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राहत : ट्रेनों में एमएसटी बनना शुरू
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ट्रेनों का संचालन धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगा है। इसलिए दिल्ली, गाजियाबाद, टूंडला और हाथरस की एमएसटी फिर से बनने लगी हैं। यात्रियों को सुविधा देने के लिए इसकी शुरुआत 28 अगस्त से की गई है। अभी तक 625 एमएसटी बनाई गई हैं। दिल्ली की एमएसटी 440 रुपये, हाथरस की 185 रुपये, टूंडला की 355 रुपये, गाजियाबाद की 440 रुपये में बन रही हैं।
नियमानुसार, एमएसटी एक साल, छह महीने, तीन महीने और एक महीने के लिए बनवाई जा सकती हैैं, लेकिन ज्यादातर लोग केवल महीनेभर की एमएसटी बनवाते हैं। बीते चार दिनों में सोमना की 19, दादरी की 86, कमालपुर की 19, खुर्जा की 117, सिकंदरपुर की 24, चोला की 110, वैर की 123, दनकौर की 114 एमएसटी बनी हैं। इस तरह 625 मासिक टिकट बने हैं। इससे पहले कोरोना के उफान पर आने सेे पहले वित्तीय वर्ष 2019-20 में अलीगढ़ रेलवे जंक्शन से 20316 एमएसटी बनी थीं। उस वर्ष महीने में एमएसटी बनाने का औसत 1693 था। कोरोना संक्रमण काल में एमएसटी बनना लगभग बंद रहा, क्योंकि ट्रेनों का संचालन थम गया था। अब ट्रेनों का संचालन यथावत होने लगा है। इसलिए इस टिकट की मांग होने लगी है। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि एमएसटी पर किसी भी ट्रेन में आरक्षित कोच में सफर नहीं कर सकेंगे। आरक्षित कोच में पकड़े जाने पर बिना टिकट माना जाएगा। जिस पर कार्रवाई होगी।
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नियमानुसार, एमएसटी एक साल, छह महीने, तीन महीने और एक महीने के लिए बनवाई जा सकती हैैं, लेकिन ज्यादातर लोग केवल महीनेभर की एमएसटी बनवाते हैं। बीते चार दिनों में सोमना की 19, दादरी की 86, कमालपुर की 19, खुर्जा की 117, सिकंदरपुर की 24, चोला की 110, वैर की 123, दनकौर की 114 एमएसटी बनी हैं। इस तरह 625 मासिक टिकट बने हैं। इससे पहले कोरोना के उफान पर आने सेे पहले वित्तीय वर्ष 2019-20 में अलीगढ़ रेलवे जंक्शन से 20316 एमएसटी बनी थीं। उस वर्ष महीने में एमएसटी बनाने का औसत 1693 था। कोरोना संक्रमण काल में एमएसटी बनना लगभग बंद रहा, क्योंकि ट्रेनों का संचालन थम गया था। अब ट्रेनों का संचालन यथावत होने लगा है। इसलिए इस टिकट की मांग होने लगी है। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि एमएसटी पर किसी भी ट्रेन में आरक्षित कोच में सफर नहीं कर सकेंगे। आरक्षित कोच में पकड़े जाने पर बिना टिकट माना जाएगा। जिस पर कार्रवाई होगी।
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