अलीगढ़: चार दस्तावेज नहीं बता सके प्रेम विवाह करने वाली लड़की की सही उम्र, बाल कल्याण समिति लेगी निर्णय
अलीगढ़ में हरदुआगंज कस्बे से लापता एक लड़की के प्रेम विवाह मामले में जन्म प्रमाण पत्र को लेकर खड़े हुए चुनौतीपूर्ण सवाल का जवाब बीएसए की जांच में भी नहीं मिला है।
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अलीगढ़ में हरदुआगंज कस्बे से लापता एक लड़की के प्रेम विवाह मामले में जन्म प्रमाण पत्र को लेकर खड़े हुए चुनौतीपूर्ण सवाल का जवाब बीएसए की जांच में भी नहीं मिला है। लड़की के जन्म प्रमाण पत्र संबंधी तीन स्कूलों के दस्तावेज में दो संदिग्ध हैं, एक को सही माना जा रहा है। वहीं अदालत में लड़की ने ससुराल जाने का अनुरोध कर दिया है। इसी आधार पर अदालत ने मामले को अब बाल कल्याण समिति के समक्ष ले जाने की संस्तुति कर दी है। अदालत ने मामले में विवेचक को आदेश दिया है कि लड़की को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाए।
प्रकरण के अनुसार कस्बे की एक लड़की ने 14 सितंबर को एक युवक संग प्रेम विवाह किया। जिसका मुकदमा परिवार ने लड़के शाहरुख पर कराया और उसे पुलिस ने जेल भेज दिया। वहीं लड़की के 18 सितंबर को न्यायालय में बयान दर्ज कराए गए। जहां उसने अपनी उम्र, शिक्षा आदि के संबंध में जानकारी देते हुए मर्जी से शादी करने व लड़के के घर जाने की बात कही। साथ में शाहरुख की मां की ओर से न्यायालय में अपनी पुत्रवधू की सुपुर्दगी संबंधी अर्जी दायर की गई थी। जिसमें पुत्रवधु की उम्र के प्रमाण पत्र के रूप में उसके पिता द्वारा बनवाए गए आधार व पैन कार्ड पेश किए गए। जिसमें लड़की की उम्र 1 मार्च 2004 के अनुसार 19 वर्ष 6 माह 19 दिन बताई गई।
इधर, इसके विरोध में पुलिस के स्तर से लड़की की उम्र के साक्ष्य के तौर पर हरदुआगंज के इनाया पब्लिक स्कूल का प्रमाण पत्र पेश किया गया, जिसमें जन्मतिथि 1 जनवरी 2006 बताते हुए उम्र 17 वर्ष 8 माह 19 दिन बताई। साथ में प्रोमिस स्कूल का एक प्रमाण पत्र पेश किया, जिसमें जन्मतिथि 30 जून 2005 बताते हुए उसकी उम्र 18 वर्ष 3 माह 10 दिन बताई। इस बीच लड़की के पिता की ओर से जीडीएमएस स्कूल का प्रमाण पत्र पेश कर जन्मतिथि 9 नवंबर 2005 बताते हुए उम्र 17 वर्ष 2 माह 10 दिन बताई गई। इस तरह एक लड़की की उम्र के चार दस्तावेज आने पर अदालत ने बीएसए को सही रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। बीएसए स्तर से तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर सोमवार को रिपोर्ट पेश कर दी गई।
लड़की पक्ष के अधिवक्ता चंद्रांशु पाठक के अनुसार बीएसए की रिपोर्ट आने के बाद अदालत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए माना है कि लड़की ससुराल जाने का बयान दे रही है। बीएसए की रिपोर्ट भी उसकी सही उम्र स्पष्ट नहीं कर सकी है। ऐसे में विवेचक को आदेश दिया गया है कि मामला बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाए। वहीं से अब अग्रिम निर्णय लिया जाएगा।
बीएसए ने दी ये रिपोर्ट
बीएसए की ओर से अदालत में दी गई रिपोर्ट के अनुसार प्रोमिस पब्लिक स्कूल ने 30 जून 2005 की जन्मतिथि बताते हुए अपने यहां कक्षा एक से पांच तक पढऩा दिखाया है। मगर प्रवेश के समय जन्म का कोई प्रमाण पत्र लेना नहीं बताया। उपस्थिति व परीक्षाफल पंजिका भी नहीं दिखाई। इसलिए यह दस्तावेज संदिग्ध माना गया है। इनाया पब्लिक स्कूल ने आधार कार्ड के आधार पर 1 जनवरी 2006 जन्मतिथि दिखाकर कक्षा छह से प्रवेश दिखाया है। उपस्थिति व परीक्षाफल पंजिका भी दिखाई। इस आधार पर प्रोमिस व इनाया पब्लिक स्कूल को नोटिस जारी किया गया है। अब दोनों स्कूलों से इस मामले में आगे के जवाब सामने आएंगे।
तीसरे जीडीएमएस स्कूल ने एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के जन्म प्रमाण पत्र के साथ 9 नवंबर 2005 जन्मतिथि बताई है। इसी प्रमाण पत्र से लड़की को कक्षा दो से चार तक पढ़ाना बताया। विद्यालय ने उसकी उपस्थिति और एसआर पंजिका दिखाई है। जेएन मेडिकल कॉलेज की डिस्चार्ज स्लिप को आधार मानकर जीडीएमएस स्कूल के रिकार्ड से जन्मतिथि 9 नवंबर 2005 मानी जा सकती है।