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‘फैसलों’ से बढ़ी प्रत्याशियों की बेचैनी
मनोज माहेश्वरी
Updated Mon, 29 Aug 2016 01:26 AM IST
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पहले अतरौली और अब खैर में जिस तरह से बसपा हाईकमान ने प्रत्याशी का टिकट काटा। उससे अन्य बसपा प्रत्याशियों में खलबली मच गई है। सभी प्रत्याशी ऊपरी तौर पर तो आश्वस्त हैं, लेकिन अंदरखाने उन्हें यह डर सता रहा है कि पता नहीं कब किसका टिकट कट जाए और पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दे। वहीं खैर सुरक्षित सीट में पार्टी प्रत्याशी रहे अरुण फौजी का टिकट कटने के बाद नये दावेदार सामने आ रहे हैं। जिसमें राकेश आर्या, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह और पूर्व जिलाध्यक्ष गजराज विमल का नाम चर्चा में है।
बसपा ने सबसे पहले विस चुनाव 2017 के प्रत्याशी घोषित किए। उम्मीदवारों ने होर्डिग्ंस, बैनर, कार्यकर्ता सम्मेलन कर अपना प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया। अतरौली से बसपा ने सबसे पहले बिल्डर धर्मेंद्र चौधरी को टिकट दिया।
धर्मेंद्र की हत्या के बाद उनकी पत्नी संगीता चौधरी को टिकट थमाया लेकिन थोड़े दिन बाद ही संगीता चौधरी का टिकट काट दिया गया। उनको बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ फोटो खिंचवा कर सोशल मीडिया पर वायरल करना महंगा पड़ गया। टिकट कटने के बाद संगीता चौधरी खुद को बसपा का निष्ठावान कार्यकर्ता बतातीं रहीं, लेकिन उसके कुछ दिन बाद ही उनके सुर बदले और उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनसे टिकट के लिए मोटी रकम ली गई थी, जो वापस कर दी गई है। अलीगढ़ से लखनऊ तक इसकी जबरदस्त चर्चा हुई। संगीता के बाद इलियास चौधरी को पार्टी ने अतरौली से अपना उम्मीदवार बना दिया हैै।
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अब हाल ही में खैर के प्रत्याशी अरुण फौजी का टिकट काट दिया गया। इसके पीछे जोनल कोआर्डिनेटर की नाराजगी और पूर्व मंत्री से उनका विवाद बड़ा कारण बताया जा रहा है। कारण भले ही कुछ और भी हों, लेकिन पार्टी में टिकट कटने से अन्य उम्मीदवारों में खलबली मची हुई है। जनसंपर्क में पानी की तरह पैसा बहाने के बाद अचानक से टिकट काटे जाने का डर सभी को सता रहा है।
बहन जी लेती हैं फीडबैक
अलीगढ़। बसपा जिलाध्यक्ष अरविंद आदित्य का कहना है पार्टी में बहन मायावती का फैसला ही आखिरी फैसला होता है। निष्ठा के आधार पर टिकट दिया जाता है। प्रत्याशियों की गोपनीय निगरानी होती है कि वह क्षेत्र में जा रहे हैं या नहीं। सीट जिताने की स्थिति में हैं या नहीं। उन्होंने बताया कि मांगे जाने पर वह भी अपनी समीक्षा रिपोर्ट हाईकमान को भेजते हैं। साथ ही बहन जी की टीमें भी गोपनीय तरीके से निगरानी करती हैं और हर स्थिति से बहन जी को अवगत कराती हैं। खैर से प्रत्याशी जल्द घोषित कर दिया जाएगा। कुछ लोगों के नाम पर चर्चा चल रही है।
प्रयास जारी हैं : अरुण
अलीगढ़। खैर के पूर्व प्रत्याशी अरुण फौजी का कहना है कि वह फिर से पार्टी का टिकट लाने का प्रयास क र रहे हैं। उनका टिकट कट गया है तो फिर से मिल भी सकता है। एक जोनल कोआर्डिनेटर की वजह से उनका टिकट कटा है। वह पूरी तरह से बसपा के लिए समर्पित हैं।
मैंने सपा की सदस्यता ले ली है : संगीता चौधरी
