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विद्यार्थियों ने सीखे थ्रीडी प्रिंटिंग के तरीके
Wed, 24 Apr 2019 02:16 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Wed, 24 Apr 2019 02:16 AM IST
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कार्यक्रम में उपस्थित विभूति चौहान, सुनीता सिंह, रूचि शर्मा, प्रज्ञा पंडित, अनुपमा शर्मा
- फोटो : Rupesh
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अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत सासनीगेट स्थित विश्व भारती पब्लिक स्कूल में थ्री डी प्रिंटिंग एंड रोबोटिक्स कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें करीब 500 से विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
प्रशिक्षक विभूति चौहान, शिवांशु चौहान व गीतांश गुप्ता ने विद्यार्थियों को थ्रीडी प्रिंटिंग एंड रोबोटिक्स के बारे में जानकारी दी। साथ ही महिलाएं कार्यशाला का हिस्सा बनीं। इस तकनीक को सीखकर महिलाएं स्वावलंबी बन सकती हैं। इस बारे में उन्हें बताया गया। इस अवसर पर प्रिंसिपल सुनीता सिंह, रुचि शर्मा, प्रज्ञा शर्मा, जिगीशा सिंह आदि मौजूद रहे।
कम कीमत पर बनाना चाहते हैं कृत्रिम हाथ
महानगर के सूर्य विहारी निवासी उद्यमी विभूति चौहान शिवांशु चौहान व गीतांश गुप्ता ने कहा कि वह भविष्य में 10 हजार रुपये से भी कम कीमत में थ्रीडी के जरिये कृत्रिम व इलेक्ट्रानिक हाथ बनाना चाहते हैं, ताकि जिनके हाथ कट जाते हैं या जन्मजात नहीं होते, उन्हें यह सुविधा मुहैया करा सकें।
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इंजीनियर विभूति ने बताया कि थ्रीडी प्रिंटर को वर्ष 2014 में गूगल पर देखा था, उसके बाद तय किया कि वह खुद प्रिंटर बनाएंगी। वर्ष 2017 में उन्होंने थ्रीडी प्रिंटर की कंपनी वाईपैनएक्स के नाम से बना ली।
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प्रशिक्षक विभूति चौहान, शिवांशु चौहान व गीतांश गुप्ता ने विद्यार्थियों को थ्रीडी प्रिंटिंग एंड रोबोटिक्स के बारे में जानकारी दी। साथ ही महिलाएं कार्यशाला का हिस्सा बनीं। इस तकनीक को सीखकर महिलाएं स्वावलंबी बन सकती हैं। इस बारे में उन्हें बताया गया। इस अवसर पर प्रिंसिपल सुनीता सिंह, रुचि शर्मा, प्रज्ञा शर्मा, जिगीशा सिंह आदि मौजूद रहे।
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कम कीमत पर बनाना चाहते हैं कृत्रिम हाथ
महानगर के सूर्य विहारी निवासी उद्यमी विभूति चौहान शिवांशु चौहान व गीतांश गुप्ता ने कहा कि वह भविष्य में 10 हजार रुपये से भी कम कीमत में थ्रीडी के जरिये कृत्रिम व इलेक्ट्रानिक हाथ बनाना चाहते हैं, ताकि जिनके हाथ कट जाते हैं या जन्मजात नहीं होते, उन्हें यह सुविधा मुहैया करा सकें।
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इंजीनियर विभूति ने बताया कि थ्रीडी प्रिंटर को वर्ष 2014 में गूगल पर देखा था, उसके बाद तय किया कि वह खुद प्रिंटर बनाएंगी। वर्ष 2017 में उन्होंने थ्रीडी प्रिंटर की कंपनी वाईपैनएक्स के नाम से बना ली।