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बजट से उम्मीद ः महंगाई और टैक्स से राहत दिलाएं सरकार
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सौम्या गुप्ता
- फोटो : CITY OFFICE
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केंद्र सरकार द्वारा एक फरवरी को बजट प्रस्तुत किया जाएगा। कोरोना महामारी से जूझ रहे लोगों को बजट से ढेरों उम्मीदें हैं। कोरोना काल में उद्योग, व्यापार, रोजगार से लेकर जीवन का हर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। कारोबार पटरी पर लौटे और तेज रफ्तार से दौड़े, इसके लिए सरकार का सहयोग बहुत जरूरी है। ज्यादातर लोगों की आमदनी घटी है। महंगाई की वजह से रसोई का भी बजट गड़बड़ा गया है। मंडी शुल्क और जीएसटी के कारण व्यापारी वर्ग परेशान है। ऐसे में आम आदमी से लेकर कारोबारियों तक की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बढ़ी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि सरकार महंगाई और विभिन्न प्रकार के टैक्सों में कमी कर राहत दिलाएं।
जीएसटी लागू करते समय केंद्र सरकार ने कहा था कि एक राष्ट्र एक टैक्स किंतु दावा हवा हवाई साबित हुआ। आज भी व्यापारी जीएसटी की अलग-अलग दरें झेल रहा है। सभी प्रकार के टैक्स समाप्त किए जाएं।
- भुपेंद्र वार्ष्णेय, जिलाध्यक्ष, अलीगढ़ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
मंडी शुल्क वापस लिया जाए। जीएसटी की एक समान दर 10 प्रतिशत सभी जिंसों पर रखी जाए। कपड़ों पर जीएसटी की दर बढ़ाने से व्यापारियों व आम आदमी को परेशानी होगी। केंद्रीय बजट में महंगाई पर काबू पाने का प्रयास हो।
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- प्रमोद अग्रवाल, व्यापारी नेता
--
सरकार को व्यापार के तरीके को सुलभ करना चाहिए। जीएसटी कानून की समीक्षा के साथ-साथ इसे सरल एवं युक्तिसंगत बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठने चाहिए। आयकर छूट भी सरकार को बढ़ानी चाहिए।
- प्रदीप गंगा, महानगर अध्यक्ष, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर, प्रदेश
महंगाई पर काबू पाने की जरूरत है। जनता कराह रही है। खाने-पीने से लेकर अन्य सामान काफी महंगे हुए हैं। दाल, सरसों के तेल से लेकर अन्य खाद्य वस्तुएं आदमी की पहुंच से दूर हो रही हैं। कोरोना से आमदनी घटी है और लोग परेशान हैं।
- गिर्राज किशोर गुप्ता, अलीगढ़ टैक्स बार एसोसिएशन
--
जीएसटी में कर चोरी रोकने के लिए अधिवक्ताओं के माध्यम से पंजीयन एवं उसकी प्रक्रियाएं जमा करने को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। अधिवक्ताओं को पेंशन व बीमे का लाभ दिया जाना चाहिए।
- आशुतोष वार्ष्णेय, अलीगढ़ टैक्स बार एसोसिएशन
सरकार ऐसी योजनाएं लाएं, जिससे अधिवक्ताओं के हित एवं भविष्य सुरक्षित हो। सरकार उनको भविष्य निधि देने के लिए प्लानिंग करें, क्योंकि पारिवारिक जिम्मेदारियों से घिरा अधिवक्ता चाहते हुए भी रिटायरमेंट नहीं ले पाता।
- संगीता वार्ष्णेय, अधिवक्ता
कपास के दाम में तेजी से होजरी एवं कपड़ों पर 30 से 40 प्रतिशत भाव बढ़ गए। सरकार जीएसटी पांच से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने की सोच रही है। कपड़े व होजरी जन सामान्य की जरूरत की चीज है। इसके रेट नहीं बढ़ने चाहिए।
