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हरियाणा के पूर्व मंत्री के साथ आई पुलिस ने किसानों पर की फायरिंग

Sat, 30 May 2020 12:08 AM IST
राजेश सिंह क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: राजेश सिंह Updated Sat, 30 May 2020 12:08 AM IST
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Police came with former Haryana minister firing on farmers
किसानों पर की फायरिंग के बाद माैके पर पहुंची पुलिस। - फोटो : ब्यूूराे
यूपी-हरियाणा सीमा विवाद एक बार फिर गरमा गया। हरियाणा में कांग्रेस के एक पूर्व मंत्री के साथ जमीन पर कब्जा कराने पहुंची हरियाणा पुलिस और पूर्व मंत्री के लाव लश्कर ने किसानों पर फायरिंग कर दी। इसके बाद इस तरफ के किसानों की ओर से भी फायरिंग की गई। इससे खैर से लेकर अलीगढ़ तक हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एसडीएम, सीओ के साथ ही कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने पलवल (हरियाणा) के अधिकारियों से वार्ता की जिसके बाद कब्जा लेने आई टीम लौट गई।
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बताते हैं कि शुक्रवार को हरियाणा कांग्रेस के एक पूर्व मंत्री ने टप्पल ब्लाक के गांव रामगढ़ी में ढाई सौ बीघे जमीन खरीदी है। इसी जमीन पर कब्जा करने के लिए वह पांच जेसीबी, आठ ट्रैक्टर, पुलिस व अपने लाव लश्कर समेत रामगढ़ी गांव पहुंचे थे। उनके साथ एक नायब तहसीलदार व बस भरकर हरियाणा पुलिस थी। सूचना पर रामगढ़ी के किसान पहुंच गये तथा जमीन पर कब्जे का विरोध करने लगे। जिस पर हरियाणा पुलिस और पूर्व मंत्री के निजी लोगों ने उन पर फायरिंग कर दी।
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इस पर इधर से भी किसानों ने जवाबी फायरिंग की। सूचना मिलते ही एसडीएम अंजुम बी, सीओ संजीव दीक्षित, तहसीलदार रेशमा सहाय, खैर, टप्पल व पिसावा इंस्पेक्टर व पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। एसडीएम व सीओ ने जमीन पर कब्जे का कारण पूछा तो बताया गया कि अधिकारियों का आदेश है।
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एसडीएम ने पलवल के डीएम, एडीएम व एसडीएम से बात की तो वे मामले से पल्ला झाड़ते नजर आए। कहा कि एक जमीन पर कब्जे के लिए फोर्स की मांग की गई थी। नहीं मालूम था कि जमीन विवादित है। इसके बाद हरियाणा के अधिकारियों के निर्देश पर टीम वापस लौट गई। वहीं पूर्व मंत्री ने एसडीएम व सीओ खैर पर दबाव बनाने की कोशिश की लेकिन उनकी एक न चली।  



यूपी-हरियाणा बार्डर पर यमुना किनारे स्थित गांवों में जमीन को लेकर सीमा विवाद कई दशक पुराना है। टप्पल ब्लाक के कुछ किसानों की जमीन पलवल और पलवल के कुछ किसानों की जमीन टप्पल ब्लाक के गांवों में है। दोनों ओर के किसान इन जमीनों पर कब्जा कर फसलें बो रहे हैं। इसी पर विवाद होता रहता है। 


पूर्व में हरियाणा के अधिकारियों के साथ बैठक में तय हुआ था कि बिना वार्ता के मौके पर किसी तरह की गतिविधि नहीं होगी। इस तरह कब्जे का प्रयास और किसानों पर फायरिंग करना बेहद गलत कृत्य है। डीएम अलीगढ़ व डीएम पलवल को रिपोर्ट भेजी जा रही है। जल्द ही दोनों राज्यों के अधिकारियों की बैठक में समस्या रखी जाएगी। -अंजुम बी, एसडीएम खैर।


-उत्तर प्रदेश के किसानों की जमीनों पर हरियाणा के भू माफिया का कब्जा नहीं होने देंगे। पूर्व से ही हरियाणा के भू माफिया की नजर हमारे टप्पल में खादर की जमीन पर रही है और सदा कब्जे को लेकर हरियाणा के भू माफिया ने मुंह की खाई है। अपने मुख्यमंत्री से वार्ता कर हरियाणा के भू माफिया को करारा जवाब दिया जाएगा। प्रदेश के किसानों का उत्पीड़न सहन नहीं करेंगे।-शशि सिंह पूर्व ब्लाक प्रमुख टप्पल
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