कांवड़ यात्रा: होटल-ढाबों पर लगाना होगा रेट लिस्ट-क्यूआर कोड, खाने में प्याज-लहसुन है या नहीं बताना होगा
अब दुकानों पर यह भी प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा कि परोसे जा रहे भोजन में प्याज और लहसुन का प्रयोग हुआ है या नहीं। इसके साथ ही, कांवड़ यात्रा मार्ग पर खाद्य सुरक्षा विभाग की मोबाइल वैन भी तैनात रहेगी, जो निरंतर निरीक्षण और निगरानी का कार्य करेगी।
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अलीगढ़ में कांवड़ यात्रा से पहले सभी होटल और ढाबों पर रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। दुकानदारों को अपना फूड लाइसेंस भी प्रदर्शित करना होगा। क्यूआर कोड़ भी लगाना होगा। इस क्यूआर कोड को स्कैन करके कोई भी व्यक्ति दुकानदार और दुकान से संबंधित सभी विवरण अपने मोबाइल एप पर तुरंत प्राप्त कर सकेगा।
5 जुलाई को रामघाट रोड सहित पूरे कांवड़ यात्रा मार्ग पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया और दुकानदारों को नई व्यवस्था के विषय में बताया। इस नई व्यवस्था के तहत एफएसडीए ने इसके लिए एक विशेष प्रपत्र जारी किया है। इस प्रपत्र में लाइसेंस नंबर, दुकान का नाम, पता, मोबाइल नंबर और यदि उपलब्ध हो तो ईमेल आईडी भी दर्ज होगी। इस प्रपत्र पर एक टोल-फ्री नंबर और फूड सेफ्टी कनेक्ट एप का क्यूआर कोड भी मौजूद रहेगा। क्यूआर कोड को स्कैन करते ही ग्राहक को दुकान और दुकानदार से संबंधित पूरी जानकारी मिल जाएगी, जिसमें दुकानदार का नाम भी शामिल होगा। इससे ग्राहक आसानी से अपना फीडबैक भी साझा कर सकेंगे।
कांवड़ यात्रा मार्ग पर खाद्य सामग्री वाले दुकानदारों को लाइसेंस, पंजीकरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। रेट लिस्ट भी प्रदर्शित रहेगी। साथ ही फूड सेफ्टी कनेक्टिविटी एप शुरू किया है। यह यात्रियों को भोजन की गुणवत्ता, दर व शिकायतों के समाधान आदि की सुविधा देगा। दुकानों के बाहर क्यू आर कोड चिपका रहेगा। जिससे श्रद्धालु दुकानदार का पूरा विवरण जान सकेंगे।- दीनानाथ यादव, सहायक आयुक्त-2, एफडीए
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खाद्य पदार्थों में प्याज लहसुन के इस्तेमाल की भी देनी होगी जानकारी
अब दुकानों पर यह भी प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा कि परोसे जा रहे भोजन में प्याज और लहसुन का प्रयोग हुआ है या नहीं। इसके साथ ही, कांवड़ यात्रा मार्ग पर खाद्य सुरक्षा विभाग की मोबाइल वैन भी तैनात रहेगी, जो निरंतर निरीक्षण और निगरानी का कार्य करेगी।
फूड सेफ्टी कनेक्ट एप के माध्यम से ग्राहक कर सकेंगे मिलावट की शिकायत
ग्राहक को एप पर यह बताना होगा कि उन्होंने किस दुकान पर क्या खाया और किस तरह की मिलावट की आशंका है। यह फीडबैक एप पर अपलोड होगा, विभाग की टीम के पास तुरंत एक संदेश पहुंच जाएगा। कंट्रोल रूम से उस इलाके में मौजूद खाद्य निरीक्षक को इसकी सूचना दी जाएगी, वह संबंधित खाद्य पदार्थ की तुरंत जांच करेगा। यदि प्राथमिक जांच में ही मिलावट का संदेह सही पाया जाता है, तो खाद्य पदार्थ को मौके पर ही नष्ट कराया जाएगा।