- उपेंद्र सिंघल, अध्यक्ष, अलीगढ़ होजरी एसोसिएशन
कोरोना से कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। छोटे-बड़े व्यापारियों को बहुत नुकसान हुआ है। बाजार में पूंजी का प्रवाह प्रभावित हुआ है। आम आदमी को ध्यान में रखकर बजट में कष्टों को दूर करने का इंतजाम होना चाहिए।
- हनी वार्ष्णेय, व्यापारी, ऊपरकोट
कोरोना महामारी के बाद से ही आवासीय प्रॉपर्टी बाजार संकट का सामना कर रहा है। होम लोन पर धारा 24 बी के तहत ब्याज की कटौती की सीमा को बढ़ाकर पांच लाख की जाए। एक स्ट्रेस फंड की भी घोषणा इस बजट में हो।
- सुमित सर्राफ , रियल स्टेट कारोबारी
निवेशकों के लिए बाजार और ज्यादा इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली बनाया जाए। ट्रांजेक्शन कॉस्ट को घटाने पर ध्यान देना चाहिए, जो भारत में पहले से ही बहुत ज्यादा है। ट्रांजेक्शन कॉस्ट घटाने से ज्यादा से ज्यादा विदेशी निवेशक आकर्षित होंगे।
- संजय माहेश्वरी, शेयर बाजार विश्लेषक
बजट में लघु उद्योग व्यापारियों के लिए विशेष तौर पर छूट देने की आवश्यकता है, जिससे पिछले दो साल में हुए नुकसान की भरपाई कर सकें। कोरोना काल के बाद उपजे हालात को ध्यान में रखकर आम आदमी के लिए इंतजाम हो।
- अनुराग गुप्ता, महानगर अध्यक्ष, उद्योग व्यापार संगठन
वेतनभोगी करदाता के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख कर देना चाहिए। कर बचत योजना 80 सी की लिमिट डेढ़ लाख से बढ़ाकर ढाई लाख होनी चाहिए ताकि निवेश करने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिले।
- विजय कुमार, सीए
आयकर विवरणी दाखिल करने की समय सीमा 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर देना चाहिए, क्योंकि टीडीएस कटने के फार्म -16 जून-जुलाई तक की आ पाती है। महिलाओं को कुछ अतिरिक्त छूट मिलनी चाहिए।
- सौम्या गुप्ता, सीए
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जीएसटी लागू करते समय केंद्र सरकार ने कहा था कि एक राष्ट्र एक टैक्स किंतु दावा हवा हवाई साबित हुआ। आज भी व्यापारी जीएसटी की अलग-अलग दरें झेल रहा है। सभी प्रकार के टैक्स समाप्त किए जाएं।
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- भुपेंद्र वार्ष्णेय, जिलाध्यक्ष, अलीगढ़ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
मंडी शुल्क वापस लिया जाए। जीएसटी की एक समान दर 10 प्रतिशत सभी जिंसों पर रखी जाए। कपड़ों पर जीएसटी की दर बढ़ाने से व्यापारियों व आम आदमी को परेशानी होगी। केंद्रीय बजट में महंगाई पर काबू पाने का प्रयास हो।
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- प्रमोद अग्रवाल, व्यापारी नेता
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सरकार को व्यापार के तरीके को सुलभ करना चाहिए। जीएसटी कानून की समीक्षा के साथ-साथ इसे सरल एवं युक्तिसंगत बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठने चाहिए। आयकर छूट भी सरकार को बढ़ानी चाहिए।
- प्रदीप गंगा, महानगर अध्यक्ष, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर, प्रदेश
