Post Office: यादों के लिफाफे में बंद हुए चिट्ठी वाले घर, छह डाकघरों ने ली अंतिम विदाई
प्रधान डाकघर (अलीगढ़-हाथरस) के अंतर्गत अब कुल डाकघरों की संख्या 74 से घटकर 68 रह गई है। अलीगढ़ में अब 56 के बजाय 51 और हाथरस में 18 के बजाय 17 डाकघर ही संचालित होंगे।
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कभी अपनों का संदेश लाने वाले डाकिया का इंतजार और मनीऑर्डर भेजने वालों की लंबी कतारों से गुलजार रहने वाले अलीगढ़ शहर के व्यस्त डाकघर अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गए हैं। डिजिटल इंडिया के दौर में जहां एक क्लिक पर संदेश और पैसा पहुंच रहा है, वहीं पुरानी यादों के ये गवाह टिकट और मुहर की दुनिया से दूर हो गए हैं।
लखनऊ स्थित चीफ पोस्टमास्टर जनरल के आदेश पर अलीगढ़ मंडल के छह डाकघरों पर ताला लटक गया है। इनमें पांच डाकघर अलीगढ़ के हैं और एक डाकघर हाथरस जिले का है। वहीं, ऊपर कोट (बनिया पाड़ा) स्थित डाकघर को अब मथुरा रोड (एटूजेड के पास) शिफ्ट कर दिया गया है।
संचार के आधुनिक माध्यमों व्हाट्सएप, ईमेल और यूपीआई के आने से इन केंद्रों पर रजिस्ट्री, टिकट बिक्री और बचत योजनाओं के लिए आने वाले लोगों की संख्या नगण्य रह गई थी। राजस्व में निरंतर गिरावट को देखते हुए विभाग ने इन गैर-किफायती डाकघरों को बंद करने का कड़ा फैसला लिया है।
राजस्व की लगातार आ रही गिरावट और आने वाले लोगों की संख्या में आ रही कमी के चलते विभाग की ओर से डाकघरों को बंद करने का फैसला लिया है। इनके स्टाफ को अन्य स्थानों पर समायोजित किया गया है।- विनय वार्ष्णेय, सीनियर पोस्टमास्टर, प्रधान डाकघर
अब यह रह गई संख्या
प्रधान डाकघर (अलीगढ़-हाथरस) के अंतर्गत अब कुल डाकघरों की संख्या 74 से घटकर 68 रह गई है। अलीगढ़ में अब 56 के बजाय 51 और हाथरस में 18 के बजाय 17 डाकघर ही संचालित होंगे।
इन इलाकों से विदा हुए पोस्ट ऑफिस
- गांधी आई हॉस्पिटल,
- मानिक चौक डाकघर
- मैरिस रोड स्थित टीकाराम मंदिर
- नगर निगम के सामने वाले केंद्र
- एनसी कासिमपुर
- हाथरस का डीसी साथिनी डाकघर।