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होगी बुरी हमारे लिए तो देवता है पुलिस
Updated Sun, 14 Jan 2018 01:17 AM IST
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क्राइम डेस्क ,अमर उजाला, अलीगढ़।
अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सिर्फ 14 घंटे में ही बच्चे सनी को सकुशल निकालने के बाद सनी के परिजन और मोहल्ले वाले पुलिस को किसी देवता से कम नहीं मान रहे हैं। यह मामला पुलिस सक्रियता की एक नजीर की तरह सामने आ रहा है। पूरे दिन चला घटनाक्रम और बदमाशों तक पुलिस के पहुंचने की शानदार कार्यशैली की शनिवार को पूरे शहर में चर्चा रही।
शुक्रवार को क्वार्सी के इंजीनियर कालोनी के पास श्री नगर निवासी महेश कुमार बघेल के 13 वर्षीय बेटे सनी को तीन बाइक सवार बदमाशों ने अपहरण कर लिया था और 6.30 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी।
इसके बाद पुलिस ने बेहद सावधानी बरतते हुए बदमाशों से मुठभेड़ के बाद बालक सनी को सकुशल बचाया। शनिवार को उमेश कुमार बघेल और सनी आदि पुलिस को बयान दर्ज कराने और अन्य औपचारिकताओं को निपटाने में लगे रहे। इस बीच पुलिस और इलाके के लोगों में पुलिस की शानदार कार्यशैली की जबरदस्त चर्चा रही।
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सनी अपने माता पिता का इकलौता बालक है। उसके पिता और इलाके के लोग कह रहे थे कि हमारे लिए पुलिस किसी देवता से कम नहीं है। अगर पुलिस नहीं होती तो हमारे बच्चे का क्या होता?
‘लोग पुलिस के लिए बहुत कुछ कहते हैं कि लेकिन सच्चाई यह है कि खामियां तो प्रत्येक विभाग में होती है। लेकिन पुलिस की समाज में जो भूमिका है, वह बेहद चुनौतीपूर्ण है। बच्चे के अपहरण के मामले में जो कार्यशैली सामने आई है। वह तो सिर्फ फिल्मों में ही देखी है। इस घटना के बाद लोगों का पुलिस में विश्वास बढ़ेगा’
- राम कृष्ण तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता
पुलिस कर्मियों की टीम को किया गया सम्मानित
अपहरण के बाद बच्चे को सकुशल निकालने पर शनिवार को हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने थाना क्वार्सी पहुंचकर पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में सीओ तृतीय संजीव दीक्षित, थाना क्वार्सी से एसएसआई दिनेश कुमार, सब इंस्पेक्टर श्रवण कुमार, एसओजी टीम के प्रभारी छोटेलाल, सिपाही राकेश यादव, दुर्विजय, मोहन, फिरोज खान, मो. रजा, विजय कुमार, सर्विलांस टीम के अभय शर्मा, एमपी सिंह, विनोद कुमार, मनोज, पवन शर्मा मौजूद थे। इस अवसर पर हिंदू जागरण मंच से सोनू सविता, राहुल उपाध्याय, अनुराग वार्ष्णेय, पुनीत शर्मा, अतुल वार्ष्णेय, अमित भारद्वाज आदि मौजूद थे।
‘पैसा भी ले लेते और जान से भी मार देते’
डेयरी संचालक महेश कुमार के 13 वर्षीय बेटे सनी को अपहरण कर्ताओं के चंगुल से सकुशल बचाने में अहम भूमिका निभाने वाली स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी), सर्विलांस टीम और पूरी पुलिस टीम को इस बात की संतुष्टि है कि उन्होंने किसी घर के इकलौते चिराग को बुझने से बचा लिया।
इसका एक कारण यह भी है कि बदमाशों ने खुलासा किया कि वह पैसे भी ले लेते और बच्चे को जान से मार भी देते। इसका कारण यह था कि एक बदमाश विष्णु जिसके पैर में गोली लगी है, वह कभी सनी के मकान में किराए पर रहा था और सनी उसे पहचानता था। पूछताछ के बाद शनिवार को दोनों जेल भेज दिए गए।
