जांच में हो रहा खुलासा: फर्जी नंबर प्लेट की बोलेरो से बदमाशों ने किया था जज का पीछा, खंगाले 150 सीसीटीवी कैमरे
पुलिस की टीम ने हाइवे पर खेरेश्वर चौराहे से टप्पल इंटरचेंज तक करीब 18 किलोमीटर क्षेत्र में 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को देखा है। लेकिन न्यायाधीश द्वारा मुकदमे में बदमाशों की जिस सफेद बोलेरो का जिक्र किया गया है, वह कहीं नहीं दिखी।
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बदमाशों ने फर्रुखाबाद के विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) डॉ. अनिल कुमार का पीछा फर्जी नंबर प्लेट लगी बोलेरो से किया था। जांच में इसका खुलासा हो रहा है। न्यायाधीश ने मुकदमे में गाड़ी के जिस नंबर का उल्लेख किया है, जांच में वह फर्जी पाया गया है।
वहीं 11 नवंबर को पुलिस की टीम ने हाइवे पर खेरेश्वर चौराहे से टप्पल इंटरचेंज तक करीब 18 किलोमीटर क्षेत्र में 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को देखा है। लेकिन न्यायाधीश द्वारा मुकदमे में बदमाशों की जिस सफेद बोलेरो का जिक्र किया गया है, वह कहीं नहीं दिखी। अब यह भी तो हो सकता ही बदमाशों की गाड़ी हाईवे से उतरकर दूसरे रास्तों से निकल गई हो। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।
न्यायाधीश डॉ. अनिल कुमार द्वारा थाना खैर में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया था कि 29 अक्तूबर को वह नोएडा जा रहे थे। हाईवे पर जब वह खैर से निकले तो बदमाशों ने सफेद रंग की बोलेरो कार से उनका पीछा करना शुरू किया था। बदमाशों ने सोफा पुलिस चौकी तक पीछा किया था। बीच में जट्टारी कस्बा भी पड़ा। रास्ते में बदमाश असलहा दिखाकर उनकी गाड़ी को रोकने की कोशिश करते रहे।
उन्होंने सोफा पुलिस चौकी पर गाड़ी रोकी तो बदमाश अपनी कार खैर की ओर मोड़कर भाग गए। खैर से सोफा पुलिस चौकी की दूरी लगभग 12 किलोमीटर है। हो सकता है कि भागते समय बदमाश हाईवे छोड़कर गांवों के रास्ते होकर गए हों। अब पुलिस स्थानीय लोगों और राहगीरों से भी गाड़ी व घटना के संबंध में जानकारी करने की कोशिश कर रही है।
एसएसपी के पीआरओ को फोन पर दी थी सूचना
जज द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा गया है कि जब बोलेरो उनका पीछा कर रही थी तो सबसे पहले सोफा पुलिस चौकी पर उन्होंने घटना की जानकारी दी थी। इसके बाद एसएसपी के पीआरओ को भी बोलेरो कार के पीछा किए जाने की जानकारी दी थी।
सुंदर भाटी के गिरोह पर हमले की कोशिश का अंदेशा
कुख्यात अपराधी सुंदर भाटी के गिरोह पर हमले की कोशिश करने का अंदेशा जताया गया है। कहा गया कि 2021 में उन्होंने इस गिरोह के सदस्यों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसका बदला लेने के लिए गिरोह ने उन पर हमले की कोशिश की। एक संभावना उन्होंने रोडरेज की भी जताई थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सुंदर भाटी गिरोह का कोई नेटवर्क तो अलीगढ़ में नहीं है। बताया जाता है कि सुंदरभाटी 23 अक्तूबर को जेल से रिहा हुआ है।
इस मामले में खेरेश्वर चाैराहा से लेकर टप्पल इंटरचेंज तक सड़क किनारे लगे करीब 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए हैं। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कहीं भी संदिग्ध बोलेरो गाड़ी दिखाई नहीं पड़ी है। स्थानीय लोगों से भी इस बारे में जानकारी की जा रही है। संदिग्ध बोलेरो के नंबर वाली गाड़ियों की जानकारी आरटीओ कार्यालय से ली जा रही है। पूरे प्रकरण में क्राइम ब्रांच, एसओजी व थाने की दो टीमों सहित चार टीमें जुटी हुई हैं। जांच अभी जारी है।- मुकेश चंद्र उत्तम, एसपी देहात