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नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग ख्ाारिज
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Wed, 05 Jul 2017 01:14 AM IST
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नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग ख्ाारिज
- फोटो : Rupesh
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जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए खेमेबंदी कर रहे गुट को फिलहाल निराशा हाथ लगी है। विरोधी खेमे के 29 सदस्यों द्वारा शनिवार को दिया गया अविश्वास प्रस्ताव संबंधी मांग पत्र व शपथ पत्र चार सदस्यों के हस्ताक्षर मिलान न होने के कारण जांच में खारिज कर दिया गया। मंगलवार दोपहर को अविश्वास प्रस्ताव के लिए शक्ति प्रदर्शन की तारीख मिलने की उम्मीद लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे विरोधी खेमे के सदस्यों को जब डीएम ने खुद यह सूचना दी तो वह मायूस हो गए। हालांकि विरोधियों के पास अभी दोबारा प्रस्ताव देने का विकल्प खुला है। मगर विरोधी इसे लेकर अभी नई रणनीती बनाने में जुट गए हैं।
शनिवार को विरोधी खेमे के सदस्यों द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ दिए गए अविश्वास प्रस्ताव मांग पत्र पर मंगलवार को डीएम को फैसला लेना था। इस सिलसिले में विरोधी खेमे के दो अहम सदस्य अजीत गौड़ एवं दिनेश एडवोकेट ने शाम को डीएम से मुलाकात की। डीएम ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में 29 सदस्यों ने शपथ पत्र दिए थे। इनमें से चार सदस्यों के नामांकन प्रक्रिया के दौरान दाखिल किए गए शपथ पत्र में किए गए हस्ताक्षरों से शनिवार को दिए गए शपथ पत्र के हस्ताक्षर नहीं मिलते हैं।
इन सदस्यों को हटाकर समर्थक सदस्यों की संख्या 25 रह जाएगी, जो अविश्वास प्रस्ताव के लिए आवश्यक संख्या से कम है। इस दौरान उन्होंने सदस्यों की परेड कराने की मांग भी यह कहकर ठुकरा दी कि जब सदस्य संख्या ही पूरी नहीं है तो परेड कैसी। बता दें कि इससे पहले सोमवार को खुद अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू ने अपने पक्ष में 34 सदस्यों के हस्ताक्षर युक्त शपथ पत्र डीएम को सौंपे थे। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि 52 सदस्यों वाले इस जिला पंचायत बोर्ड में अविश्वास प्रस्ताव के लिए 50 प्रतिशत से अधिक सदस्यों का समर्थन होना आवश्यक है।
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- वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष के विरोधी सदस्यों ने अपने समर्थक 29 सदस्यों के शपथ पत्र दिए थे। इनमें से चार सदस्यों के हस्ताक्षरों का मिलान उनके नामांकन के समय दिए गए शपथ पत्रों से नहीं हो सका है। इस वजह से प्रस्ताव लौटा दिया गया है। उनके पास दोबारा से प्रस्ताव दाखिल करने का विकल्प खुला हुआ है।
-ऋषिकेश भाष्कर याशोद जिलाधिकारी
-------------
यह सदस्य हैं जिनके नहीं मिले हस्ताक्षर
-वार्ड संख्या छह-अतरौली द्वितीय-कुंवर पाल
-वार्ड संख्या 35-लोधा द्वितीय-नरेंद्र कुमार
-वार्ड संख्या 36-लोधा तृतीय-सुशील कुमार
-वार्ड संख्या 48-गंगीरी प्रथम-अनिल कुमार
खुद अध्यक्ष पद के दावेदार के नहीं मिले हस्ताक्षर
जिन चार सदस्यों के हस्ताक्षरों का मिलान नहीं हुआ है, उनमें एक अध्यक्ष पद के संभावित दावेदार भी हैं। लोधा ब्लाक द्वितीय से नरेंद्र कुमार के हस्ताक्षर इस प्रक्रिया में नहीं मिले। उनको लेकर विरोधी खेमा संभावित अध्यक्ष पद के दावेदार पर विचार कर रहा था।
विरोधियों में मायूसी, बसपाइयों ने मनाया जश्न
इस निर्णय से विरोधी खेमे में जहां मायूसी छा गई, वहीं बसपाई खेमा जश्न में डूब गया। एक तरफ जहां जिला पंचायत में अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के पास खुद उनके चाचा व पूर्व मंत्री ठा. जयवीर सिंह पहुंचे। बाद में जिलाध्यक्ष गजराज विमल, अशोक कुमार, नरेंद्र पचौरी आदि ने पहुंचकर बधाई दी। बाद में वहां मिठाई वितरित हुई। इसके बाद बसपा के जीटी रोड कार्यालय पर जश्न सरीखा माहौल रहा, वहां भी मिठाई वितरित हुई।
विधिक राय लेंगे, हर स्तर पर जाएंगे
- इस निर्णय पर हम इतना ही कह सकते हैं कि फिलहाल हम विधिक राय ले रहे हैं। विधिक राय के आधार पर जो भी सर्व सम्मति से तय होगा। उसके अनुसार कदम उठाया जाएगा।
-नरेंद्र कुमार सदस्य जिला पंचायत