अलीगढ़। अतरौली से बसपा की पूर्व प्रत्याशी संगीता चौधरी ने सपा की सदस्यता ले ली है। संगीता चौधरी ने बताया कि बसपा में उनके साथ इंसाफ नहीं हुआ इसलिए उन्होंने सपा में ही खुद को सुरक्षित महसूस किया है। बसपा में खैर का टिकट काटे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये बसपा में होता रहता है। सपा से चुनाव लड़ने के सवाल पर बोलीं अभी कुछ तय नहीं है। पार्टी के प्रमुख नेता जो निर्देश देंगे वही करेंगे।
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बसपा ने सबसे पहले विस चुनाव 2017 के प्रत्याशी घोषित किए। उम्मीदवारों ने होर्डिग्ंस, बैनर, कार्यकर्ता सम्मेलन कर अपना प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया। अतरौली से बसपा ने सबसे पहले बिल्डर धर्मेंद्र चौधरी को टिकट दिया।
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धर्मेंद्र की हत्या के बाद उनकी पत्नी संगीता चौधरी को टिकट थमाया लेकिन थोड़े दिन बाद ही संगीता चौधरी का टिकट काट दिया गया। उनको बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ फोटो खिंचवा कर सोशल मीडिया पर वायरल करना महंगा पड़ गया। टिकट कटने के बाद संगीता चौधरी खुद को बसपा का निष्ठावान कार्यकर्ता बतातीं रहीं, लेकिन उसके कुछ दिन बाद ही उनके सुर बदले और उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनसे टिकट के लिए मोटी रकम ली गई थी, जो वापस कर दी गई है। अलीगढ़ से लखनऊ तक इसकी जबरदस्त चर्चा हुई। संगीता के बाद इलियास चौधरी को पार्टी ने अतरौली से अपना उम्मीदवार बना दिया हैै।
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अब हाल ही में खैर के प्रत्याशी अरुण फौजी का टिकट काट दिया गया। इसके पीछे जोनल कोआर्डिनेटर की नाराजगी और पूर्व मंत्री से उनका विवाद बड़ा कारण बताया जा रहा है। कारण भले ही कुछ और भी हों, लेकिन पार्टी में टिकट कटने से अन्य उम्मीदवारों में खलबली मची हुई है। जनसंपर्क में पानी की तरह पैसा बहाने के बाद अचानक से टिकट काटे जाने का डर सभी को सता रहा है।
बहन जी लेती हैं फीडबैक
अलीगढ़। बसपा जिलाध्यक्ष अरविंद आदित्य का कहना है पार्टी में बहन मायावती का फैसला ही आखिरी फैसला होता है। निष्ठा के आधार पर टिकट दिया जाता है। प्रत्याशियों की गोपनीय निगरानी होती है कि वह क्षेत्र में जा रहे हैं या नहीं। सीट जिताने की स्थिति में हैं या नहीं। उन्होंने बताया कि मांगे जाने पर वह भी अपनी समीक्षा रिपोर्ट हाईकमान को भेजते हैं। साथ ही बहन जी की टीमें भी गोपनीय तरीके से निगरानी करती हैं और हर स्थिति से बहन जी को अवगत कराती हैं। खैर से प्रत्याशी जल्द घोषित कर दिया जाएगा। कुछ लोगों के नाम पर चर्चा चल रही है।
प्रयास जारी हैं : अरुण
अलीगढ़। खैर के पूर्व प्रत्याशी अरुण फौजी का कहना है कि वह फिर से पार्टी का टिकट लाने का प्रयास क र रहे हैं। उनका टिकट कट गया है तो फिर से मिल भी सकता है। एक जोनल कोआर्डिनेटर की वजह से उनका टिकट कटा है। वह पूरी तरह से बसपा के लिए समर्पित हैं।
मैंने सपा की सदस्यता ले ली है : संगीता चौधरी
अलीगढ़। अतरौली से बसपा की पूर्व प्रत्याशी संगीता चौधरी ने सपा की सदस्यता ले ली है। संगीता चौधरी ने बताया कि बसपा में उनके साथ इंसाफ नहीं हुआ इसलिए उन्होंने सपा में ही खुद को सुरक्षित महसूस किया है। बसपा में खैर का टिकट काटे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये बसपा में होता रहता है। सपा से चुनाव लड़ने के सवाल पर बोलीं अभी कुछ तय नहीं है। पार्टी के प्रमुख नेता जो निर्देश देंगे वही करेंगे।