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बेग को माफी, फैज-सलीम पर दर्ज होगी एफआईआर
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Tue, 11 Jul 2017 01:12 AM IST
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- फोटो : file foto
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव काउंसिल (ईसी) ने अनियमितता के मामलों मेें पूर्व वित्त अधिकारी यास्मीन जलाल बेग को चेतावनी के साथ माफ कर दिया है। वहीं 23 लाख के गबन के आरोपी सेक्शन आफिसर फैज आलम और इंटरनल आडिट इंचार्ज सलीम अख्तर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया है।
एएमयू ईसी की विशेष बैठक सोमवार को हुई। नए कुलपति प्रो. तारिक मंसूर के कार्यकाल की यह पहली ईसी बैठक थी। इसमें पूर्व वित्त अधिकारी यास्मीन जलाल बेग के मसले पर जबर्दस्त बहस हुई। उन पर लगे आरोपों की जांच के लिए पूर्व कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी की रिपोर्ट पर बहस के बाद चेतावनी के साथ यास्मीन जलाल बेग के मामले को क्लोज करने का फैसला लिया गया।
वहीं यूनिवर्सिटी पालीटेक्निक में 23 लाख रुपये गबन के आरोपी सेक्शन आफिसर फैज आलम एवं इंटरनल आडिट के इंचार्ज सलीम अख्तर के खिलाफ एफआईआर कराने का निर्णय लिया गया। फैज आलम से 23 लाख रुपये की रिकवरी की भी कार्यवाही शुरू कर दी गई। सलीम अख्तर पर एफआईआर एवं पूर्व वित्त अधिकारी को माफी देने पर कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई। एएमयू पीआरओ आफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि न्यायालय में विचाराधीन चंद मामलों को छोड़कर ग्रीवांस कमेटी से संबंधित अन्य मसलों पर आगे विचार किया जाएगा। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर एवं वरिष्ठ ईसी सदस्य प्रो. इलियास खान के अतिरिक्त करीब 20 सदस्य मौजूद रहे।
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एएमयू ईसी की विशेष बैठक सोमवार को हुई। नए कुलपति प्रो. तारिक मंसूर के कार्यकाल की यह पहली ईसी बैठक थी। इसमें पूर्व वित्त अधिकारी यास्मीन जलाल बेग के मसले पर जबर्दस्त बहस हुई। उन पर लगे आरोपों की जांच के लिए पूर्व कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी की रिपोर्ट पर बहस के बाद चेतावनी के साथ यास्मीन जलाल बेग के मामले को क्लोज करने का फैसला लिया गया।
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वहीं यूनिवर्सिटी पालीटेक्निक में 23 लाख रुपये गबन के आरोपी सेक्शन आफिसर फैज आलम एवं इंटरनल आडिट के इंचार्ज सलीम अख्तर के खिलाफ एफआईआर कराने का निर्णय लिया गया। फैज आलम से 23 लाख रुपये की रिकवरी की भी कार्यवाही शुरू कर दी गई। सलीम अख्तर पर एफआईआर एवं पूर्व वित्त अधिकारी को माफी देने पर कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई। एएमयू पीआरओ आफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि न्यायालय में विचाराधीन चंद मामलों को छोड़कर ग्रीवांस कमेटी से संबंधित अन्य मसलों पर आगे विचार किया जाएगा। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर एवं वरिष्ठ ईसी सदस्य प्रो. इलियास खान के अतिरिक्त करीब 20 सदस्य मौजूद रहे।
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