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पत्नी का सिर कलम कर शव काली नदी में फेंका
Fri, 18 Jan 2019 01:14 AM IST
राजेश सिंह
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: राजेश सिंह
Updated Fri, 18 Jan 2019 01:14 AM IST
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नेम सिंह
- फोटो : Amar Ujala
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गांव मीरगढ़ी में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी का सिर काटकर शव काली नदी में फेंक दिया। शव को पुलिस ने उसकी निशानदेही से बरामद करके पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। महिला का सिर अभी तक नहीं मिला है। पुलिस सिर की तलाश में जुटी है। पुलिस ने पति को हिरासत में ले लिया है। मृतका के भाई साहब सिंह की तहरीर पर पुलिस 6 लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
कोतवाली के गांव मीरगढ़ी निवासी नेम सिंह गांव में आटा चक्की चलाता है। उसकी पत्नी की मौत हो जाने के कारण उसने आठ साल पहले दूसरी शादी छर्रा थाना क्षेत्र के गांव नगला गुलरिया निवासी चंद्रपाल सिंह की बेटी ज्ञानवती उर्फ पूजा 35 से की थी। बुधवार रात नेम सिंह का अपनी पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। नेम सिंह ने पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और बाद में सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को काली नदी ले गया और सिर व धड़ को अलग-अलग करके काली नदी में फेंक दिया। गुरुवार सुबह मायके पक्ष के लोग गांव में पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई।
मायके पक्ष के लोगों ने नेम सिंह को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने पूछताछ की तो उसने हत्या की बात स्वीकारते हुए शव और सिर काली नदी में फेंकना स्वीकारा। मौके पर सीओ प्रशांत सिंह, कोतवाल प्रवेश राणा मय फोर्स के पहुंच गए। उन्होंने झाड़ियों में फंसा बिना सिर का शव बरामद कर लिया और सिर काली नदी में बहा चला गया। काफी खोजबीन के बाद भी सिर पुलिस के हाथ नहीं लगा। नेम सिंह ने पुलिस को बताया कि पत्नी से आए दिन झगड़ा होता था। इससे परेशान होकर उसने अपने बेटे के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। शव की शिनाख्त न हो इस उद्देश्य से सिर को धड़ से अलग किया गया। कोतवाल प्रवेश राणा ने बताया कि पति को हिरासत में ले लिया है। मृतका के भाई साहब सिंह की तहरीर पुलिस ने नेम सिंह पुत्र कमल सिंह, जीतेंद्र पुत्र नेम सिंह, मुनेेंद्र पुत्र नेम सिंह, सुरेश, पेशकार, मनोज पुत्रगण कमल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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पत्नी की हत्या कर गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचा कोतवाली
गांव मीरगढ़ी में पत्नी ज्ञानवती उर्फ पूजा की हत्या करके नेम सिंह गुमशुदगी दर्ज कराने थाने पहुंचा। पुलिस की पूछताछ में उसने खुद स्वीकार किया कि वह गुमशुदगी दर्ज कराने आया था, ताकि कोई उस पर शक न करे, लेकिन थाने में घुसने की हिम्मत नहीं पड़ी। वह गुमशुदगी दर्ज कराने के चक्कर में थाने के बाहर ही घूम रहा था कि पुलिस से शिकायत करने पहुंचे पूजा के परिजनों के हत्थे चढ़ गया। पूजा के मायके पक्ष के लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। शुरू में तो उसने पुलिस के सामने कहानी बदलने की कोशिश की मगर जल्द ही वह पुलिस की सख्ती के आगे टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पत्नी की मौत के बाद की दूसरी शादी ःनेम सिंह की पहली शादी उर्मिला देवी पुत्री नौवत सिंह निवासी दानपुर थाना डिबाई के साथ हुई थी। उर्मिला से तीन बच्चे जितेंद्र, योगेश कुमारी व मुनेंद्र हैं। जितेंद्र व योगेश कुमारी की शादी हो चुकी है। जितेंद्र व मुनेंद्र गुड़गांव की एक प्राइवेट फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। उर्मिला की मौत के बाद आठ साल पहले उसने दूसरी शादी छर्रा थाना क्षेत्र के गांव नगला गुलरिया निवासी स्व. चंद्रपाल सिंह की बेटी ज्ञानवती उर्फ पूजा से की थी। पूजा के कोई संतान नहीं थी। नेम सिंह के हिस्से में सात बीघा जमीन थी, जिसमें से चार बीघा जमीन उसने अपने दोनों बेटों को दे रखी थी। पूजा और नेम सिंह में अक्सर झगड़ा होता था।
पूजा के शव पर नहीं था एक भी कपड़ा ःकाली नदी में पुलिस को बिना सिर की मिली लाश पर कोई कपड़ा नहीं था। सिर काटने के साथ ही नेम सिंह ने कपड़े भी उतार लिए थे, ताकि कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान न हो सके। गुमशुदगी दर्ज हो जाए तो पुलिस भी उसे परेशान नहीं करेगी, लेकिन पुलिस के सामने उसकी कोई चालाकी नहीं चल सकी। मायके पक्ष के लोगों ने उसे पकड़ ही लिया।
फॉरेंसिक टीम ने एकत्रित किए सबूत ः ज्ञानवती उर्फ पूजा की हत्या की सूचना पर सीओ ने अलीगढ़ से फॉरेसिंक विभाग की टीम को भी बुला लिया। पुलिस के साथ जुटी फॉरेंसिक टीम ने जरूरी साक्ष्य जुटाते हुए सबूत एकत्रित किए।
