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हे दुर्गा मां..! भक्तों की सुरक्षा आपके भरोसे..
विनाोद कुमार
Updated Mon, 11 Apr 2016 01:41 AM IST
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सुरक्ष्ाा
- फोटो : रूपेश्ा
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केरल के कोल्लम जिले के पुत्तिगंल देवी के मंदिर में आतिशबाजी के दौरान हुआ हादसे में 106 लोगों की मौत हो गई है। अलीगढ़ में भी देवी मंदिरों में नवरात्रि की जबरदस्त भीड़ हो रही है।
सुबह से शाम तक हवन यज्ञ, प्रसाद वितरण, माता की चौकी, भजन संध्या सहित कई धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। लेकिन अधिकांश प्रमुख मंदिरों में अग्निशमन यंत्र या फायर फाइटिंग के इंतजाम नहीं है। मंदिर प्रबंधन और ट्रस्ट भी ऐसे सुरक्षा इंतजाम से दूर हैं। जिला प्रशासन की ओर से भी मंदिरों को फायर फाइटिंग के इंतजाम करने के निर्देश नहीं दिये गये हैं।
मंदिरों के कर्ताधर्ता भी मानते हैं कि अगर आग लगने जैसी कोई बड़ी घटना हो तो बचाव के इंतजाम नहीं हैं। हां.. ये लोग इतना जरूर कहते हैं कि फायर बिग्रेड स्टेशन बहुत पास हैं इसलिए खतरे की कोई बात नहीं है। लेकिन इन सब तर्कों के बीच सवाल ये है कि हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर संजीदगी कब होगी..? क्या सुरक्षा भगवान भरोेसे पर है..?
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‘माता के मंदिर में अग्नि शमन यंत्र की कभी जरूरत नहीं पड़ी है। यहां पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है। फायर बिग्रेड भी नजदीक है, पांच मिनट में गाड़ी आ जाती है।’
चंद्र भूषण मिश्रा, पुजारी रघुवीरपुरी देवी मंदिर।
‘बाबा की कृपा से मंदिर परिसर में दो अग्नि शमन यंत्र की व्यवस्था है, एक यंत्र भंडारे में लगा है और दूसरा जनरेटर के पास लगा है। सभी कार्यक्रमों में सावधानी बरत रहे हैं।’
-धर्मप्रकाश अग्रवाल, अध्यक्ष सारसौल साईं मंदिर समिति
‘मंदिर में अग्नि शमन यंत्र तो नहीं है लेकिन एक सबमर्सिबल पंप की व्यवस्था है। एक और पंप लगवाया जा रहा है। इसका काम भी जल्द पूरा हो जाएगा।’
छोटू महाराज, महंत नौदेवी मंदिर नौरंगाबाद
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सुबह से शाम तक हवन यज्ञ, प्रसाद वितरण, माता की चौकी, भजन संध्या सहित कई धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। लेकिन अधिकांश प्रमुख मंदिरों में अग्निशमन यंत्र या फायर फाइटिंग के इंतजाम नहीं है। मंदिर प्रबंधन और ट्रस्ट भी ऐसे सुरक्षा इंतजाम से दूर हैं। जिला प्रशासन की ओर से भी मंदिरों को फायर फाइटिंग के इंतजाम करने के निर्देश नहीं दिये गये हैं।
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मंदिरों के कर्ताधर्ता भी मानते हैं कि अगर आग लगने जैसी कोई बड़ी घटना हो तो बचाव के इंतजाम नहीं हैं। हां.. ये लोग इतना जरूर कहते हैं कि फायर बिग्रेड स्टेशन बहुत पास हैं इसलिए खतरे की कोई बात नहीं है। लेकिन इन सब तर्कों के बीच सवाल ये है कि हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर संजीदगी कब होगी..? क्या सुरक्षा भगवान भरोेसे पर है..?
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‘माता के मंदिर में अग्नि शमन यंत्र की कभी जरूरत नहीं पड़ी है। यहां पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है। फायर बिग्रेड भी नजदीक है, पांच मिनट में गाड़ी आ जाती है।’
चंद्र भूषण मिश्रा, पुजारी रघुवीरपुरी देवी मंदिर।
‘बाबा की कृपा से मंदिर परिसर में दो अग्नि शमन यंत्र की व्यवस्था है, एक यंत्र भंडारे में लगा है और दूसरा जनरेटर के पास लगा है। सभी कार्यक्रमों में सावधानी बरत रहे हैं।’
-धर्मप्रकाश अग्रवाल, अध्यक्ष सारसौल साईं मंदिर समिति
‘मंदिर में अग्नि शमन यंत्र तो नहीं है लेकिन एक सबमर्सिबल पंप की व्यवस्था है। एक और पंप लगवाया जा रहा है। इसका काम भी जल्द पूरा हो जाएगा।’
छोटू महाराज, महंत नौदेवी मंदिर नौरंगाबाद