कि हंगामा करने में जेल भेजे गए आरोपियों में सद्दाम भी शामिल है, जो एएमयू के हाल ही में हुए बवाल के दो मुकदमों में भी वांछित आरोपी है।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने रविवार को प्रत्याशी सतीश गौतम के प्रचार के लिए जनसंपर्क कार्यक्रम तय किया था। इसमें अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर अध्यक्ष इमरान सैफी के अलावा उनके साथी, सांसद सतीश गौतम के बेटे शिवा, भाजपा नेता भूपेंद्र वार्ष्णेय आदि इलाके के बूथ अध्यक्ष सत्यप्रकाश वर्मा की दुकान जमालपुर ईदगाह के पास एकत्र हुए। सत्यप्रकाश का घर भी वहीं पर है। आरोप है कि भाजपाइयों ने जैसे प्रचार शुरू किया तो बसपा पार्षद सद्दाम व सपा पार्षद पति असलम नूर के नेतृत्व में दूसरे मुस्लिम युवाओं ने उनका विरोध शुरू कर दिया। विरोध करने वाले युवाओं ने कहा कि सांसद सतीश गौतम कभी इस इलाके में झांकने नहीं आए तो उनका प्रचार क्यों हो रहा है..?
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विरोध करने पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भी प्रतिरोध किया। दोनों पक्षों में गालीगलौज के बाद मारपीट हो गई। विरोध करने वालाें ने भाजपाइयाें को काले झंडे दिखा कर पाकिस्तान जिंदाबाद भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगाए। यहां मौजूद जमालपुर पुलिस चौकी के इंचार्ज मूक दर्शक बने खड़े रहे । भाजपा और उनके पदाधिकारियों को घेर कर मारपीट करने की खबर मिलते ही सीओ तृतीय, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस और बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बीचबचाव किया। इधर, भाजपाइयों के साथ मारपीट करने के आरोपी चार लोग पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने भेज दिए। इनमें सद्दाम, असलम नूर के अलावा फारूक और इमरान आए। इस सूचना पर थाने पर मेयर मो. फुरकान, बसपा जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव, सपा नेता सलमान शाहिद, सपा पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इस्हाक सहित अन्य नेता पहुंचे और पकड़े गए लोगों के पक्ष में दलील देकर उनको छोड़ने का दबाव बनाया, लेकिन पुलिस ने उन्हें समझाकर थाने से वापस भेज दिया। पुलिस का तर्क था कि आरोपी सद्दाम अक्सर विवाद पैदा करने की हरकतें करता है।
बसपाइयों के जाने के बाद वहां काफी संख्या में भाजपाई महानगर महामंत्री मनीष राय, उपाध्यक्ष सुबोध स्वीटी, भूपेंद्र वार्ष्णेय, वैभव गौतम, डॉ. निशित शर्मा के नेतृत्व में आ गए। यहां एसपी सिटी को एक तहरीर लोकसभा संगठन मंत्री रामेंद्र सिंह की ओर से दी गई। तहरीर में मारपीट, हमलावर होने, पाकिस्तान समर्थक नारेबाजी व लूट आदि का आरोप लगाया है।
तहरीर में सद्दाम, पप्पू, शादाब, फिरोज, असलम, अनीस, मो. आजम, इरशाद, जाहिद आदि को नामजद किया है। साथ ही नदीम, इमरान सैफी, नबी हसन, खान मोहम्मद के चोट लगी हैं। नबी के गले से सोने की चेन और 3200 रुपये छीनने का भी आरोप है। नदीम के हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। एसपी सिटी ने उन्हें समझाकर कार्रवाई का भरोसा देकर भेज दिया।