महिला की सिर कटी लाश देख फैली सनसनीः इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। काली नदी पर कुछ लोगों ने महिला की सिर कटी लाश देखी तो उनकी चीख ही निकल गई। क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई। जवां और अतरौली की सीमा पर शव मिलने से घटना स्थल पर तमाम लोगों की भीड़ लग गई। शव काली नदी के दूसरे छोर पर थाना जवां क्षेत्र में मिला होने से वहां की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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कोतवाली के गांव मीरगढ़ी निवासी नेम सिंह गांव में आटा चक्की चलाता है। उसकी पत्नी की मौत हो जाने के कारण उसने आठ साल पहले दूसरी शादी छर्रा थाना क्षेत्र के गांव नगला गुलरिया निवासी चंद्रपाल सिंह की बेटी ज्ञानवती उर्फ पूजा 35 से की थी। बुधवार रात नेम सिंह का अपनी पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। नेम सिंह ने पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और बाद में सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को काली नदी ले गया और सिर व धड़ को अलग-अलग करके काली नदी में फेंक दिया। गुरुवार सुबह मायके पक्ष के लोग गांव में पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई।
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मायके पक्ष के लोगों ने नेम सिंह को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने पूछताछ की तो उसने हत्या की बात स्वीकारते हुए शव और सिर काली नदी में फेंकना स्वीकारा। मौके पर सीओ प्रशांत सिंह, कोतवाल प्रवेश राणा मय फोर्स के पहुंच गए। उन्होंने झाड़ियों में फंसा बिना सिर का शव बरामद कर लिया और सिर काली नदी में बहा चला गया। काफी खोजबीन के बाद भी सिर पुलिस के हाथ नहीं लगा। नेम सिंह ने पुलिस को बताया कि पत्नी से आए दिन झगड़ा होता था। इससे परेशान होकर उसने अपने बेटे के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। शव की शिनाख्त न हो इस उद्देश्य से सिर को धड़ से अलग किया गया। कोतवाल प्रवेश राणा ने बताया कि पति को हिरासत में ले लिया है। मृतका के भाई साहब सिंह की तहरीर पुलिस ने नेम सिंह पुत्र कमल सिंह, जीतेंद्र पुत्र नेम सिंह, मुनेेंद्र पुत्र नेम सिंह, सुरेश, पेशकार, मनोज पुत्रगण कमल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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पत्नी की हत्या कर गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचा कोतवाली
गांव मीरगढ़ी में पत्नी ज्ञानवती उर्फ पूजा की हत्या करके नेम सिंह गुमशुदगी दर्ज कराने थाने पहुंचा। पुलिस की पूछताछ में उसने खुद स्वीकार किया कि वह गुमशुदगी दर्ज कराने आया था, ताकि कोई उस पर शक न करे, लेकिन थाने में घुसने की हिम्मत नहीं पड़ी। वह गुमशुदगी दर्ज कराने के चक्कर में थाने के बाहर ही घूम रहा था कि पुलिस से शिकायत करने पहुंचे पूजा के परिजनों के हत्थे चढ़ गया। पूजा के मायके पक्ष के लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। शुरू में तो उसने पुलिस के सामने कहानी बदलने की कोशिश की मगर जल्द ही वह पुलिस की सख्ती के आगे टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पत्नी की मौत के बाद की दूसरी शादी ःनेम सिंह की पहली शादी उर्मिला देवी पुत्री नौवत सिंह निवासी दानपुर थाना डिबाई के साथ हुई थी। उर्मिला से तीन बच्चे जितेंद्र, योगेश कुमारी व मुनेंद्र हैं। जितेंद्र व योगेश कुमारी की शादी हो चुकी है। जितेंद्र व मुनेंद्र गुड़गांव की एक प्राइवेट फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। उर्मिला की मौत के बाद आठ साल पहले उसने दूसरी शादी छर्रा थाना क्षेत्र के गांव नगला गुलरिया निवासी स्व. चंद्रपाल सिंह की बेटी ज्ञानवती उर्फ पूजा से की थी। पूजा के कोई संतान नहीं थी। नेम सिंह के हिस्से में सात बीघा जमीन थी, जिसमें से चार बीघा जमीन उसने अपने दोनों बेटों को दे रखी थी। पूजा और नेम सिंह में अक्सर झगड़ा होता था।
पूजा के शव पर नहीं था एक भी कपड़ा ःकाली नदी में पुलिस को बिना सिर की मिली लाश पर कोई कपड़ा नहीं था। सिर काटने के साथ ही नेम सिंह ने कपड़े भी उतार लिए थे, ताकि कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान न हो सके। गुमशुदगी दर्ज हो जाए तो पुलिस भी उसे परेशान नहीं करेगी, लेकिन पुलिस के सामने उसकी कोई चालाकी नहीं चल सकी। मायके पक्ष के लोगों ने उसे पकड़ ही लिया।
फॉरेंसिक टीम ने एकत्रित किए सबूत ः ज्ञानवती उर्फ पूजा की हत्या की सूचना पर सीओ ने अलीगढ़ से फॉरेसिंक विभाग की टीम को भी बुला लिया। पुलिस के साथ जुटी फॉरेंसिक टीम ने जरूरी साक्ष्य जुटाते हुए सबूत एकत्रित किए।
महिला की सिर कटी लाश देख फैली सनसनीः इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। काली नदी पर कुछ लोगों ने महिला की सिर कटी लाश देखी तो उनकी चीख ही निकल गई। क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई। जवां और अतरौली की सीमा पर शव मिलने से घटना स्थल पर तमाम लोगों की भीड़ लग गई। शव काली नदी के दूसरे छोर पर थाना जवां क्षेत्र में मिला होने से वहां की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।