महंगाई पर काबू पाने की जरूरत है। जनता कराह रही है। खाने-पीने से लेकर अन्य सामान काफी महंगे हुए हैं। दाल, सरसों के तेल से लेकर अन्य खाद्य वस्तुएं आदमी की पहुंच से दूर हो रही हैं। कोरोना से आमदनी घटी है और लोग परेशान हैं।
- गिर्राज किशोर गुप्ता, अलीगढ़ टैक्स बार एसोसिएशन
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जीएसटी में कर चोरी रोकने के लिए अधिवक्ताओं के माध्यम से पंजीयन एवं उसकी प्रक्रियाएं जमा करने को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। अधिवक्ताओं को पेंशन व बीमे का लाभ दिया जाना चाहिए।
- आशुतोष वार्ष्णेय, अलीगढ़ टैक्स बार एसोसिएशन
सरकार ऐसी योजनाएं लाएं, जिससे अधिवक्ताओं के हित एवं भविष्य सुरक्षित हो। सरकार उनको भविष्य निधि देने के लिए प्लानिंग करें, क्योंकि पारिवारिक जिम्मेदारियों से घिरा अधिवक्ता चाहते हुए भी रिटायरमेंट नहीं ले पाता।
- संगीता वार्ष्णेय, अधिवक्ता
कपास के दाम में तेजी से होजरी एवं कपड़ों पर 30 से 40 प्रतिशत भाव बढ़ गए। सरकार जीएसटी पांच से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने की सोच रही है। कपड़े व होजरी जन सामान्य की जरूरत की चीज है। इसके रेट नहीं बढ़ने चाहिए।
- उपेंद्र सिंघल, अध्यक्ष, अलीगढ़ होजरी एसोसिएशन
कोरोना से कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। छोटे-बड़े व्यापारियों को बहुत नुकसान हुआ है। बाजार में पूंजी का प्रवाह प्रभावित हुआ है। आम आदमी को ध्यान में रखकर बजट में कष्टों को दूर करने का इंतजाम होना चाहिए।
- हनी वार्ष्णेय, व्यापारी, ऊपरकोट
कोरोना महामारी के बाद से ही आवासीय प्रॉपर्टी बाजार संकट का सामना कर रहा है। होम लोन पर धारा 24 बी के तहत ब्याज की कटौती की सीमा को बढ़ाकर पांच लाख की जाए। एक स्ट्रेस फंड की भी घोषणा इस बजट में हो।
- सुमित सर्राफ , रियल स्टेट कारोबारी
निवेशकों के लिए बाजार और ज्यादा इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली बनाया जाए। ट्रांजेक्शन कॉस्ट को घटाने पर ध्यान देना चाहिए, जो भारत में पहले से ही बहुत ज्यादा है। ट्रांजेक्शन कॉस्ट घटाने से ज्यादा से ज्यादा विदेशी निवेशक आकर्षित होंगे।
- संजय माहेश्वरी, शेयर बाजार विश्लेषक
बजट में लघु उद्योग व्यापारियों के लिए विशेष तौर पर छूट देने की आवश्यकता है, जिससे पिछले दो साल में हुए नुकसान की भरपाई कर सकें। कोरोना काल के बाद उपजे हालात को ध्यान में रखकर आम आदमी के लिए इंतजाम हो।
- अनुराग गुप्ता, महानगर अध्यक्ष, उद्योग व्यापार संगठन
वेतनभोगी करदाता के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख कर देना चाहिए। कर बचत योजना 80 सी की लिमिट डेढ़ लाख से बढ़ाकर ढाई लाख होनी चाहिए ताकि निवेश करने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिले।
- विजय कुमार, सीए
आयकर विवरणी दाखिल करने की समय सीमा 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर देना चाहिए, क्योंकि टीडीएस कटने के फार्म -16 जून-जुलाई तक की आ पाती है। महिलाओं को कुछ अतिरिक्त छूट मिलनी चाहिए।
- सौम्या गुप्ता, सीए

सुमित सराफ- फोटो : CITY OFFICE

गिर्राज किशोर गुप्ता- फोटो : CITY OFFICE

संजय महेश्वरी- फोटो : CITY OFFICE