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शिक्षामित्रों ने नारेबाजी कर विधायकों का किया घेराव
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Mon, 31 Jul 2017 01:10 AM IST
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विधायक अनिल पाराशर के आवास सुरेंद्र नगर में ज्ञापन देते शिक्षामित्र।
- फोटो : अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षामित्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रविवार को शिक्षामित्रों ने बरौली विधायक दलवीर सिंह और कोल विधायक अनिल पाराशर का उनके निवास पर पहुंचकर घेराव किया और ज्ञापन सौंपा। आंदोलित शिक्षामित्रों ने इस नारेबाजी भी की। वहीं, शिक्षामित्र से समायोजित एक शिक्षक की सदमे में मौत हो गई। वह प्राथमिक विद्यालय किन्हुआ ब्लॉक चंडौस में तैनात था। उप्र. प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षक की मृत्यु पर शोक जताया है।
शिक्षामित्रों का आंदोलन रविवार के दिन भी जारी रहा। काफी तादाद में शिक्षामित्र पहले पूर्व मंत्री एवं बरौली से भाजपा विधायक दलवीर सिंह के निवास पर पहुंचे। शिक्षामित्रों ने विधायक को घेरकर अपनी वेदना बताई। उनका कहना था कि सरकार उनकी समस्या को लेकर ठोस कदम उठाए।
उनके सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। इसलिए कानून में संसोधन कर उनका समायोजन वैध किया जाए। तात्कालिक रूप से शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापकों का वेतनक्रम अनवरत रूप से प्रदान किया जाए। इसके बाद शिक्षामित्र कोल विधायक अनिल पाराशर के निवास पर पहुंचे। उन्होेंने विधायक का घेराव कर यही मांगें दोहराई। दोनोें विधायकों के निवास पर शिक्षामित्रों ने नारेबाजी की। दोनोें विधायकों ने आंदोलित शिक्षामित्रों को यथासंभव मदद का आश्वासन दिया।
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कोल विधायक ने इसे लेकर सीएम को पत्र लिखा है। इसमें शिक्षामित्रों द्वारा दिए ज्ञापन का उल्लेख करते हुए कहा है कि शित्रामित्रों की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाए। प्रदर्शनकारियों में सुनील शर्मा, विनय यादव, हरेंद्र सिंह, रिषीपाल सिंह, विनय यादव, विनोद कौशिक, प्रेमपाल सिंह आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।
इधर, शिक्षामित्र से समायोजित हुए अध्यापक गजेंद्र सिंह की मृत्यु हो गई। इस बारे में प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष रिषीपाल सिंह, महामंत्री हरेंद्र सिंह ने बताया कि गजेंद्र सिंह प्राथमिक विद्यालय किन्हुआ ब्लॉक चंडौस में तैनात थे। समायोजन निरस्त के आदेश के बाद सदमे से तबियत बिगड़ गई थी। 29 जुलाई को उन्हें नोएडा के एक अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां मौत हो गई। संघ के पदाधिकारियों ने शोक जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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शिक्षामित्रों का आंदोलन रविवार के दिन भी जारी रहा। काफी तादाद में शिक्षामित्र पहले पूर्व मंत्री एवं बरौली से भाजपा विधायक दलवीर सिंह के निवास पर पहुंचे। शिक्षामित्रों ने विधायक को घेरकर अपनी वेदना बताई। उनका कहना था कि सरकार उनकी समस्या को लेकर ठोस कदम उठाए।
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उनके सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। इसलिए कानून में संसोधन कर उनका समायोजन वैध किया जाए। तात्कालिक रूप से शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापकों का वेतनक्रम अनवरत रूप से प्रदान किया जाए। इसके बाद शिक्षामित्र कोल विधायक अनिल पाराशर के निवास पर पहुंचे। उन्होेंने विधायक का घेराव कर यही मांगें दोहराई। दोनोें विधायकों के निवास पर शिक्षामित्रों ने नारेबाजी की। दोनोें विधायकों ने आंदोलित शिक्षामित्रों को यथासंभव मदद का आश्वासन दिया।
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कोल विधायक ने इसे लेकर सीएम को पत्र लिखा है। इसमें शिक्षामित्रों द्वारा दिए ज्ञापन का उल्लेख करते हुए कहा है कि शित्रामित्रों की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाए। प्रदर्शनकारियों में सुनील शर्मा, विनय यादव, हरेंद्र सिंह, रिषीपाल सिंह, विनय यादव, विनोद कौशिक, प्रेमपाल सिंह आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।
इधर, शिक्षामित्र से समायोजित हुए अध्यापक गजेंद्र सिंह की मृत्यु हो गई। इस बारे में प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष रिषीपाल सिंह, महामंत्री हरेंद्र सिंह ने बताया कि गजेंद्र सिंह प्राथमिक विद्यालय किन्हुआ ब्लॉक चंडौस में तैनात थे। समायोजन निरस्त के आदेश के बाद सदमे से तबियत बिगड़ गई थी। 29 जुलाई को उन्हें नोएडा के एक अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां मौत हो गई। संघ के पदाधिकारियों ने शोक जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।