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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Basmati rice can go abroad if you do not use chemicals: Dr. Singh

रसायनों का प्रयोग न करें तो विदेश जा सकता है बासमती चावल : डॉ. सिंह

Sun, 31 Oct 2021 01:30 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Published by: राजेश सिंह Updated Sun, 31 Oct 2021 01:30 AM IST
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परियोजना अधिकारी वाराणसी एवं रीजनल इंचार्ज एपीडा डॉ. सीवी सिंह ने कहा है कि देश के कृषि उत्पादों की विदेशों में निर्यात की अपार संभावना है। जरूरत है तो बस गुणवत्ता बनाए रखने की। अलीगढ़ में बड़े पैमाने पर उन्नत किस्म के बासमती चावल का उत्पादन होता है, लेकिन रसायनों के अत्यधिक प्रयोग के कारण यह विदेशों में नहीं जा पाता है। किसान रसायनों का प्रयोग न करके जैविक खेती अपनाएं तो निर्यात की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
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भारत सरकार के रीजनल इंचार्ज शनिवार को मंडलायुक्त के साथ मंडल में कृषि निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे थे। कमिश्नरी सभागार में हुई बैठक में सहायक कृषि विपणन अधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने कृषि निर्यात नीति वर्ष 2019 के विषय में विस्तार से जानकारी दी। मंडलायुक्त गौरव दयाल ने मंडल से निर्यात किए जाने वाले कृषि उत्पादों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों एवं कृषक उत्पादन संगठनों से पूछा कि कौन-कौन से उत्पादों का निर्यात होता है और निर्यात में क्या-क्या बाधाएं आती हैं।
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उन्होंने कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि इस नीति का कृषकों को लाभ दिलाने के लिए एफपीओ के साथ मीटिंग कर अधिक से अधिक कलस्टर बनवाने के प्रयास किए जाएं। रीजनल इंचार्ज एपीडा डॉ. सीवी सिंह ने स्पष्ट किया कि कृषि उपज को विदेशों में भेजने के लिए कृषि उपज की गुणवत्ता को सुधारा जाना आवश्यक है। यहां से बासमती चावल विदेश भेजा जाता है, किंतु रसायनों की मौजूदगी के कारण नहीं जा पाता है। उन्होंने कहा कि यदि हमारे किसान भाई गुणवत्तायुक्त उत्पाद पैदा करें, अच्छी कृषि पद्घतियां अपनाएं और वैश्विक बाजार की मांग के अनुसार उपज पैदा करें तो निर्यात की संभावना बढ़ सकती है।
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सहायक कृषि विपणन अधिकारी आगरा डॉ. दिनेश चंद्र ने बताया कि नीति में संशोधन कर क्लस्टर के लिए 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए पूरे विकास खंड को इकाई मान लिया गया है। परिवहन सब्सिडी के लिए वायु मार्ग एवं जल मार्ग से निर्यात करने पर 10 रुपये प्रति किलोग्राम या किराया भाडे़ का 25 प्रतिशत या जो कम हो और अधिकतम 10 लाख रुपया प्रति निर्यातक फर्म प्रत्येक वर्ष देय होगा। रेल, सड़क मार्ग से निर्यात करने पर 5 रुपये प्रति किलोग्राम या किराया भाड़े का 25 प्रतिशत या जो कम हो और अधिकतम 10 लाख रुपया प्रति निर्यातक फर्म प्रत्येक वर्ष देय होगा। बैठक में बड़ी संख्या में मंडलीय अधिकारी मौजूद रहे।
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अलीगढ़ मंडल में चिन्हित क्लस्टर की सूची
उत्पाद                                               जनपद
ताजी सब्जियां                                  कासगंज, अलीगढ़ एवं एटा
बासमती चावल                                      अलीगढ़
लहसुन                                                    एटा
ताजा दूध स्किम्ड दूध, पनीर, घी, मास       एटा व अलीगढ़
चिकोरी                                         एटा एवं कासगंज
आम                                             कासगंज एवं अलीगढ़
अमरूद                                         कासगंज, अलीगढ़, हाथरस एवं एटा
आलू                                               अलीगढ़ एवं हाथरस
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