- यह निर्णय गलत है। अगर हस्ताक्षर मिलान नहीं हो रहे थे तो मौके पर परेड करा ली जाती या एक्सपर्ट से हस्ताक्षर मिलान कराए जाने चाहिए थे।
-दिनेश एडवोकेट
--
- जिला पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव के लिए विरोधी खेमा एकजुट है। इसके लिए हम अब हाईकोर्ट या मुख्यमंत्री दरबार तक जाना पड़े तो भी जाएंगे। जिला पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव लाकर रहेंगे।
-अजीत गौड़
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शनिवार को विरोधी खेमे के सदस्यों द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ दिए गए अविश्वास प्रस्ताव मांग पत्र पर मंगलवार को डीएम को फैसला लेना था। इस सिलसिले में विरोधी खेमे के दो अहम सदस्य अजीत गौड़ एवं दिनेश एडवोकेट ने शाम को डीएम से मुलाकात की। डीएम ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में 29 सदस्यों ने शपथ पत्र दिए थे। इनमें से चार सदस्यों के नामांकन प्रक्रिया के दौरान दाखिल किए गए शपथ पत्र में किए गए हस्ताक्षरों से शनिवार को दिए गए शपथ पत्र के हस्ताक्षर नहीं मिलते हैं।
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इन सदस्यों को हटाकर समर्थक सदस्यों की संख्या 25 रह जाएगी, जो अविश्वास प्रस्ताव के लिए आवश्यक संख्या से कम है। इस दौरान उन्होंने सदस्यों की परेड कराने की मांग भी यह कहकर ठुकरा दी कि जब सदस्य संख्या ही पूरी नहीं है तो परेड कैसी। बता दें कि इससे पहले सोमवार को खुद अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू ने अपने पक्ष में 34 सदस्यों के हस्ताक्षर युक्त शपथ पत्र डीएम को सौंपे थे। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि 52 सदस्यों वाले इस जिला पंचायत बोर्ड में अविश्वास प्रस्ताव के लिए 50 प्रतिशत से अधिक सदस्यों का समर्थन होना आवश्यक है।
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- वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष के विरोधी सदस्यों ने अपने समर्थक 29 सदस्यों के शपथ पत्र दिए थे। इनमें से चार सदस्यों के हस्ताक्षरों का मिलान उनके नामांकन के समय दिए गए शपथ पत्रों से नहीं हो सका है। इस वजह से प्रस्ताव लौटा दिया गया है। उनके पास दोबारा से प्रस्ताव दाखिल करने का विकल्प खुला हुआ है।
-ऋषिकेश भाष्कर याशोद जिलाधिकारी
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यह सदस्य हैं जिनके नहीं मिले हस्ताक्षर
-वार्ड संख्या छह-अतरौली द्वितीय-कुंवर पाल
-वार्ड संख्या 35-लोधा द्वितीय-नरेंद्र कुमार
-वार्ड संख्या 36-लोधा तृतीय-सुशील कुमार
-वार्ड संख्या 48-गंगीरी प्रथम-अनिल कुमार
खुद अध्यक्ष पद के दावेदार के नहीं मिले हस्ताक्षर
जिन चार सदस्यों के हस्ताक्षरों का मिलान नहीं हुआ है, उनमें एक अध्यक्ष पद के संभावित दावेदार भी हैं। लोधा ब्लाक द्वितीय से नरेंद्र कुमार के हस्ताक्षर इस प्रक्रिया में नहीं मिले। उनको लेकर विरोधी खेमा संभावित अध्यक्ष पद के दावेदार पर विचार कर रहा था।
विरोधियों में मायूसी, बसपाइयों ने मनाया जश्न
इस निर्णय से विरोधी खेमे में जहां मायूसी छा गई, वहीं बसपाई खेमा जश्न में डूब गया। एक तरफ जहां जिला पंचायत में अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के पास खुद उनके चाचा व पूर्व मंत्री ठा. जयवीर सिंह पहुंचे। बाद में जिलाध्यक्ष गजराज विमल, अशोक कुमार, नरेंद्र पचौरी आदि ने पहुंचकर बधाई दी। बाद में वहां मिठाई वितरित हुई। इसके बाद बसपा के जीटी रोड कार्यालय पर जश्न सरीखा माहौल रहा, वहां भी मिठाई वितरित हुई।
विधिक राय लेंगे, हर स्तर पर जाएंगे
- इस निर्णय पर हम इतना ही कह सकते हैं कि फिलहाल हम विधिक राय ले रहे हैं। विधिक राय के आधार पर जो भी सर्व सम्मति से तय होगा। उसके अनुसार कदम उठाया जाएगा।
-नरेंद्र कुमार सदस्य जिला पंचायत
- यह निर्णय गलत है। अगर हस्ताक्षर मिलान नहीं हो रहे थे तो मौके पर परेड करा ली जाती या एक्सपर्ट से हस्ताक्षर मिलान कराए जाने चाहिए थे।
-दिनेश एडवोकेट
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- जिला पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव के लिए विरोधी खेमा एकजुट है। इसके लिए हम अब हाईकोर्ट या मुख्यमंत्री दरबार तक जाना पड़े तो भी जाएंगे। जिला पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव लाकर रहेंगे।
-अजीत गौड़