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Aligarh News: रक्षाबंधन पर मायके जाने से पहले खाद की चिंता, देरी होने पर गुस्साईं महिलाएं

Fri, 08 Aug 2025 11:25 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 08 Aug 2025 11:25 PM IST
सार

कई महिलाएं तीन दिन से खाद के लिए अलग अलग समितियों पर चक्कर काट रही हैं, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी खाद नहीं मिल पा रहा। मशीन में लोड आने के बाद दोपहर एक बजे के बाद खाद का वितरण शुरू हो सका।

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Concern about fertilizer before going to mother house on Rakshabandhan
क्षेत्रीय सहकारी समिति उत्तरी पर यूरिया के लिए लाइन में बैठीं महिलाएं - फोटो : संवाद

विस्तार

यूरिया की किल्लत खत्म होने का नाम नहीं ले रही। महिलाओं को रक्षाबंधन के त्योहार पर मायके जाने से पहले उन्हें खाद की चिंता सताती रही। दो बोरी पाने के लिए दिनभर महिलाएं लाइन में लगी रहीं। दोपहर बाद तो हंगामा कर दिया।

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अतरौली क्षेत्रीय सहकारी समिति पर 8 अगस्त सुबह से लाइन में बैठी महिलाओं ने जब दोपहर एक बजे तक खाद का वितरण नहीं हुआ तो हंगामा करना शुरू कर दिया। जगतपुर की वीरवती, उत्तमगढ़ी की श्यामवती, जखैरा की पूनम, हरवंशपुर की कांती देवी आदि महिलाओं ने कहा कि शनिवार को रक्षाबंधन है, उन्हें राखी बांधने मायके भी जाना है लेकिन खाद की चिंता सबसे पहले है।
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कई महिलाएं तीन दिन से खाद के लिए अलग अलग समितियों पर चक्कर काट रही हैं, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी खाद नहीं मिल पा रहा। मशीन में लोड आने के बाद दोपहर एक बजे के बाद खाद का वितरण शुरू हो सका। हालांकि अब प्रशासन की सख्ती के बाद सभी समितियों को खाद की आपूर्ति की जा रही है।   

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मशीन में लोड नहीं आने के कारण वितरण देरी से शुरू हुआ था। सभी किसानों को शांति पूर्वक ढंग से उपलब्ध यूरिया वितरित किया गया।- हरिराज सिंह, सचिव

मेरा भाई सेना में हैं वह छुट्टी लेकर आए हैं। भाई घर पर मेरा इंतजार कर रहे हैं लेकिन मैं यूरिया के चक्कर में मायके नहीं जा पाई।- शीला देवी, मधूपुर
सुबह सोचा कि जल्दी लाइन में लग जाएंगे तो खाद मिल जाएगा। इसके बाद मायके चले जाएंगे। लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ।- केला देवी, शेखूपुर
सरकार ने मायके जाने के लिए बसों में किराया मुफ्त किया है, लेकिन दूसरी ओर खाद नहीं मिल रहा तो मायके नहीं जा पा रहे।-  पूजा देवी, मधूपुर
मेरा भाई मुझे बुलाने आया था। लेकिन खाद के कारण हम नहीं जा सके। तो वह यहीं से ही राखी बंधवाकर लौट गया।- मुन्नी देवी, चौमुहां
धान में खाद की बेहद जरूरत है। प्रशासन अब यूरिया लगातार भेज रहा है इसे समय से समितियों पर भेजते तो इतनी भीड़ नहीं होती। - माधुरी, सूरतगढ़

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