अलीगढ़ के विकास को गति देगा बजट
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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को आम बजट पेश किया है। सीए विजय कुमार ने पूरा बजट देखा और इस पर गहनता से अध्ययन करने के बाद अपनी राय अमर उजाला के साथ साझा की। सीए की राय में बजट में हर हर वर्ग को कुछ ना कुछ दिया गया है। जिसका असर आने वाले समय में दिखाई देगा।
आर्थिक मामलों के जानकार विजय पचीसिया ने कहा है कि बजट में अमीरों से लेकर गरीबों को उबारने का प्रयास किया गया है। गांव के विकास से शहर के बाजार को गति देने का प्रयास किया गया है। जिसके सार्थक परिणाम आने वाले कुछ महीनों में दिखाई देेने चाहिए। बसपा जिलाध्यक्ष अरविंद आदित्य और सप जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने इस बजट को चुनावी साल से पहले किसानों पर डोरे डालने की निरर्थक पहल करार दिया गया है। कांग्रेस और रालोद ने भी कुछ ऐसे ही तर्क दिए हैं।
शहर पर असर 1-अघोषित आय की घोषणा करने वालों को कुल 45 फीसदी तक कर देना होगा, जिसके बाद दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। काली कमाई को बाहर निकालने का सरकार का प्रयास, सफलता का इंतजार।
2-30 से 60 प्रति वर्गमीटर के क्षेत्रफल वाले मकान बनाने वाले आयकर या मकानों की बिक्री पर सर्विस टैक्स नहीं देना होगा। अलीगढ़ छोटे और मध्यवर्गीय बिल्डरों को बड़ी राहत, छोटे मकान सस्ते होने की उम्मीद।
3-01 करोड़ रुपये से ऊपर की आय वालों को अब 12 फीसदी सरचार्ज की जगह अब 15 फीसदी सरचार्ज देना होगा। एक्सपोर्टर, ताला एवं बफैलो मीट कारोबारियों के साथ और प्रापर्टी डीलरों को कर का बोझ झेलना होगा।
4-50 लाख रुपये सकल सालाना प्राप्ति पर 50 फीसदी तक करयोग्य प्राफिट दिखाने वाले प्रोफेशनल स्वयं कर निर्धारण योजना में आएंगे। युवाओं को करदाता बनाने में प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद।
5-05 लाख रुपये वार्षिक आय वाले छोटे करदाताआें को अब 5000 रुपये की आयकर छूट दी गई है, जो पहले 2000 रुपये थी। अलीगढ़ के लगभग 25 हजार परिवारों को लाभ मिलेगा।
6-किरायेदारों को सालाना 60 हजार रुपये तक के किराये में आयकर छूट मिलेगी जो कि अभी तक 24 हजार रुपये सालाना थी। अलीगढ़ में रहने वाले 10 हजार परिवारों को इससे राहत मिलेगी।
7-50 लाख रुपये तक के मकान लेने वालों को 35 लाख का लोन लेने पर पहले साल ब्याज में 50 हजार रुपये तक की आयकर छूट मिलेगी। शहर के रियल एस्टेट को राहत, मकान लेने वालों की संख्या बढ़ेगी।
8-10 लाख रुपये से ऊपर की कार और 2 लाख रुपये से ज्यादा की नकद खरीददारी या सेवा लेने पर एक फीसदी का टीडीएस काटा जाएगा। नकद खरीददारी में ज्यादा प्रभाव नहीं, लेनदेन पारदर्शी होगा।
9-कृषि कल्याण सेस 0.50 फीसदी सभी टैक्सेबल सेवाओं पर चार्ज किया जाएगा, जिससे सर्विस टैक्स के दायरे में आने वाली सभी चीजें महंगी हो जाएंगी। जनता पर भी इसका असर पड़ेगा।
10-ग्रामीण क्षेत्रों में विकास होने पर शहर के बाजार तक इसका असर होगा, कारोबारियों की माने तो किसान की खुशहाली से ही पूरे बाजार को राहत मिल सकती है।