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मंगलायतन विश्वविद्यालय: दूरस्थ शिक्षा में 9 पाठ्यक्रम शामिल, यूजीसी ने दी मान्यता, 21 कोर्स चलेंगे
Mon, 18 Sep 2023 09:10 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Mon, 18 Sep 2023 09:10 PM IST
सार
नये पाठ्यक्रम में बीकॉम, बीए, एमबीए, एमकॉम, एमएससी गणित, एमए अंग्रेजी, एमए इतिहास, एमए राजनीति विज्ञान, एमए समाजशास्त्र शामिल हैं। पिछले महीने 12 पाठ्यक्रमों की मान्यता मिली थी, जिसमें बीबीए, बीसीए, बीए, एमए अंग्रेजी, एमए राजनीति विज्ञान, एमए जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, एमए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, एमए एजूकेशन, एमबीए, एमकॉम, एमसीए, एमएससी गणित शामिल थे।
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गांधी पार्क बस स्टैंड एक होटल में मंगलायत यूनिवर्सिर्टी द्वारा पत्रकारों से वार्ता
- फोटो : नितिन गुप्ता
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विस्तार
मंगलायतन विश्वविद्यालय को दूरस्थ शिक्षा के लिए 9 पाठ्यक्रम (स्नातक व परास्नातक) की मान्यता विश्वविद्यालय अनुदान आयोजन (यूजीसी) ने दी है। अब यहां 21 पाठ्यक्रमों का संचालन होगा। इसकी परीक्षा विद्यार्थी हिंदी माध्यम से भी दे सकते हैं।
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नये पाठ्यक्रम में बीकॉम, बीए, एमबीए, एमकॉम, एमएससी गणित, एमए अंग्रेजी, एमए इतिहास, एमए राजनीति विज्ञान, एमए समाजशास्त्र शामिल हैं। पिछले महीने 12 पाठ्यक्रमों की मान्यता मिली थी, जिसमें बीबीए, बीसीए, बीए, एमए अंग्रेजी, एमए राजनीति विज्ञान, एमए जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, एमए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, एमए एजूकेशन, एमबीए, एमकॉम, एमसीए, एमएससी गणित शामिल थे।
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सोमवार को विवि के कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने कहा कि वर्तमान युग में शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव हो रहे हैं। दूरस्थ शिक्षा विद्यार्थियों को कौशल और नौकरी के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जो किसी कारणवश उच्च शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाए, उनके लिए सर्वोत्तम शिक्षण संसाधन उपलब्ध होंगे। सभी पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक अनुभव प्रदान करना है, ताकि उन्हें कॅरियर के बड़े अवसर प्राप्त हों।
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दूरस्थ शिक्षा केंद्र के निदेशक प्रो. मसूद परवेज ने बताया कि नए सत्र में विश्वविद्यालय में दूरस्थ शिक्षा पाठ्यक्रम संचालन के लिए यूजीसी से मान्यता मिल गई है। विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों की ओर से तैयार पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। रविवार को ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों मोड में कक्षाएं संचालित होंगी।
कुलसचिव बिग्रेडियर समरवीर सिंह ने बताया कि जो लोग नौकरी करते हैं या दूर पढ़ाई करने नहीं जा सकते हैं, उनके लिए दूरस्थ शिक्षा बेहतर विकल्प है। इस अवसर पर वित्त सलाहकार अतुल गुप्ता, पत्रकारिता एवं जनसंपर्क विभाग से योगेश कौशिक, डॉ. सोनी सिंह व लव मित्तल आदि मौजूद रहे।