अलीगढ़ में जलीय जीवों के अनुकूल नहीं है काली नदी का पानी, कासगंज में कुछ सुधार
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जनपद में काली नदी का पानी जलीय जीवों के अनुकूल नहीं है। जल में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा मानक से बहुत कम है। राहत की बात यह है कि कासगंज के हालात में कुछ सुधार हुआ है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सोमवार को अतरौली के पास काली नदी के जल का नमूना लिया गया था। जल में घुलित ऑक्सीजन (डीओ) की मात्रा मानक से बहुत कम है। यहां डीओ मात्र 2.0 है, जबकि जलीय जीवों के विकास के लिए घुलित ऑक्सीजन की मात्रा 3 एमजी प्रति लीटर से अधिक होना चाहिए। पानी का रंग भी 10 के बदले 62 हैजन है। वहीं पीएच 7.5 है।
प्रयागराज में माघ मेला का पहला स्नान 14 जनवरी 2021 को है, इसलिए गंगा एवं उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। काली नदी में नहर का पानी छोड़े जाने के कारण कासगंज में जल के स्तर में कुछ सुधार हुआ है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रामगोपाल कहते हैं कि नजरई गेट कासगंज में जल में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा बढ़कर 5.4 एमजी प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
वहां पर पानी का रंग 25 हैजन है। यानी कासगंज में जल की गुणवत्ता अलीगढ़ से बेहतर है। रामगोपाल कहते हैं कि अलीगढ़ एवं कासगंज के 5 कारखानों को ट्रीटमेंट के बाद पानी नदी में छोड़ने का निर्देश दिया गया है।
वायु प्रदूषण भी मानक से अधिक
महानगर में वायु प्रदूषण भी मानक से अधिक है। ज्ञान सरोवर स्थित उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के आसपास पीएम 10 -140.20 है। क्षेत्रीय अधिकारी रामगोपाल ने बताया कि वायु प्रदूषण मानक से थोड़ा अधिक है।