पुलिस पूछताछ में इस अपहरण कांड से जुड़ी कुछ और बातों का पता चला है। ताजा तथ्य यह कि एक बदमाश विष्णु कभी डेयरी संचालक महेश कुमार के घर में किराए पर रहा था। इन दिनों विष्णु के बड़े भाई के नवजात बेटे का सासनी गेट स्थित हास्पिटल में गंभीर बीमारी का इलाज चल रहा है, जिसमें प्रतिदिन 7-8 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। कुछ दिनों बाद एक बड़ा आपरेशन होने वाला है।
इसी के चलते विष्णु और इसका छोटा भाई फरार आरोपी खान उर्फ चंद्रदत्त परेशान चल रहे थे। इसी परेशानी को देखते हुए विष्णु ने अपने दोस्त जितेंद्र संग योजना बनाई गई कि महेश कुुमार के इकलौते बेटे का अपहरण कर लेते हैं, जिसमें पैसा भी आसानी से मिल जाएगा। चूंकि विष्णु घर में किराए पर रहा था, इसलिए उसे पूरी जानकारी थी कि महेश घर में कब निकलते हैं, कब आते हैं।
शुक्रवार की सुबह महेश डेयरी पर गए थे तो विष्णु ने ही घर पर आवाज देकर सनी को बुलाया और कहा कि पापा बुला रहे हैं। इसके बाद विष्णु और जितेंद्र एक बाइक पर सनी को ले जाने लगे। उनके साथ आया विष्णु का भाई एक अलग बाइक पर था। घटना होते देख वह डर गया और बाइक छोड़कर भाग गया।
इसी बाइक के खड़े होने का हवाला देकर फिरौती मांगी गई थी। पुलिस ने शुक्रवार को उस बाइक पर इतना ध्यान नहीं दिया। माना गया कि घटना की जानकारी होने के बाद महेश के यहां वालों में से किसी की बाइक होगी। इसके बाद तो परिजनों का बाइक लेकर एटा चुंगी जाना और बदमाश का पकड़ में आने के बाद मामला पकड़ में आ गया।
‘यूं तो अपनी जिंदगी में कई आपरेशन किए। कई बदमाश पकड़े और बंधकों को भी छुड़ाया, लेकिन इस आपरेशन के बाद लग रहा है कि जैसे कोई तीर्थ यात्रा की हो, कोई पुण्य कार्य किया हो। अच्छा लगता है जब किसी परिवार की खुशियां हम वापस ले आते हैं’
- छोटेलाल, प्रभारी एसओजी
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अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सिर्फ 14 घंटे में ही बच्चे सनी को सकुशल निकालने के बाद सनी के परिजन और मोहल्ले वाले पुलिस को किसी देवता से कम नहीं मान रहे हैं। यह मामला पुलिस सक्रियता की एक नजीर की तरह सामने आ रहा है। पूरे दिन चला घटनाक्रम और बदमाशों तक पुलिस के पहुंचने की शानदार कार्यशैली की शनिवार को पूरे शहर में चर्चा रही।
शुक्रवार को क्वार्सी के इंजीनियर कालोनी के पास श्री नगर निवासी महेश कुमार बघेल के 13 वर्षीय बेटे सनी को तीन बाइक सवार बदमाशों ने अपहरण कर लिया था और 6.30 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी।
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इसके बाद पुलिस ने बेहद सावधानी बरतते हुए बदमाशों से मुठभेड़ के बाद बालक सनी को सकुशल बचाया। शनिवार को उमेश कुमार बघेल और सनी आदि पुलिस को बयान दर्ज कराने और अन्य औपचारिकताओं को निपटाने में लगे रहे। इस बीच पुलिस और इलाके के लोगों में पुलिस की शानदार कार्यशैली की जबरदस्त चर्चा रही।
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सनी अपने माता पिता का इकलौता बालक है। उसके पिता और इलाके के लोग कह रहे थे कि हमारे लिए पुलिस किसी देवता से कम नहीं है। अगर पुलिस नहीं होती तो हमारे बच्चे का क्या होता?
