Good News: अलीगढ़ में दीपावली से पहले एआई तकनीक से बनने लगेंगे ड्रोन-एंटी ड्रोन, फिर बनेंगी बुलेट प्रूफ जैकेट
एलन एंड एलवन डिफेंस एंड एरियोस्पेस कंपनी डिफेंस कॉरिडोर में ड्रोन के साथ-साथ एंटी ड्रोन भी बनाए जाएंगे। ये मैन्युअली संचालन के साथ-साथ एआई तकनीक आधारित भी होंगे।
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अलीगढ़ डिफेंस कॉरिडोर के अंडला नोड में ड्रोन बनाने वाली कंपनी अब एंटी ड्रोन भी बनाएगी। दावा है कि मजबूत तकनीक होने के कारण यह एंटी ड्रोन रक्षा क्षेत्र में बेहद कारगर साबित होंगे। इनमें एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। कई विदेशी कंपनियों से तकनीक साझा की गई है। संकेत हैं कि इसी वर्ष दीपावली से पहले एलन एंड एलवन डिफेंस एंड एरियोस्पेस कंपनी में उत्पादन शुरू हो जाएगा, जो सेना व अन्य रक्षा संस्थानों को दिए जाएंगे।
अलीगढ़ के नामचीन ताला हार्डवेयर निर्माता धनजीत वाड्रा ने अपनी फर्म के नाम पर यह करार किया था। करार के अनुसार, उनकी इकाई में सिर्फ ड्रोन बनाना तय था। समय के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में जैसे-जैसे जरूरतें महसूस हो रही हैं, उसी के अनुसार तकनीक भी विकसित हो रही है। इसी क्रम में अब निगरानी के साथ-साथ विभिन्न टूल्स ले जा सकने वाले ड्रोन, एंटी ड्रोन और उनमें भी एआई तकनीक आधारित ड्रोन व एंटी ड्रोन बनाना तय हो गया है।
हालांकि इस यूनिट के निर्माण में कुछ विलंब हुआ है। मगर अब भवन बनकर तैयार हो गया है। अंदर फिनिशिंग का काम शेष है। अगले एक से डेढ़ माह में पूरा होने के संकेत हैं। यह यूनिट अंडला नोड की तीसरी यूनिट होगी, जिसमें इस वर्ष काम शुरू होगा। इससे पहले इसरो को सूचनाएं देने वाली कंपनी यहां सबसे पहले शुरू हुई। इसके बाद हथियार बनाने वाली कंपनी ने उत्पादन शुरू कर दिया।
बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने की भी तैयारी
एलन एंड एलवन डिफेंस एंड एरियोस्पेस कंपनी डिफेंस कॉरिडोर अंडला नोड में सबसे पहले बैनामा कराने वाली कंपनी है। यूपीडा और भारत सरकार से हुए करार के अनुसार कंपनी द्वारा ड्रोन जाएगा। अब यहां ड्रोन के साथ-साथ एंटी ड्रोन भी बनाए जाएंगे। ये मैन्युअली संचालन के साथ-साथ एआई तकनीक आधारित भी होंगे। कई विदेशी कंपनियों की तकनीक पर भी करार हुए हैं। इसके बाद यहां बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने की तैयारी है, जिसके लिए अभी संसाधन, तकनीक अनुमति आदि जुटाई जा रही है।
ये भी जानें
ड्रोन : निगरानी के लिए विभिन्न प्रकार और विभिन्न तकनीक के ड्रोन बनाए जाएंगे, जो देश के रक्षा संस्थानों, सेना आदि को दिए जाएंगे। इन ड्रोन की मदद से सामान भी इधर से उधर भेजा जा सकेगा।
एंटी ड्रोन : यह दुश्मनों के ड्रोन पर नजर रखने वाला होगा। अगर दुश्मन किसी इलाका विशेष की निगरानी के लिए अपने ड्रोन भेजता है तो एंटी ड्रोन इस विषय में पहले से सूचना देंगे, अलर्ट जारी करेंगे। ताकि दुश्मन के आने वाले ड्रोन को रोका जा सके या मार गिराया जा सके। इसमें एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
हमारी फर्म ने ड्रोन बनाने का करार भारत सरकार व यूपीडा से किया था, जिसमें तकनीक विकसित होने पर अब एंटी ड्रोन व एआई तकनीक को शामिल किया गया है। कई देशों से तकनीक साझा हुई है। इस वर्ष इसका उत्पादन हम शुरू कर देंगे। बुलेट प्रूफ जैकेट आदि उत्पादों पर भी काम जारी है। - धनजीत वाड्रा, एमडी, एलन एंड एलवन कंपनी।