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Aligarh News: विधान परिषद चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को होगा मतदान, 37 केंद्रों पर बनेंगे 67 मतदेय स्थल
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विधान परिषद चुनाव के लिए प्रशिक्षण देते हुए कर्मी स्रोत सूचना विभाग
पीठासीन और मतदान अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण, मतपत्र और मतपेटिका से होगा मतदान
अलीगढ़। विधान परिषद निर्वाचन-2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए गुरुवार को कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में पीठासीन अधिकारियों और मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों को मतदान प्रक्रिया, मतपत्रों के इस्तेमाल, मतदाताओं की पहचान और मतपेटिका सील करने सहित निर्वाचन से जुड़े विभिन्न नियमों की जानकारी दी गई। जिले में 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा।
मुख्य विकास अधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी कार्मिक योगेंद्र कुमार ने कहा कि सभी अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि जिले में 37 मतदान केंद्रों पर 67 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात रहेगा, जबकि मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए 74 माइक्रो ऑब्जर्वर लगाए गए हैं। मतदान मतपत्र और मतपेटिका के माध्यम से कराया जाएगा।
मास्टर ट्रेनर मोहम्मद शाहबुद्दीन ने अधिकारियों को बताया कि मतदान दल मतदान से एक दिन पहले नौरंगीलाल इंटर कॉलेज पहुंचकर मतदान सामग्री प्राप्त करेंगे। चेकलिस्ट के अनुसार मतपेटिका, लिफाफे, अमिट स्याही और अन्य सामग्री का मिलान करना होगा। मतदान केंद्र पर पहुंचने के बाद व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना होगा कि मतदान की निष्पक्षता प्रभावित करने वाली कोई सामग्री या व्यवस्था मौजूद न हो।
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उन्होंने बताया कि मतदान केंद्र पर महिला और पुरुष मतदाताओं के लिए अलग-अलग कतारों के साथ प्रवेश और निकासी की पृथक व्यवस्था की जाएगी। मतदान शुरू होने से पहले मतदान अभिकर्ताओं की मौजूदगी में मतपेटिका खाली होने का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद उसे सील कर निर्धारित समय पर मतदान शुरू कराया जाएगा। पूरी प्रक्रिया के दौरान मतदान की गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य होगा।
प्रशिक्षण में मतदाताओं की पहचान, अमिट स्याही लगाने और मतपत्र जारी करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। स्नातक निर्वाचन में मतदाता की तर्जनी और शिक्षक निर्वाचन में मध्यमा उंगली पर अमिट स्याही लगाई जाएगी। मतदाता को बैंगनी रंग का पेन उपलब्ध कराया जाएगा। मतदाता अपनी पसंद के अभ्यर्थी के सामने अंक एक लिखकर पहला अधिमान देगा। इसके बाद वह अन्य अभ्यर्थियों के सामने 2, 3, 4 आदि अंक लिखकर अपने अधिमान दर्ज कर सकता है।
मतदान अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में भी बताया गया। प्रथम मतदान अधिकारी निर्वाचक नामावली की चिह्नित प्रति और मतदाता की पहचान की प्रक्रिया संभालेंगे, जबकि द्वितीय मतदान अधिकारी मतपत्रों के बंडलों के प्रभारी रहेंगे और नियमानुसार अमिट स्याही लगाने का कार्य करेंगे। यदि कोई मतदाता अमिट स्याही लगवाने या आवश्यक हस्ताक्षर करने से इनकार करता है तो उसे मतपत्र जारी नहीं किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान चुनौती मत, निविदत्त मतपत्र, दिव्यांग और अशक्त मतदाताओं के मतदान, मतदान से इनकार की परिस्थितियों और मतपत्र को निर्धारित तरीके से मोड़ने का भी अभ्यास कराया गया। पीठासीन अधिकारियों को मतदान से संबंधित 26 बिंदुओं की जानकारी पीठासीन डायरी में अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए। मतदान समाप्त होने के बाद निर्धारित वाहन से ही मतपेटियों और निर्वाचन सामग्री को संग्रह केंद्र तक पहुंचाना होगा।