‘लोग पुलिस के लिए बहुत कुछ कहते हैं कि लेकिन सच्चाई यह है कि खामियां तो प्रत्येक विभाग में होती है। लेकिन पुलिस की समाज में जो भूमिका है, वह बेहद चुनौतीपूर्ण है। बच्चे के अपहरण के मामले में जो कार्यशैली सामने आई है। वह तो सिर्फ फिल्मों में ही देखी है। इस घटना के बाद लोगों का पुलिस में विश्वास बढ़ेगा’
- राम कृष्ण तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता
पुलिस कर्मियों की टीम को किया गया सम्मानित
अपहरण के बाद बच्चे को सकुशल निकालने पर शनिवार को हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने थाना क्वार्सी पहुंचकर पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में सीओ तृतीय संजीव दीक्षित, थाना क्वार्सी से एसएसआई दिनेश कुमार, सब इंस्पेक्टर श्रवण कुमार, एसओजी टीम के प्रभारी छोटेलाल, सिपाही राकेश यादव, दुर्विजय, मोहन, फिरोज खान, मो. रजा, विजय कुमार, सर्विलांस टीम के अभय शर्मा, एमपी सिंह, विनोद कुमार, मनोज, पवन शर्मा मौजूद थे। इस अवसर पर हिंदू जागरण मंच से सोनू सविता, राहुल उपाध्याय, अनुराग वार्ष्णेय, पुनीत शर्मा, अतुल वार्ष्णेय, अमित भारद्वाज आदि मौजूद थे।
‘पैसा भी ले लेते और जान से भी मार देते’
डेयरी संचालक महेश कुमार के 13 वर्षीय बेटे सनी को अपहरण कर्ताओं के चंगुल से सकुशल बचाने में अहम भूमिका निभाने वाली स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी), सर्विलांस टीम और पूरी पुलिस टीम को इस बात की संतुष्टि है कि उन्होंने किसी घर के इकलौते चिराग को बुझने से बचा लिया।
इसका एक कारण यह भी है कि बदमाशों ने खुलासा किया कि वह पैसे भी ले लेते और बच्चे को जान से मार भी देते। इसका कारण यह था कि एक बदमाश विष्णु जिसके पैर में गोली लगी है, वह कभी सनी के मकान में किराए पर रहा था और सनी उसे पहचानता था। पूछताछ के बाद शनिवार को दोनों जेल भेज दिए गए।
पुलिस पूछताछ में इस अपहरण कांड से जुड़ी कुछ और बातों का पता चला है। ताजा तथ्य यह कि एक बदमाश विष्णु कभी डेयरी संचालक महेश कुमार के घर में किराए पर रहा था। इन दिनों विष्णु के बड़े भाई के नवजात बेटे का सासनी गेट स्थित हास्पिटल में गंभीर बीमारी का इलाज चल रहा है, जिसमें प्रतिदिन 7-8 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। कुछ दिनों बाद एक बड़ा आपरेशन होने वाला है।
इसी के चलते विष्णु और इसका छोटा भाई फरार आरोपी खान उर्फ चंद्रदत्त परेशान चल रहे थे। इसी परेशानी को देखते हुए विष्णु ने अपने दोस्त जितेंद्र संग योजना बनाई गई कि महेश कुुमार के इकलौते बेटे का अपहरण कर लेते हैं, जिसमें पैसा भी आसानी से मिल जाएगा। चूंकि विष्णु घर में किराए पर रहा था, इसलिए उसे पूरी जानकारी थी कि महेश घर में कब निकलते हैं, कब आते हैं।
शुक्रवार की सुबह महेश डेयरी पर गए थे तो विष्णु ने ही घर पर आवाज देकर सनी को बुलाया और कहा कि पापा बुला रहे हैं। इसके बाद विष्णु और जितेंद्र एक बाइक पर सनी को ले जाने लगे। उनके साथ आया विष्णु का भाई एक अलग बाइक पर था। घटना होते देख वह डर गया और बाइक छोड़कर भाग गया।
इसी बाइक के खड़े होने का हवाला देकर फिरौती मांगी गई थी। पुलिस ने शुक्रवार को उस बाइक पर इतना ध्यान नहीं दिया। माना गया कि घटना की जानकारी होने के बाद महेश के यहां वालों में से किसी की बाइक होगी। इसके बाद तो परिजनों का बाइक लेकर एटा चुंगी जाना और बदमाश का पकड़ में आने के बाद मामला पकड़ में आ गया।
‘यूं तो अपनी जिंदगी में कई आपरेशन किए। कई बदमाश पकड़े और बंधकों को भी छुड़ाया, लेकिन इस आपरेशन के बाद लग रहा है कि जैसे कोई तीर्थ यात्रा की हो, कोई पुण्य कार्य किया हो। अच्छा लगता है जब किसी परिवार की खुशियां हम वापस ले आते हैं’
- छोटेलाल, प्रभारी एसओजी