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अलीगढ़: सड़क पर नहीं पढ़ी गई जुमे की नमाज, तैनात रहे पुलिसकर्मी

Sat, 03 Aug 2019 02:16 AM IST
Prachi Priyam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: Prachi Priyam Updated Sat, 03 Aug 2019 02:16 AM IST
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Friday namaz offered in mosque rather on roads
मस्जिद में ही पढ़ी गई जुम्मे की नमाज - फोटो : अमर उजाला

मस्जिद के बाहर सड़क पर जुमे की नमाज नहीं पढ़ी गई। सड़क पर नमाज न पढ़ने की अपील मुफ्ती ने की थी। उनकी अपील का असर यह रहा कि मस्जिद की छत पर लोगों ने नमाज पढ़ी। जिन मस्जिदों के सामने वाली सड़क पर नमाज पढ़े जाने की संभावना थी, वहां पर पहले से ही पुलिस फोर्स तैनात हो गया।

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इस बार जुमे की नमाज सड़क पर नहीं पढ़ी गई। रेलवे रोड मस्जिद, जामा मस्जिद ऊपरकोट, बू अली शाह मस्जिद, अड्डे वाली मस्जिद (देहलीगेट चौराहा) में ही नमाज पढ़ी गई। मस्जिद कमेटी के पदाधिकारी छत पर जगह खाली कहकर लोगों को अंदर भेजते रहे और सड़क पर नमाज न पढ़ने की हिदायत भी देते रहे। नमाज के बाद शहर मुफ्ती ने शहर का हाल जाना।
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पिछले शुक्रवार को ऊपरकोट स्थित बू अली शाह मस्जिद के सामने वाली सड़क पर जुमे की नमाज पढ़े जाने को लेकर मामले ने तूल पकड़ लिया था। उधर, हिंदू जागरण मंच के लोगों ने सड़क पर हनुमान चालीसा व आरती शुरू कर दी थी। मंच के लोगों का कहना था कि जब मस्जिद सड़क पर नमाज हो सकती है, तो आरती व हनुमान चालीसा भी होगा। 26 जुलाई को बू अली शाह मस्जिद के बाहर सड़क पर नमाज पढ़े जाने पर एलआईयू के लोग मस्जिद के पास आ गए थे।
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उन्होंने मस्जिद के मुतवल्ली नदीम अहमद से इस बाबत बातचीत की। फिर, एलआईयू के लोगों ने किसी अफसर से नदीम की बात कराई थी। इसके बाद नदीम ने मस्जिद की छत की सफाई करा दी थी। तनावपूर्ण स्थिति से बचने के लिए शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद को भी मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील करनी पड़ी कि जुमे की नमाज सड़क की बजाय मस्जिद की छत पर पढ़ें।

सर, हो गई नमाज

रेलवे रोड वाली मस्जिद (कब्र कुत्ता) में नमाज पढ़ने वालों की तादाद बढ़ रही थी। मगर जगह कम होने के चलते लोगों ने चबूतरे पर नमाज पढ़ी। जब जमात खड़ी हो गई, तब दो-चार लोग और आ गए, जो सड़क पर नमाज पढ़ना चाहते थे, लेकिन मस्जिद के जिम्मेदारों ने उन्हें मना कर दिया। बोले, दूसरी मस्जिद में वह नमाज पढ़ लें, क्यों कि यहां जगह नहीं है। नमाज मुकम्मल होने के बाद एक पुलिस अफसर ने अपने अफसर को फोन करके कहा कि ‘सर, नमाज हो गई’।


टूटी परंपरा, पुलिस फोर्स देख महिलाएं हैरान

बरसों पुरानी बू अली शाह मस्जिद के बाहर सड़क पर लोग अरसे से जुमे की नमाज पढ़ते रहे हैं। बुजुर्गों ने बताया कि वह बचपन से देख रहे हैं कि सड़क पर जुमे की नमाज हो रही है। पहली बार सड़क पर जुमे की नमाज नहीं हुई है। छत की सफाई कराकर वहां लोगों को नमाज पढ़ने के लिए भेजा। मस्जिद के आसपास पुलिस फोर्स देखकर मोहल्ले के लोग हैरान थे।

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