प्रशिक्षण में डीडीओ सुभाष नेमा, पीडी डीआरडीए आरके कुरील, सहायक निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार सहित अन्य अधिकारी और प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।
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अलीगढ़। विधान परिषद निर्वाचन-2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए गुरुवार को कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में पीठासीन अधिकारियों और मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों को मतदान प्रक्रिया, मतपत्रों के इस्तेमाल, मतदाताओं की पहचान और मतपेटिका सील करने सहित निर्वाचन से जुड़े विभिन्न नियमों की जानकारी दी गई। जिले में 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा।
मुख्य विकास अधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी कार्मिक योगेंद्र कुमार ने कहा कि सभी अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि जिले में 37 मतदान केंद्रों पर 67 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात रहेगा, जबकि मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए 74 माइक्रो ऑब्जर्वर लगाए गए हैं। मतदान मतपत्र और मतपेटिका के माध्यम से कराया जाएगा।
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मास्टर ट्रेनर मोहम्मद शाहबुद्दीन ने अधिकारियों को बताया कि मतदान दल मतदान से एक दिन पहले नौरंगीलाल इंटर कॉलेज पहुंचकर मतदान सामग्री प्राप्त करेंगे। चेकलिस्ट के अनुसार मतपेटिका, लिफाफे, अमिट स्याही और अन्य सामग्री का मिलान करना होगा। मतदान केंद्र पर पहुंचने के बाद व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना होगा कि मतदान की निष्पक्षता प्रभावित करने वाली कोई सामग्री या व्यवस्था मौजूद न हो।
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उन्होंने बताया कि मतदान केंद्र पर महिला और पुरुष मतदाताओं के लिए अलग-अलग कतारों के साथ प्रवेश और निकासी की पृथक व्यवस्था की जाएगी। मतदान शुरू होने से पहले मतदान अभिकर्ताओं की मौजूदगी में मतपेटिका खाली होने का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद उसे सील कर निर्धारित समय पर मतदान शुरू कराया जाएगा। पूरी प्रक्रिया के दौरान मतदान की गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य होगा।
प्रशिक्षण में मतदाताओं की पहचान, अमिट स्याही लगाने और मतपत्र जारी करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। स्नातक निर्वाचन में मतदाता की तर्जनी और शिक्षक निर्वाचन में मध्यमा उंगली पर अमिट स्याही लगाई जाएगी। मतदाता को बैंगनी रंग का पेन उपलब्ध कराया जाएगा। मतदाता अपनी पसंद के अभ्यर्थी के सामने अंक एक लिखकर पहला अधिमान देगा। इसके बाद वह अन्य अभ्यर्थियों के सामने 2, 3, 4 आदि अंक लिखकर अपने अधिमान दर्ज कर सकता है।
मतदान अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में भी बताया गया। प्रथम मतदान अधिकारी निर्वाचक नामावली की चिह्नित प्रति और मतदाता की पहचान की प्रक्रिया संभालेंगे, जबकि द्वितीय मतदान अधिकारी मतपत्रों के बंडलों के प्रभारी रहेंगे और नियमानुसार अमिट स्याही लगाने का कार्य करेंगे। यदि कोई मतदाता अमिट स्याही लगवाने या आवश्यक हस्ताक्षर करने से इनकार करता है तो उसे मतपत्र जारी नहीं किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान चुनौती मत, निविदत्त मतपत्र, दिव्यांग और अशक्त मतदाताओं के मतदान, मतदान से इनकार की परिस्थितियों और मतपत्र को निर्धारित तरीके से मोड़ने का भी अभ्यास कराया गया। पीठासीन अधिकारियों को मतदान से संबंधित 26 बिंदुओं की जानकारी पीठासीन डायरी में अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए। मतदान समाप्त होने के बाद निर्धारित वाहन से ही मतपेटियों और निर्वाचन सामग्री को संग्रह केंद्र तक पहुंचाना होगा।
प्रशिक्षण में डीडीओ सुभाष नेमा, पीडी डीआरडीए आरके कुरील, सहायक निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार सहित अन्य अधिकारी और प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।