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अब उर्दू में मदरसों तक पहुंचेंगे स्टीफन हाकिंग
दीपक शर्मा
Updated Wed, 11 Jan 2017 01:52 AM IST
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Now Stephen Hawking will reach schools in Urdu
- फोटो : Amar Ujala
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मदरसों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को इंग्लैंड के महान वैज्ञानिक स्टीफन हाकिंग को उर्दू में पढ़ने का मौका मिलेगा। खगोल विज्ञान और उसकी जटिलताओं को उर्दू भाषा में ही सरल तरीके से पढ़ाने और समझाने के लिए अलीगढ़ के वैज्ञानिक प्रो. वसी हैदर ने प्रो. हाकिंग के काम का उर्दू में अनुवाद किया है।
इसमें प्रो. हाकिंग का 1982 में ऑक्सफोर्ट यूनिवर्सिटी में पढ़ा गया पत्र ‘ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ भी शामिल है।
इस महान और ऐतिहासिक लेक्चर में उस समय (1982 में) प्रो. वसी हैदर खुद भी मौजूद रहे थे। माना जा रहा है कि संभवत: पहली बार स्टीफन हाकिंग का काम उर्दू भाषा के माध्यम से मदरसों के लिए भी उपलब्ध होगा।
कुछ वर्षों पहले एएमयू के भौतिक विभाग के अध्यक्ष पद से रिटायर होने के बाद प्रो. वसी हैदर लगातार इस काम में लगे हैं कि विज्ञान की जटिलताओं को वह बेहद सरल तरीके से आम बच्चों और खास तौर से मदरसों, छोटे स्कूलों के बच्चों के बीच ले जाएं।
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प्रो. वसी हैदर ने स्टीफन हाकिंग के अलावा अन्य वैज्ञानिकों और वैज्ञानिक सिद्धांतों को भी उर्दू में अनुवाद किया है। वह लगातार विज्ञान और उसके सिद्धांतों को बच्चों और आम लोगों के बीच ले जाकर अंधविश्वास और गलत धारणाओं को भी खत्म करने के काम में लगे हुए हैं।
प्रो. वसी हैदर कहते हैं कि मदरसे के बच्चे उर्दू में तालीम हासिल करते हैं। अगर उनके विचार और मानसिकता को विस्तार देना है तो उनकी ही भाषा के माध्यम में विज्ञान को उन तक पहुंचाना जरूरी है। इसी मकसद के साथ यह काम किया जा रहा है।
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इसमें प्रो. हाकिंग का 1982 में ऑक्सफोर्ट यूनिवर्सिटी में पढ़ा गया पत्र ‘ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ भी शामिल है।
इस महान और ऐतिहासिक लेक्चर में उस समय (1982 में) प्रो. वसी हैदर खुद भी मौजूद रहे थे। माना जा रहा है कि संभवत: पहली बार स्टीफन हाकिंग का काम उर्दू भाषा के माध्यम से मदरसों के लिए भी उपलब्ध होगा।
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कुछ वर्षों पहले एएमयू के भौतिक विभाग के अध्यक्ष पद से रिटायर होने के बाद प्रो. वसी हैदर लगातार इस काम में लगे हैं कि विज्ञान की जटिलताओं को वह बेहद सरल तरीके से आम बच्चों और खास तौर से मदरसों, छोटे स्कूलों के बच्चों के बीच ले जाएं।
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प्रो. वसी हैदर ने स्टीफन हाकिंग के अलावा अन्य वैज्ञानिकों और वैज्ञानिक सिद्धांतों को भी उर्दू में अनुवाद किया है। वह लगातार विज्ञान और उसके सिद्धांतों को बच्चों और आम लोगों के बीच ले जाकर अंधविश्वास और गलत धारणाओं को भी खत्म करने के काम में लगे हुए हैं।
प्रो. वसी हैदर कहते हैं कि मदरसे के बच्चे उर्दू में तालीम हासिल करते हैं। अगर उनके विचार और मानसिकता को विस्तार देना है तो उनकी ही भाषा के माध्यम में विज्ञान को उन तक पहुंचाना जरूरी है। इसी मकसद के साथ यह काम किया जा रहा है।