बसपा जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त दिल्ली और लखनऊ को पत्र लिख कर शिकायत की है। जमालपुर में बसपा पार्षदों और नेताओं को मारा पीटा गया। भाजपाइयों के इशारे पर पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। सांसद पुत्र शिवा द्वारा दबंगई से जुलूस निकालना और सद्दाम को पीटना इसका प्रमाण है। तिलकराज ने कहा है कि उन्होंने इसकी शिकायत सामान्य प्रेक्षक एमएस जग्गी से भी की है। जग्गी के हस्तक्षेप के बाद जमालपुर प्रकरण में स्थानीय प्रशासन से सोमवार दोपहर तक रिपोर्ट तलब की गई है।
बसपा जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त दिल्ली और लखनऊ को पत्र लिख कर शिकायत की है। जमालपुर में बसपा पार्षदों और नेताओं को मारा पीटा गया।
भाजपाइयों के इशारे पर पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। सांसद पुत्र शिवा द्वारा दबंगई से जुलूस निकालना और सद्दाम को पीटना इसका प्रमाण है। तिलकराज ने कहा है कि उन्होंने इसकी शिकायत सामान्य प्रेक्षक एमएस जग्गी से भी की है। जग्गी के हस्तक्षेप के बाद जमालपुर प्रकरण में स्थानीय प्रशासन से सोमवार दोपहर तक रिपोर्ट तलब की गई है।
थाने में नारेबाजी करने पर पुलिस ने रोका
यहां लोकतांत्रिक तरीके से लोग विरोध कर रहे थे। इसी बीच बसपा व सपा के पार्षदों ने बिना अनुमति भाजपा के रैली निकालने पर ऐतराज जता दिया। इसी पर उन दोनों को भाजपाइयों ने जेल भिजवा दिया है। यह सत्ता का दुरुपयोग है।- अज्जू इशहाक सपा नेता
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हंगामे की खबर पर पहुंची पुलिस हमलावर खेमे से एक बसपा पार्षद, एक सपा पार्षद पति सहित चार लोगों को उठा लाई और 151 में पाबंद कर जेल भेज दिया। हालांकि उनके खिलाफ भाजपाइयों की ओर से मुकदमे के लिए तहरीर भी दी गई है, जिस पर देर शाम तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। इधर, चारों के रिहा न किए जाने के विरोध में सपाइयाें ने जेल पर धरना दिया। बाद में सीओ के समझाने पर धरना हटाया। इधर, खास बात यह कि हंगामा करने में जेल भेजे गए आरोपियों में सद्दाम भी शामिल है, जो एएमयू के हाल ही में हुए बवाल के दो मुकदमों में भी वांछित आरोपी है।
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भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने रविवार को प्रत्याशी सतीश गौतम के प्रचार के लिए जनसंपर्क कार्यक्रम तय किया था। इसमें अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर अध्यक्ष इमरान सैफी के अलावा उनके साथी, सांसद सतीश गौतम के बेटे शिवा, भाजपा नेता भूपेंद्र वार्ष्णेय आदि इलाके के बूथ अध्यक्ष सत्यप्रकाश वर्मा की दुकान जमालपुर ईदगाह के पास एकत्र हुए। सत्यप्रकाश का घर भी वहीं पर है। आरोप है कि भाजपाइयों ने जैसे प्रचार शुरू किया तो बसपा पार्षद सद्दाम व सपा पार्षद पति असलम नूर के नेतृत्व में दूसरे मुस्लिम युवाओं ने उनका विरोध शुरू कर दिया। विरोध करने वाले युवाओं ने कहा कि सांसद सतीश गौतम कभी इस इलाके में झांकने नहीं आए तो उनका प्रचार क्यों हो रहा है..?
