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अपनी जमीन पर कब्जा न ले सका नगर निगम
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Sun, 30 Apr 2017 01:54 AM IST
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बन्ना देवी के मोहल्ला शक्ति नगर में अपनी जमीन पर कब्जा लेने गई नगर निगम की टीम को जन विरोध और राजनीतिक विरोध के चलते आधा अधूरा काम करके ही वापस लौट आयी। आरोप है कि शहर क्षेत्र से विधायक संजीव राजा नगर निगम टीम के कब्जा हटाने के विरोध में आ गए।
इसके चलते टीम को आधे अधूरे काम के साथ ही वापस लौटना पड़ा। लेकिन संजीव राजा की ओर से राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने इस बात को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि बुधवार तक काम प्रशासन ने रुकवाया है। दोनों पक्ष अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर देंगे इसके बाद जमीन पर स्वामित्व की स्थिति भी साफ हो जाएगी। तब तक कार्य रुकवाया गया है।
शक्ति नगर में कभी बहुत बड़ी पोखर हुआ करती थी। लेकिन अब यहां पर बड़ी फैक्ट्रियां, सड़कें, बिजली के खंभे, आबादी है। नगर निगम का दावा है कि यहां पर उसकी कुछ जमीन पर लोगों ने वाउंड्रीवाल खड़ी कर ली है। एक अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर करके पूछा था कि नगर निगम की कितनी जमीन है और उस पर कब्जे क्यों हो गए हैं?
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इस पर नगर निगम ने 2013-14 में शपथ पत्र दाखिल करके कहा था कि जल्द ही वह कब्जे हटवा कर अपनी जमीन पर कब्जा ले लेंगे। शनिवार को सहायक नगर आयुक्त ऋषिकेश सिंह के नेतृत्व में नगर निगम की टीम कब्जा लेने पहुंची। यहां पर लोग विरोध में आ गए। उनकी दलील थी कि पहले नोटिस आदि क्यों नहीं दिया गया।
सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी, एसीएम प्रथम, सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर बन्ना देवी भी पहुंच गए। जनता की ओर से शहर विधायक संजीव राजा, विधायक अनूप वाल्मीकि, राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ भी मौके पर पहुंचे। सभी लोगों की मौजूदगी में तय हुआ कि बुधवार को दोनों पक्ष अपने अपने दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे।
निगम के पास कोई दस्तावेज ही नहीं थे: चीफ
विधायक संजीव राजा सहित हम सभी लोग मौके पर थे। नगर निगम से कुछ बिंदुओं पर सूचना मांगी है। इसके लिए बुधवार तक का समय तय हुआ है। जबकि जनता के पास वहां कागज मौजूद थे। यह भी कहना गलत है कि विधायक संजीव राजा ने काम रुकवा दिया। काम प्रशासन ने रुकवाया है। विधायक की ओर से तो कहा गया कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकलना चाहिए। सबसे बड़ी बात नगर निगम की टीम ने महापौर और नगर आयुक्त तक को विश्वास में नहीं लिया।
‘हमने 20-25 अवैध कब्जों को हटा दिया है। काम करीब करीब पूरा हो चुका है। विधायक संजीव राजा ने कुछ बिंदुओं पर सूचना मांगी है। जो उन्हें उपलब्ध करा दी जाएगी। कहीं किसी भी तरह का कोई विरोधाभास नहीं है’
ऋषिकेश सिंह, सहायक नगर आयुक्त
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इसके चलते टीम को आधे अधूरे काम के साथ ही वापस लौटना पड़ा। लेकिन संजीव राजा की ओर से राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने इस बात को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि बुधवार तक काम प्रशासन ने रुकवाया है। दोनों पक्ष अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर देंगे इसके बाद जमीन पर स्वामित्व की स्थिति भी साफ हो जाएगी। तब तक कार्य रुकवाया गया है।
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शक्ति नगर में कभी बहुत बड़ी पोखर हुआ करती थी। लेकिन अब यहां पर बड़ी फैक्ट्रियां, सड़कें, बिजली के खंभे, आबादी है। नगर निगम का दावा है कि यहां पर उसकी कुछ जमीन पर लोगों ने वाउंड्रीवाल खड़ी कर ली है। एक अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर करके पूछा था कि नगर निगम की कितनी जमीन है और उस पर कब्जे क्यों हो गए हैं?
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इस पर नगर निगम ने 2013-14 में शपथ पत्र दाखिल करके कहा था कि जल्द ही वह कब्जे हटवा कर अपनी जमीन पर कब्जा ले लेंगे। शनिवार को सहायक नगर आयुक्त ऋषिकेश सिंह के नेतृत्व में नगर निगम की टीम कब्जा लेने पहुंची। यहां पर लोग विरोध में आ गए। उनकी दलील थी कि पहले नोटिस आदि क्यों नहीं दिया गया।
सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी, एसीएम प्रथम, सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर बन्ना देवी भी पहुंच गए। जनता की ओर से शहर विधायक संजीव राजा, विधायक अनूप वाल्मीकि, राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ भी मौके पर पहुंचे। सभी लोगों की मौजूदगी में तय हुआ कि बुधवार को दोनों पक्ष अपने अपने दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे।
निगम के पास कोई दस्तावेज ही नहीं थे: चीफ
विधायक संजीव राजा सहित हम सभी लोग मौके पर थे। नगर निगम से कुछ बिंदुओं पर सूचना मांगी है। इसके लिए बुधवार तक का समय तय हुआ है। जबकि जनता के पास वहां कागज मौजूद थे। यह भी कहना गलत है कि विधायक संजीव राजा ने काम रुकवा दिया। काम प्रशासन ने रुकवाया है। विधायक की ओर से तो कहा गया कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकलना चाहिए। सबसे बड़ी बात नगर निगम की टीम ने महापौर और नगर आयुक्त तक को विश्वास में नहीं लिया।
‘हमने 20-25 अवैध कब्जों को हटा दिया है। काम करीब करीब पूरा हो चुका है। विधायक संजीव राजा ने कुछ बिंदुओं पर सूचना मांगी है। जो उन्हें उपलब्ध करा दी जाएगी। कहीं किसी भी तरह का कोई विरोधाभास नहीं है’
ऋषिकेश सिंह, सहायक नगर आयुक्त