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सपा छात्र सभा और एबीवीपी नेताओं में मारपीट
Updated Sun, 25 Feb 2018 02:09 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पैसों को लेकर फेसबुक पर बयानबाजी ने मारपीट का रूप ले लिया और बात मारपीट व मुकदमे तक पहुंच गई। ये मामला सपा छात्र सभा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बीच का है।
शनिवार शाम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर सहमंत्री पंकज आर्य अपने साथियों के साथ अचल ताल स्थित संगठन के कार्यालय के बाहर खड़े थे। तभी उन पर हमला बोल दिया गया और जमकर पीटा गया। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई और खबर पर एसपी सिटी सहित पुलिस बल पहुंच गया। मगर तब तक आरोपी भाग गए।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री पुष्पेंद्र पचौरी ने बताया कि सपा छात्र सभा जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह और पंकज आर्य के बीच कुछ दिन पहले से फेसबुक पर विवि स्थापना और पैसों को लेकर बयानबाजी हो रही थी।
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इसी मुद्दे पर कहासुनी हुई और गालीगलौज तक हुई थी। आरोप है कि शनिवार शाम रंजीत के साथ छात्र नेता अर्जुन सिंह उर्फ भोलू ठाकुर प्रधान पति गांव अलहदादपुर, एक अन्य भोलू ठाकुर, सिंटू ठाकुर और एक दर्जन अन्य साथी आए और पंकज संग मारपीट शुरू कर दी।
वहीं रंजीत सिंह के पक्ष का कहना है कि मारपीट की शुरुआत विद्यार्थी परिषद के लोगों की ओर से हुई। वह अपनी जान बचा कर वहां से भागे। गांधीपार्क इंस्पेक्टर रवींद्र सिंह के अनुसार इस मामले में पंकज आर्य की ओर से मिली तहरीर पर रंजीत सिंह, अर्जुन भोलू और उनके कुछ अज्ञात साथियों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट, मारपीट करने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
इस प्रकरण में सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने कहा है कि दोनों संगठनों के युवाओं के बीच जोश जोश में फेसबुक के कमेंट को लेकर कहासुनी हो गई है। दोनों पक्षों को बैठा कर समझौता करा देंगे। इसको तूल देने की जरूरत नहीं है।
ये बयान बने लड़ाई की वजह
रंजीत सिंह और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेताओं के बीच फेस बुक पर बयानबाजी हो रही है। आरोप है कि सपा छात्र सभा के नेता रंजीत सिंह सपा के पांच साल के कार्यकाल में विवि की स्थापना नहीं करा सके। अब कुछ सपा नेताओं के इशारे पर विवि बनाओ संघर्ष समिति के सदस्य बन कर भाजपा सरकार और उसके नेताओं पर निशाना साध रहे हैं। इस अभियान से जुड़ कर पैसा एकत्र कर मौज कर रहे हैं। इन्हीं बयानों से दोनों पक्षों में तनातनी हुई है। गौर हो कि विवि बनाओ संघर्ष समिति में सपा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सहित अन्य संगठनों के पांच पदाधिकारियों की की कोर कमेटी बनी है। जिसमें रंजीत सिंह, अमित गोस्वामी सहित पांच लोग हैं।
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पैसों को लेकर फेसबुक पर बयानबाजी ने मारपीट का रूप ले लिया और बात मारपीट व मुकदमे तक पहुंच गई। ये मामला सपा छात्र सभा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बीच का है।
शनिवार शाम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर सहमंत्री पंकज आर्य अपने साथियों के साथ अचल ताल स्थित संगठन के कार्यालय के बाहर खड़े थे। तभी उन पर हमला बोल दिया गया और जमकर पीटा गया। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई और खबर पर एसपी सिटी सहित पुलिस बल पहुंच गया। मगर तब तक आरोपी भाग गए।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री पुष्पेंद्र पचौरी ने बताया कि सपा छात्र सभा जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह और पंकज आर्य के बीच कुछ दिन पहले से फेसबुक पर विवि स्थापना और पैसों को लेकर बयानबाजी हो रही थी।
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इसी मुद्दे पर कहासुनी हुई और गालीगलौज तक हुई थी। आरोप है कि शनिवार शाम रंजीत के साथ छात्र नेता अर्जुन सिंह उर्फ भोलू ठाकुर प्रधान पति गांव अलहदादपुर, एक अन्य भोलू ठाकुर, सिंटू ठाकुर और एक दर्जन अन्य साथी आए और पंकज संग मारपीट शुरू कर दी।
वहीं रंजीत सिंह के पक्ष का कहना है कि मारपीट की शुरुआत विद्यार्थी परिषद के लोगों की ओर से हुई। वह अपनी जान बचा कर वहां से भागे। गांधीपार्क इंस्पेक्टर रवींद्र सिंह के अनुसार इस मामले में पंकज आर्य की ओर से मिली तहरीर पर रंजीत सिंह, अर्जुन भोलू और उनके कुछ अज्ञात साथियों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट, मारपीट करने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
इस प्रकरण में सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने कहा है कि दोनों संगठनों के युवाओं के बीच जोश जोश में फेसबुक के कमेंट को लेकर कहासुनी हो गई है। दोनों पक्षों को बैठा कर समझौता करा देंगे। इसको तूल देने की जरूरत नहीं है।
ये बयान बने लड़ाई की वजह
रंजीत सिंह और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेताओं के बीच फेस बुक पर बयानबाजी हो रही है। आरोप है कि सपा छात्र सभा के नेता रंजीत सिंह सपा के पांच साल के कार्यकाल में विवि की स्थापना नहीं करा सके। अब कुछ सपा नेताओं के इशारे पर विवि बनाओ संघर्ष समिति के सदस्य बन कर भाजपा सरकार और उसके नेताओं पर निशाना साध रहे हैं। इस अभियान से जुड़ कर पैसा एकत्र कर मौज कर रहे हैं। इन्हीं बयानों से दोनों पक्षों में तनातनी हुई है। गौर हो कि विवि बनाओ संघर्ष समिति में सपा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सहित अन्य संगठनों के पांच पदाधिकारियों की की कोर कमेटी बनी है। जिसमें रंजीत सिंह, अमित गोस्वामी सहित पांच लोग हैं।