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विरोध करने पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भी प्रतिरोध किया। दोनों पक्षों में गालीगलौज के बाद मारपीट हो गई। विरोध करने वालाें ने भाजपाइयाें को काले झंडे दिखा कर पाकिस्तान जिंदाबाद भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगाए। यहां मौजूद जमालपुर पुलिस चौकी के इंचार्ज मूक दर्शक बने खड़े रहे । भाजपा और उनके पदाधिकारियों को घेर कर मारपीट करने की खबर मिलते ही सीओ तृतीय, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस और बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बीचबचाव किया। इधर, भाजपाइयों के साथ मारपीट करने के आरोपी चार लोग पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने भेज दिए। इनमें सद्दाम, असलम नूर के अलावा फारूक और इमरान आए। इस सूचना पर थाने पर मेयर मो. फुरकान, बसपा जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव, सपा नेता सलमान शाहिद, सपा पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इस्हाक सहित अन्य नेता पहुंचे और पकड़े गए लोगों के पक्ष में दलील देकर उनको छोड़ने का दबाव बनाया, लेकिन पुलिस ने उन्हें समझाकर थाने से वापस भेज दिया। पुलिस का तर्क था कि आरोपी सद्दाम अक्सर विवाद पैदा करने की हरकतें करता है।
बसपाइयों के जाने के बाद वहां काफी संख्या में भाजपाई महानगर महामंत्री मनीष राय, उपाध्यक्ष सुबोध स्वीटी, भूपेंद्र वार्ष्णेय, वैभव गौतम, डॉ. निशित शर्मा के नेतृत्व में आ गए। यहां एसपी सिटी को एक तहरीर लोकसभा संगठन मंत्री रामेंद्र सिंह की ओर से दी गई। तहरीर में मारपीट, हमलावर होने, पाकिस्तान समर्थक नारेबाजी व लूट आदि का आरोप लगाया है।
तहरीर में सद्दाम, पप्पू, शादाब, फिरोज, असलम, अनीस, मो. आजम, इरशाद, जाहिद आदि को नामजद किया है। साथ ही नदीम, इमरान सैफी, नबी हसन, खान मोहम्मद के चोट लगी हैं। नबी के गले से सोने की चेन और 3200 रुपये छीनने का भी आरोप है। नदीम के हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। एसपी सिटी ने उन्हें समझाकर कार्रवाई का भरोसा देकर भेज दिया।
बसपा जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त दिल्ली और लखनऊ को पत्र लिख कर शिकायत की है। जमालपुर में बसपा पार्षदों और नेताओं को मारा पीटा गया। भाजपाइयों के इशारे पर पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। सांसद पुत्र शिवा द्वारा दबंगई से जुलूस निकालना और सद्दाम को पीटना इसका प्रमाण है। तिलकराज ने कहा है कि उन्होंने इसकी शिकायत सामान्य प्रेक्षक एमएस जग्गी से भी की है। जग्गी के हस्तक्षेप के बाद जमालपुर प्रकरण में स्थानीय प्रशासन से सोमवार दोपहर तक रिपोर्ट तलब की गई है।
बसपा जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त दिल्ली और लखनऊ को पत्र लिख कर शिकायत की है। जमालपुर में बसपा पार्षदों और नेताओं को मारा पीटा गया।
भाजपाइयों के इशारे पर पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। सांसद पुत्र शिवा द्वारा दबंगई से जुलूस निकालना और सद्दाम को पीटना इसका प्रमाण है। तिलकराज ने कहा है कि उन्होंने इसकी शिकायत सामान्य प्रेक्षक एमएस जग्गी से भी की है। जग्गी के हस्तक्षेप के बाद जमालपुर प्रकरण में स्थानीय प्रशासन से सोमवार दोपहर तक रिपोर्ट तलब की गई है।
थाने में नारेबाजी करने पर पुलिस ने रोका
यहां लोकतांत्रिक तरीके से लोग विरोध कर रहे थे। इसी बीच बसपा व सपा के पार्षदों ने बिना अनुमति भाजपा के रैली निकालने पर ऐतराज जता दिया। इसी पर उन दोनों को भाजपाइयों ने जेल भिजवा दिया है। यह सत्ता का दुरुपयोग है।- अज्जू इशहाक सपा नेता